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Chapters
Chapter 2: परमाणु की संरचना
Chapter 3: तत्वों का वर्गीकरण एवं गुणधर्मों मे आवर्तिता
Chapter 4: रसायनिक आबंधन तथा आणिवक संरचना
Chapter 5: द्रव्य की अवस्थाएँ
Chapter 6: उष्मागतिकी
Chapter 7: साम्यावस्था
▶ 8: अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
Chapter 9: हाइड्रोजन
Chapter 10: s-ब्लॉक तत्व
Chapter 11: p-ब्लॉक तत्व
Chapter 12: कार्बनिक रसायन - कुछ आधारभूत सिद्धांत तथा तकनीकें
Chapter 13: हयड्रोकार्बन
Chapter 14: पर्यावरणीय रसायन
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Solutions for Chapter 8: अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
Below listed, you can find solutions for Chapter 8 of CBSE NCERT for रसायन विज्ञान एक्सेम्पलर [हिंदी] इयत्ता ११.
NCERT solutions for रसायन विज्ञान एक्सेम्पलर [हिंदी] इयत्ता ११ 8 अपचयोपचय अभिक्रियाएँ अभ्यास [Pages 104 - 111]
I. बहुविकल्प प्रश्न (प्ररूप - I)
निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया अपचयोपचय (रेडॉक्स) अभिक्रिया का उदाहरण नहीं है?
\[\ce{CuO + H2 -> Cu + H2O}\]
\[\ce{Fe2O3 + 3CO -> 2Fe + 3CO2}\]
\[\ce{2K + F2 -> 2 KF}\]
\[\ce{BaCl2 + H2SO4 -> BaSO4 + 2HCl}\]
EΘ पद का मान जितना अधिक धनात्मक होता है, स्पीशीज़ की अपचित होने की प्रवृत्ति उतनी ही अधिक होती है। निम्नलिखित रेडॉक्स युगलों के मानक इलैक्ट्रोड विभव के आधार पर ज्ञात कीजिए कि इनमें से कौन-सा प्रबलतम ऑक्सीकरण कर्मक है?
EΘ मान - Fe3+/Fe2+ = +0.77; I2(s)/I− = +0.54;
Cu2+/Cu = +0.34; Ag+/Ag = +0.80 V
Fe3+
I2(s)
Cu2+
Ag+
कुछ रेडॉक्स युगलों के EΘ मान नीचे दिए गए हैं। इसके आधार पर सही विकल्प का चयन कीजिए।
EΘ मान - Br2/Br− = +1.90; Ag+/Ag(s) = +0.80
Cu2+/Cu(s) = +0.34; I2(s)/I− = +0.54
Cu से Br− का अपचयन होगा।
Cu से Ag का अपचयन होगा।
Cu से I− का अपचयन होगा।
Cu से Br2 का अपचयन होगा।
मानक इलैक्ट्रोड विभव का प्रयोग कर, वह युगल ज्ञात कौजिए जिनके मध्य रेडॉक्स अभिक्रिया संभव नहीं है?
EΘ मान - Fe3+/Fe2+ = +0.77; I2(s)/I− = +0.54;
Cu2+/Cu = +0.34; Ag+/Ag = +0.80 V
Fe3+ तथा I−
Ag+ तथा Cu
Fe3+ तथा Cu
Ag तथा Fe3+
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में, थायोसल्फेट आयोडीन और ब्रोमीन के साथ अलग-अलग प्रकार से क्रिया करता है -
\[\ce{2S2O^2-_3 + I2 -> S4O^2-_6 + 2I^-}\]
\[\ce{S2O^2-_3 + 2Br2 + 5H2O -> 2SO^2-_4 + 2Br^- + 10H^+}\]
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, थायोसल्फेट के द्वैत व्यवहार का औचित्य दर्शाता है?
आयोडीन की तुलना में ब्रोमीन प्रबल ऑक्सीकारक है।
आयोडीन की तुलना में ब्रोमीन दुर्बल ऑक्सीकारक है।
इन अभिक्रियाओं में थायोसल्फेट का ब्रोमीन द्वारा ऑक्सीकरण और आयोडीन द्वारा अपचयन होता है।
- इन अभिक्रियाओं में ब्रोमीन का ऑक्सीकरण और आयोडीन का अपचयन होता है।
यौगिक में किसी तत्व की ऑक्सीकरण संख्या किन्हीं नियमों के आधार पर ज्ञात की जाती है। इस संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा नियम सही नहीं है?
