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437K ताप पर निर्वात मैं PCI5 का एक नमूना एक फ्लास्क में लिया गया। साम्य स्थापित होने पर PCl5 की सांद्रता 0.5 × 10-1 mol L-1 पाई गई, यदि Kc का मान 8.3 × 10-3 है

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Question

437 K ताप पर निर्वात मैं PCI5 का एक नमूना एक फ्लास्क में लिया गया। साम्य स्थापित होने पर PCl5 की सांद्रता 0.5 × 10-1 mol L-1 पाई गई, यदि Kc का मान 8.3 × 10-3 है, तो साम्य पर PCl3 एवं Cl2 की सांद्रताएँ क्या होंगी?

\[\ce{PCl5(g) ⇌ PCl3(g) + Cl2(g)}\]

Numerical
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Solution

दी गई अभिक्रिया है,

  PCl5(g) PCl3(g) + Cl2(g)
साम्य पर 0.5 × 10-1 mol L-1   x mol L-1   x mol L-1

∴ `"K"_"c" = (x xx x)/(0.5 xx 10^-1) = 8.3 xx 10^-3` ...........(दिया है)

या x2 = (8.3 × 10-3)(0.5 × 10-1) = 4.15 × 10-4

या x = `sqrt(4.15 xx 10^-4)` = 2.04 × 10-2 M = 0.02 M

अतः [PCl3]eq = [Cl2]eq

= 0.02 M

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साम्य को प्रभावित करने वाले कारक
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Chapter 6: साम्यावस्था - अभ्यास [Page 230]

APPEARS IN

NCERT Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
Chapter 6 साम्यावस्था
अभ्यास | Q 7.19 | Page 230

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित में से साम्य में जब आयतन बढ़ाकर दाब कम किया जाता है, तब बतलाइए कि अभिक्रिया के उत्पाद के मोलों की संख्या बढ़ती है या घटती है या समान रहती है?

\[\ce{CaO(s) + CO2(g) ⇌ CaCO3(s)}\]


निम्नलिखित में से साम्य में जब आयतन बढ़ाकर दाब कम किया जाता है, तब बतलाइए कि अभिक्रिया के उत्पाद के मोलों की संख्या बढ़ती है या घटती है या समान रहती है?

\[\ce{3Fe(s) + 4H2O(g) ⇌ Fe3O4(s) + 4H2(g)}\]


निम्नलिखित ऊष्माशोषी अभिक्रिया के अनुसार ऑक्सीकरण द्वारा डाइहाइड्रोजन गैस प्राकृतिक गैस से प्राप्त की जाती है-

\[\ce{CH4(g) + H2O(g) ⇌ CO(g) + 3H2(g)}\]

Kp एवं अभिक्रिया मिश्रण का साम्य पर संघटन किस प्रकार प्रभावित होगा, यदि?

  1. दाब बढ़ा दिया जाए।
  2. ताप बढ़ा दिया जाए।
  3. उत्प्रेरक प्रयुक्त किया जाए।

बताइए कि निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में अभिकारकों एवं उत्पादों की सांद्रता सुप्रेक्ष्य होगी-

(क) \[\ce{Cl2(g) ⇌ 2Cl(g) K_c = 5 × 10^{-39}}\]

(ख) \[\ce{Cl2(g) + 2NO(g) ⇌ 2NOCl(g) K_c = 3.7 × 10^8}\]

(ग) \[\ce{Cl2(g) + 2NO2(g) ⇌ 2NO2Cl(g) K_c = 1.8}\]


25°C पर अभिक्रिया \[\ce{3O2(g) ⇌ 2O3 (g)}\] के लिए Kc का मान 2.0 x 10-50 है। यदि वायु में 25°C ताप पर O2 की साम्यावस्था सांद्रता 1.6 x 10-2 है, तो O3 की सांद्रता क्या होगी?


\[\ce{CO(g) +3H2(g)⇌CH4(g) + H2O(g)}\] अभिक्रिया एक लीटर फ्लास्क में 1300 K पर साम्यावस्था में है। इसमें CO के 0.3 मोल, H2 के 0.01 मोल, H2O के 0.02 मोल एवं CH4 की अज्ञात मात्रा है। दिए गए ताप पर अभिक्रिया के लिए Kc का मान 3.90 है। मिश्रण में CH4 की मात्रा ज्ञात कीजिए।


संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म का क्या अर्थ है? निम्नलिखित स्पीशीज़ के लिए संयुग्मी अम्ल/क्षार बताइए-

HNO2, CN, HClO4, F, OH, \[\ce{CO^{2-}_3}\] एवं S2-


स्पीशीज़ H2O, \[\ce{HCO^-_3}\], \[\ce{HSO^-_4}\] तथा NH3 ब्रन्स्टेद अम्ल तथा क्षारक-दोनों की भाँति व्यवहार करते हैं। प्रत्येक के संयुग्मी अम्ल तथा क्षारक बताइए।


एसिटिक अम्ल का आयनन स्थिरांक 1.74 × 10-5 है। इसके 0.05 M विलयन में वियोजन की मात्रा, ऐसीटेट आयन सांद्रता तथा pH का परिकलन कीजिए।


निम्नलिखित ऊष्माशोषी अभिक्रिया के अनुसार ऑक्सीकरण द्वारा डाइहाइड्रोजन गैस प्राकृतिक गैस से प्राप्त की जाती है-

\[\ce{CH4(g) + H2O(g) ⇌ CO(g) + 3H2(g)}\]

उपर्युक्त अभिक्रिया के लिए Kp का व्यंजक लिखिए।


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