English

1.0 m2 क्षेत्रफल के वर्गाकार आधार वाले किसी टैंक को बीच में ऊर्ध्वाधर विभाजक दीवार द्वारा दो भागों में बाँटा गया है। विभाजक दीवार के नीचे 20 cm2 क्षेत्रफल का कब्जेदार दरवाजा है।

Advertisements
Advertisements

Question

1.0 m2 क्षेत्रफल के वर्गाकार आधार वाले किसी टैंक को बीच में ऊर्ध्वाधर विभाजक दीवार द्वारा दो भागों में बाँटा गया है। विभाजक दीवार के नीचे 20 cm2 क्षेत्रफल का कब्जेदार दरवाजा है। टैंक का एक भाग जल से भरा है तथा दूसरा भाग 1.7 आपेक्षिक घनत्व के अम्ल से भरा है। दोनों भाग 4.0 m ऊँचाई तक भरे गए हैं। दरवाजे को बंद रखने के लिए आवश्यक बल परिकलित कीजिए।

Numerical
Advertisements

Solution

दरवाजे को बंद रखने के लिए आवश्यक बल

F = विभाजक दीवार के दोनों ओर का दाबांतर × दरवाजे का क्षेत्रफल

= (अम्ल स्तंभ का दाब – जल स्तंभ का दाब) × A

= (h . ρअम्ल × g - h × ρजल × g) × A

या F = h .  ρजल g `[ρ_"अम्ल"/ρ_"जल" - 1]` A

परन्तु यहाँ ρअम्लजल अम्ल का आपेक्षिक घनत्व = 107; g = 9.8 m/s2

h = 4.0 m, ρजल = 10kg - m-3

तथा A = 20 cm2 = 20 × 10-4 m2

∴ F = 4.0 m × 10kg - m-3 × 9.8 m/s2 [1.7 - 1] × 20 × 10-4 m2

= 54.88 N

= 55 N

shaalaa.com
दाब - गहराई के साथ दाब में परिवर्तन
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 9: तरलों के यांत्रिक गुण - अभ्यास [Page 284]

APPEARS IN

NCERT Bhautiki Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
Chapter 9 तरलों के यांत्रिक गुण
अभ्यास | Q 10.21 | Page 284

RELATED QUESTIONS

समुद्र तट से दूर कोई ऊर्ध्वाधर संरचना 109 Pa के अधिकतम प्रतिबल को सहन करने के लिए बनाई गई है। क्या यह संरचना किसी महासागर के भीतर किसी तेल कूप के शिखर पर रखे जाने के लिए उपयुक्त है? महासागर की गहराई लगभग 3km है। समुद्री धाराओं की उपेक्षा कीजिए।


दो पात्रों के आधारों के क्षेत्रफल समान हैं परंतु आकृतियाँ भिन्न-भिन्न हैं। पहले पात्र में दूसरे पात्र की अपेक्षा किसी ऊँचाई तक भरने पर दो गुना जल आता है। क्या दोनों प्रकरणों में पात्रों के आधारों पर आरोपित बल समान है। यदि ऐसा है तो भार मापने की मशीन पर रखे एक ही ऊँचाई तक जल से भरे दोनों पात्रों के पाठ्यांक भिन्न-भिन्न क्यों होते हैं?


रुधिर-आधान के समय किसी शिरा में, जहाँ दाब 2000 Pa है, एक सुई धँसाई जाती है। रुधिर के पात्र को किस ऊँचाई पर रखा जाना चाहिए ताकि शिरा में रक्त ठीक-ठीक प्रवेश कर सके। (संपूर्ण रुधिर का घनत्व = 1.06 × 10kg m-3)


यह ज्ञात है कि वायु का घनत्व ρ ऊँचाई y (मीटरों में) के साथ इस संबंध के अनुसार घटता है:
ρ = ρ0e-y/y0
यहाँ समुद्र तल पर वायु का घनत्व ρ0 = 1.25 kg m-3 तथा y0 एक नियतांक है। घनत्व में इस परिवर्तन को वायुमंडल का नियम कहते हैं। यह संकल्पना करते हुए कि वायुमण्डल का ताप नियत रहता है (समतापी अवस्था) इस नियम को प्राप्त कीजिए। यह भी मानिए कि g का मान नियत रहता है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×