हाइड्रोजन की ऑक्सीकरण संख्या सदैव +1 होती है।
यौगिक में सभी ऑक्सीकरण संख्याओं का बीजीय योग शून्य होता है।
किसी भी तत्व की मुक्त या असंयोजित अवस्था में ऑक्सीकरण संख्या शून्य होती है।
- फ्लुओरीन की अपने सभी यौगिकों में ऑक्सीकरण संख्या – 1 होती है।
निम्नलिखित यौगिकों में से किसमें कोई तत्व दो ऑक्सीकरण अवस्थाएँ दर्शाता है?
NH2OH
NH4NO3
N2H4
N3H
निम्नलिखित में से कौन-सी व्यवस्था, केंद्रीय परमाणु की बढ़ती ऑक्सीकरण संख्या को दर्शाती है?
\[\ce{CrO^-_2, ClO^-_3, CrO^2-_4, MnO^-_4}\]
\[\ce{ClO^-_3, CrO^2-_4, MnO^-_4, CrO^-_2}\]
\[\ce{CrO^-_2, ClO^-_3, MnO^-_4, CrO^2-_4}\]
\[\ce{CrO^2-_4, MnO^-_4, CrO^-_2, ClO^-_3}\]
किसी तत्व द्वारा प्रदर्शित अधिकतम ऑक्सीकरण संख्या उसके बाह्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास पर निर्भर करती है। तत्व का निम्नलिखित में से कौन-सा बाह्य इलेक्ट्रॉनिक विन्यास, अधिकतम ऑक्सीकरण संख्या दर्शाएगा?
3d1 4s2
3d3 4s2
3d5 4s1
3d5 4s2
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में से असमानुपातन अभिक्रिया को पहचानिए।
\[\ce{CH4 + 2O2 -> CO2 + 2H2O}\]
\[\ce{CH4 + 4Cl2 -> CCl4 + 4HCl}\]
\[\ce{2F2 + 2OH- -> 2F- + OF2 + H2O}\]
\[\ce{2NO2 + 2OH- -> NO^-_2 + NO^-_3 + H2O}\]
निम्नलिखित तत्वों में से कौन-सा असमानुपातन की प्रवृत्ति प्रदर्शित नहीं करता?
Cl
Br
F
I
II. बहुविकल्प प्रश्न (प्ररूप - II) निम्नलिखित प्रश्नों में दो या इससे अधिक विकल्प सही हो सकते हैं।
निम्नलिखित अपघटन अभिक्रिया में कौन-सा/कौन-से कथन सही नहीं है/हैं?
\[\ce{2KClO3 -> 2KCl + 3O2}\]
पोटैशियम का ऑक्सीकरण हो रहा है।
क्लोरीन का ऑक्सीकरण हो रहा है।
ऑक्सीजन अपचित हो रही है।
किसी भी स्पीशीज़ का न तो ऑक्सीकरण हो रहा है न ही अपचयन।
निम्नलिखित अभिक्रिया के संबंध में सही कथन बताइए -
\[\ce{Zn + 2HCl -> ZnCl2 + H2}\]
जिंक, ऑक्सीकारक के रूप में क्रिया कर रहा है।
क्लोरीन, अपचायक के रूप में क्रिया कर रही है।
हाइड्रोजन आयन, ऑक्सीकारक के रूप में क्रिया कर रहा है।
जिंक, अपचायक के रूप में क्रिया कर रहा है।
किसी तत्व के द्वारा विभिन्न ऑक्सीकरण संख्याओं का दर्शाया जाना, उसके परमाणु के बाह्य कक्षकीय विन्यास से भी संबंधित है। अपने यौगिकों में निम्नलिखित बाह्यतम इलेक्ट्रॉनिक विन्यास वाले कौन-से परमाणु, एक से अधिक ऑक्सीकरण संख्या दर्शाएँगे?
3s1
3d14s2
3d24s2
3d24s3
निम्नलिखित अभिक्रिया के संदर्भ में सही कथन बताइए -
\[\ce{P4 + 3OH- + 3H2O -> PH3 + 3H2PO^-_2}\]
फ़ॉस्फ़ोरस का केवल अपचयन हो रहा है।
फ़ॉस्फ़ोरस का केवल ऑक्सीकरण हो रहा है।
फ़ॉस्फ़ोरस का ऑक्सीकरण तथा अपचयन दोनों हो रहे हैं।
हाइड्रोजन का न तो ऑक्सीकरण हो रहा है न ही अपचयन।
मानक हाइड्रोजन इलेक्ट्रोड से संयोजित किए जाने पर निम्नलिखित में से कौन-से इलैक्ट्रोड, ऐनोड केरूप में कार्य करेंगे?
