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प्रश्न
निम्नलिखित अभिक्रियाओं में, थायोसल्फेट आयोडीन और ब्रोमीन के साथ अलग-अलग प्रकार से क्रिया करता है -
\[\ce{2S2O^2-_3 + I2 -> S4O^2-_6 + 2I^-}\]
\[\ce{S2O^2-_3 + 2Br2 + 5H2O -> 2SO^2-_4 + 2Br^- + 10H^+}\]
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन, थायोसल्फेट के द्वैत व्यवहार का औचित्य दर्शाता है?
पर्याय
आयोडीन की तुलना में ब्रोमीन प्रबल ऑक्सीकारक है।
आयोडीन की तुलना में ब्रोमीन दुर्बल ऑक्सीकारक है।
इन अभिक्रियाओं में थायोसल्फेट का ब्रोमीन द्वारा ऑक्सीकरण और आयोडीन द्वारा अपचयन होता है।
- इन अभिक्रियाओं में ब्रोमीन का ऑक्सीकरण और आयोडीन का अपचयन होता है।
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उत्तर
आयोडीन की तुलना में ब्रोमीन प्रबल ऑक्सीकारक है।
स्पष्टीकरण:
- ब्रोमीन का प्रभाव: ब्रोमीन (Br2) एक प्रबल ऑक्सीकारक है, जो थायोसल्फेट को उच्च ऑक्सीकरण अवस्था वाले सल्फेट \[\ce{(SO}_4^{2-})\] में ऑक्सीकृत कर देता है।
-
आयोडीन का प्रभाव: आयोडीन (I2) अपेक्षाकृत दुर्बल ऑक्सीकारक है, जो थायोसल्फेट को केवल टेट्राथियोनेट \[\ce{(SO}_6^{2-})\] तक ही ऑक्सीकृत कर पाता है।
अतः, थायोसल्फेट का यह भिन्न व्यवहार दोनों हैलोजन की भिन्न ऑक्सीकरण क्षमताओं के कारण होता है, जिसके आधार पर आयोडीन की तुलना में ब्रोमीन प्रबल ऑक्सीकारक है।