Al/Al3+ EΘ = −1.66
Fe/Fe2+ EΘ = −0.44
Cu/Cu2+ EΘ = +0.34
\[\ce{F_2_{(g)}/2F^−_{( aq)}}\] EΘ = +2.87
III. लघु उत्तर प्रश्न
अभिक्रिया, \[\ce{Cl2_{(g)} + 2OH^-_{( aq)} -> ClO^-_{( aq)} + Cl^-_{( aq)} + H2O_{(l)}}\]
विरंजन प्रक्रम को निरूपित करती है। अभिक्रिया में उस स्पीशीज़ को पहचानिए और उसका नाम बताइए जो पदार्थ को ऑक्सीकरण द्वारा विरंजित करती है।
अम्लीय माध्यम में \[\ce{MnO^2-_4}\] की असमानुपातन अभिक्रिया होती है परन्तु \[\ce{MnO^-_4}\] की नहीं। कारण बताइए।
PbO और PbO2 की HCl के साथ निम्नलिखित अभिक्रिया होती है-
\[\ce{2PbO + 4HCl → 2PbCl2 + 2H2O}\]
\[\ce{PbO2 + 4HCl → PbCl2 + Cl2 + 2H2O}\]
इन यौगिकों की अभिक्रियाशीलता में अन्तर क्यों हैं?
नाइट्रिक अम्ल ऑक्सीकरण कर्मक है और PbO के साथ अभिक्रिया करता है परंतु PbO2 के साथ अभिक्रिया नहीं करता। समझाइए क्यों?
निम्नलिखित अभिक्रियाओं का संतुलित समीकरण लिखिए -
- अम्लीय माध्यम में परमैंगनेट आयन \[\ce{(MnO^-_4)}\], सल्फर डाइऑक्साईड गैस के साथ Mn2+ तथा हाइड्रोजनसल्फेट आयन देता है;
(आयन इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा संतुलित कीजिए) - द्रव हाइड्रेजीन (N2H4) क्षारकीय माध्यम में क्लोरेट आयन \[\ce{(Cl^-_4)}\] के साथ नाइट्रिक ऑक्साइड गैस और गैसीय अवस्था में क्लोराइड आयन देता है;
(ऑक्सीकरण संख्या विधि द्वारा संतुलित कीजिए) - गैसीय अवस्था में डाइक्लोरिन हेप्टॉक्साइड (Cl2O7) अम्लीय माध्यम में हाइड्रोजन परॉक्साइड के जलीय विलयन के साथ संयोग करके क्लोराइट आयन \[\ce{(ClO^-_2)}\] और ऑक्सीजन गैस देता है;(आयन इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा संतुलित कीजिए)
निम्नलिखित स्पीशीज़ में फास्फोरस की ऑक्सीकरण संख्या परिकलित कीजिए -
\[\ce{HPO^2-_3}\]
निम्नलिखित स्पीशीज़ में फास्फोरस की ऑक्सीकरण संख्या परिकलित कीजिए -
\[\ce{PO^3-_4}\]
निम्नलिखित यौगिकों में प्रत्येक सल्फर परमाणु की ऑक्सीकरण संख्या परिकलित कीजिए -
Na2S2O3
निम्नलिखित यौगिकों में प्रत्येक सल्फर परमाणु की ऑक्सीकरण संख्या परिकलित कीजिए -
Na2S4O6
निम्नलिखित यौगिकों में प्रत्येक सल्फर परमाणु की ऑक्सीकरण संख्या परिकलित कीजिए-
Na2SO3
निम्नलिखित यौगिकों में प्रत्येक सल्फर परमाणु की ऑक्सीकरण संख्या परिकलित कीजिए -
Na2SO4
ऑक्सीकरण संख्या विधि द्वारा समीकरण को संतुलित कीजिए-
\[\ce{Fe^2+ + H^+ + Cr2O^2-_7 -> Cr^3+ + Fe^3+ + H2O}\]
ऑक्सीकरण संख्या विधि द्वारा समीकरण को संतुलित कीजिए-
\[\ce{I2 + NO^-_3 → NO2 + IO^-_3}\]
ऑक्सीकरण संख्या विधि द्वारा समीकरण को संतुलित कीजिए-
\[\ce{I2 + S2O^2-_3 → I- + S4O^2-_6}\]
ऑक्सीकरण संख्या विधि द्वारा समीकरण को संतुलित कीजिए-
\[\ce{MnO2 + C2O^2-_4 -> Mn^2+ + CO2}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया में से अपचयोपचय अभिक्रिया पहचानिए तथा इनमें ऑक्सीकरण कर्मक और अपचयन कर्मक की पहचान कीजिए-
\[\ce{3HCl_{( aq)} + HNO3_{( aq)} → Cl2_{(g)} + NOCl_{(g)} + 2H2O_{(l)}}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया में से अपचयोपचय अभिक्रिया पहचानिए तथा इनमें ऑक्सीकरण कर्मक और अपचयन कर्मक की पहचान कीजिए-
\[\ce{HgCl2_{( aq)} + 2KI_{( aq)} → HgI2_{(s)} + 2KCl_{( aq)}}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया में से अपचयोपचय अभिक्रिया पहचानिए तथा इनमें ऑक्सीकरण कर्मक और अपचयन कर्मक की पहचान कीजिए-
\[\ce{Fe2O3_{(s)} + 3CO_{(g)} ->[Δ][]2Fe_{(s)} + 3CO2_{(g)}}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया में से अपचयोपचय अभिक्रिया पहचानिए तथा इनमें ऑक्सीकरण कर्मक और अपचयन कर्मक की पहचान कीजिए-
\[\ce{PCl3_{(l)} + 3H2O_{(l)} → 3HCl_{( aq)} + H3PO3_{( aq)}}\]
निम्नलिखित अभिक्रिया में से अपचयोपचय अभिक्रिया पहचानिए तथा इनमें ऑक्सीकरण कर्मक और अपचयन कर्मक की पहचान कीजिए-
\[\ce{4NH3 + 3O2_{(g)} -> 2N2_{(g)} + 6H2O_{(g)}}\]
निम्नलिखित आयनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए -
\[\ce{Cr2O^2-_7 + H+ + I^- → Cr^3+ + I2 + H2O}\]
निम्नलिखित आयनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए -
\[\ce{Cr2O^2-_7 + Fe^2+ + H+ → Cr^3+ + Fe^3+ + H2O}\]
निम्नलिखित आयनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए -
\[\ce{MnO^-_4 + SO^2-_3 + H+ → Mn^2+ + SO^2-_4 + H2O}\]
निम्नलिखित आयनिक समीकरणों को संतुलित कीजिए -
\[\ce{MnO^-_4 + H+ + Br- → Mn^2+ + Br2 + H2O}\]
IV. सुमेलन प्रश्न
केंद्रीय परमाणुओं की ऑक्सीकरण अवस्थाओं के लिए कॉलम-I को कॉलम-II के साथ सुमेलित कीजिए।
| कॉलम-I | कॉलम-II | ||
| (i) | \[\ce{Cr2O^2-_7}\] | (a) | +3 |
| (ii) | \[\ce{Cr2O^-_4}\] | (b) | +4 |
| (iii) | \[\ce{VO^-_3}\] | (c) | +5 |
| (iv) | \[\ce{FeF^3-_6}\] | (d) | +6 |
| (e) | +7 |
कॉलम-I के मदों को कॉलम-II में दिए सार्थक मदों के साथ सुमेलित कीजिए।
| कॉलम-I | कॉलम-II | ||
| (i) | धन आवेश युक्त आयन | (a) | +7 |
| (ii) | उदासीन अणु में सभी परमाणुओं की ऑक्सीकरण संख्याओं का योग | (b) | –1 |
| (iii) | हाइड्रोजन आयन (H+) की ऑक्सीकरण संख्या | (c) | +1 |
| (iv) | NaF में फ्लोरीन की ऑक्सीकरण संख्या | (d) | 0 |
| ऋण आवेश युक्त आयन | (e) | धनायन | |
| (f) | ऋणायन |
V. अभिकथन एवं तर्क प्रश्न निम्नलिखित प्रश्नों में अभिकथन (A) और तर्क (R) के कथन दिए हैं। प्रत्येक प्रश्न के नीचे लिखे विकल्पों में से सही विकल्प का चयन कीजिए।
अधिकथन (A) - हैलोजनों में फ्लुओरीन सर्वोत्तम ऑक्सीकारक है।
तर्क (R) - फ्लुओरीन सबसे अधिक विद्युत ऋणात्मक परमाणु है।
A और R दोनों सही हैं एवं R, A का सही तर्क है।
A व R दोनों सही हैं परन्तु R, A का सही तर्क नहीं है।
A सही है परन्तु R गलत है।
A और R दोनों गलत हैं।
अभिकथन (A) - पोटैशियम परमैंगनेट और पोटैशियम आयोडाइड के मध्य अभिक्रिया में, परमैंगनेट आयन ऑक्सीकरण कर्मक का कार्य करता है।
तर्क (R) - अभिक्रिया में मैंगनीज की ऑक्सीकरण अवस्था +2 से +7 में परिवर्तित होती है।
A और R दोनों सही हैं एवं R, A का सही तर्क है।
A व R दोनों सही हैं परन्तु R, A का सही तर्क नहीं है।
A सही है परन्तु R गलत है।
A और R दोनों गलत हैं।
अभिकथन (A) - हाइड्रोजन परॉक्साइड का जल और ऑक्सीजन में अपघटन, असमानुपातन अभिक्रिया का उदाहरण है।
तर्क (R) - परॉक्साइड की ऑक्सीजन, −1 ऑक्सीकरण अवस्था में है जो O2 में शून्य ऑक्सीकरण अवस्था में और H2O में −2 ऑक्सीकरण अवस्था में परिवर्तित हो जाती है।
A और R दोनों सही हैं एवं R, A का सही तर्क है।
A व R दोनों सही हैं परन्तु R, A का सही तर्क नहीं है।
A सही है परन्तु R गलत है।
A और R दोनों गलत हैं।
अभिकथन (A) - रेडॉक्स युग्म ऑक्सीकरण या अपचयन अर्ध सेल में निहित पदार्थ के ऑक्सीकृत या अपचित रूप का संयोजन होता है।
तर्क (R) - निरूपण \[\ce{E^Θ_{Fe^{3+}/Fe^{2+}}}\] तथा \[\ce{E^Θ_{Cu^{2+}/Cu}}\] में Fe3+/Fe2+ तथा Cu2+/Cu रेडॉक्स युग्ल हैं।
A और R दोनों सही हैं एवं R, A का सही तर्क है।
A व R दोनों सही हैं परन्तु R, A का सही तर्क नहीं है।
A सही है परन्तु R गलत है।
A और R दोनों गलत हैं।
VI. दीर्घ उत्तर प्रश्न
इलेक्ट्रॉन अंतरण के आधार पर रेडॉक्स अभिक्रियाओं की व्याख्या कीजिए। समुचित उदाहरण भी दीजिए।
मानक इलेक्ट्रोड विभव मानों के आधार पर बताइए कि निम्नलिखित में से कौन-सी अभिक्रिया घटित होगी? (E° के मान के लिए पाठ्यपुस्तक का अवलोकन कीजिए।)
\[\ce{Cu + Zn^2+ → Cu^2+ + Zn}\]
\[\ce{Mg + Fe^2+ → Mg^2+ + Fe}\]
\[\ce{Br2 + 2Cl^- → Cl2 + 2Br^-}\]
\[\ce{Fe + Cd^2+ → Cd + Fe^2+}\]
फ्लुओरीन असमानुपातन अभिक्रिया क्यों नहीं दर्शाती?
- \[\ce{Cu + Zn^2+ → Cu^2+ + Zn}\]
- \[\ce{Mg + Fe^2+ → Mg^2+ + Fe}\]
- \[\ce{Br2 + 2Cl^- → Cl2 + 2Br^-}\]
- \[\ce{Fe + Cd^2+ → Cd + Fe^2+}\]
(i) से (iv) तक अभिक्रियाओं में रेडॉक्स युगल की पहचान कीजिए।
निम्नलिखित यौगिकों में क्लोरीन की ऑक्सीकरण संख्या बताइए एवं यौगिकों को क्लोरीन की बढ़ती हुई ऑक्सीकरण संख्या के अनुसार क्रमबद्ध कीजिए।
NaClO4, NaClO3, NaClO, KClO2, Cl2O7, ClO3, Cl2O, NaCl, Cl2, ClO2.
कौन-सी ऑक्सीकरण अवस्था उपरोक्त में से किसी भी यौगिक में उपस्थित नहीं है?
अपचायक/ऑक्सीकारक की किसी विलयन में प्रबलता ज्ञात करने के लिए किस विधि का उपयोग कर सकते हैं? एक उदाहरण की सहायता से समझाइए।
Solutions for 8: अपचयोपचय अभिक्रियाएँ
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