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Hindi (Indian Languages) Official 2022-2023 ISC (Commerce) Class 12 Question Paper Solution

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Hindi (Indian Languages) [Official]
Marks: 80 CISCE
ISC (Commerce)
ISC (Arts)
ISC (Science)

Academic Year: 2022-2023
Date & Time: 3rd March 2023, 2:00 pm
Duration: 3h
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(Candidates are allowed an additional 15 minutes for only reading the paper. They must NOT start writing during this time.)

Answer questions 1, 2, and 3 in Section A and four other questions from Section B on any three out ofthe four prescribed textbooks.

The intended marks for questions or parts of questions are given in brackets [].


SECTION - A (LANGUAGE - 40 MARKS)
Write a composition in approximately 400 words in Hindi on any one of the topics given below.
[15]1. (i)

निम्नलिखित विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो:

आपके पिता ने सपरिवार देशाटन की योजना बनाई और आप सब पूरी तैयारी के साथ यात्रा पर निकल पड़े देश के अद्भुत प्राकृतिक सौन्दर्य ने आपको मंत्रमुग्ध कर दिया। उस यात्रा के दौरान जो आनन्द की अनुभूति आपने की, उसका वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

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Chapter:
[15]1. (ii)

निम्नलिखित विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो:

सर्वदा सकारात्मक सोच रखने वाले मनुष्य के जीवन से सभी मुश्किलें बड़ी आसानी से दूर हो जाती हैं और यदि सोच नकारात्मक हो, तो जीवन में दुःख के सिवा कुछ प्राप्त नहीं होता। इस विषय के सम्बन्ध में अपने विचार प्रस्तुत कीजिए।

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Chapter:
[15]1. (iii)

निम्नलिखित विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो:

बचपन से लेकर किशोरावस्था तक आपकी विचारधारा में बहुत परिवर्तन आया है। आप पहले से अधिक समझदार और परिपक्व हुए हैं। बचपन की कुछ ऐसी घटनाओं का वर्णन कीजिए जिसे याद कर आपको आज भी हँसी आ जाती है और अब लगता है कि आप बड़े हो गए हैं।

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Chapter:
[15]1. (iv) a.

निम्नलिखित विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो:

‘गाँवों में रहकर जीवन बिताना, शहरी जीवन की तुलना में, अधिक आनन्ददायक तथा आसान होता है।’ - इस विषय के पक्ष में अपने विचार प्रस्तुत कीजिए।

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Chapter:
[15]1. (iv) b.

निम्नलिखित विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो:

‘गाँवों में रहकर जीवन बिताना, शहरी जीवन की तुलना में, अधिक आनन्ददायक तथा आसान होता है।’ - इस विषय के विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत कीजिए।

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Chapter:
[15]1. (v)

निम्नलिखित विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो:

किसी गलतफहमी के कारण कई वर्षों तक आपकी अपने एक अच्छे मित्र से बातचीत नहीं हुई। अब आप दोनों की बातचीत फिर से शुरू हो गई है। आपकी मित्रता में यह गलतफहमी क्यों उत्पन्न हुई तथा अब सब कुछ सामान्य हो जाने पर आप कैसा महसूस करते हैं? समझाकर लिखिए।

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Chapter:
[15]1. (vi) (a)

निम्नलिखित विषय पर मौलिक कहानी लिखिए:

‘परिश्रमी मनुष्य कभी ईश्वर की कृपा से वंचित नहीं रह सकता।’

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Chapter:
[15]1. (vi) (b)

निम्नलिखित वाक्य से अन्त करते हुए एक कहानी लिखिए।

......... और उनका वह एहसान मैं जीवन भर न भुला सका/सकी।

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Chapter:
Read the passage given below carefully and answer the questions that follow, using your own words in Hindi.
[15]2.

नीचे दिए गए गद्यांश को ध्यान से पढ़िए और अपने शब्दों का प्रयोग करते हुए निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में दीजिए:

कुछ समय पहले की बात है। मेट्रो रेल में सफर करते समय एक अलग अनुभव हुआ। एक छोटी-सी बच्ची ने अपनी चुलबुली हरकतों से रेल के उस पूरे डिब्बे को खुशनुमा कर रखा था। कभी वह अपने परिवार के लोगों के कहने पर तोतली जुबान में कोई फिल्मी गीत सुनाती,तो कभी किसी गीत के बोल पर ठुमके लगाती। उस डिब्बे में मौजूद लोगों के बीच जहाँ तक उसकी जीवंतता की लहरें पहुँच रही थी, वहाँ तक हर चेहरे पर मुस्कान सज गई थी। निश्चित रूप से उसकी बाल-सुलभ चपलता और हाज़िरजवाबी का आनन्द उठाते सभी चेहरे किसी न किसी गंतव्य तक पहुँचने के लिए ही वहाँ थे या गंतव्य से वापस लौट रहे थे। उनमें नौकरीपेशा वर्ग, विद्यार्थी, गृहणियाँ और उन तमाम वर्गों के लोग शामिल थे, जो अपनी यात्रा के लिए मेट्रो का सफर सुविधाजनक समझते हैं। जाहिर है, सभी के मन मस्तिष्क में कुछ न कुछ चल रहा होगा! यानि समय पर कहीं पहुँचने की फिक्र, पहुँचने के बाद किसी से मिलने या काम करने की फिक्र, ऑफिस या घर के किसी काम की फिक्र आदि। लेकिन उस बच्ची की प्यारी हरकतों ने कुछ समय के लिए उन सब गंभीर विचारों को मस्तिष्क से निकाल कर आसपास खड़े लोगों के बीच अपनी जगह बना ली थी। उसने कुछ क्षणों के लिए हम सबके अन्दर सोए हुए बच्चे को जगा दिया था।

इन सबके बीच केवल एक महोदय का चेहरा था,जो उदास था। ऐसा लग रहा था कि कठोरता की परछाई उन्हें छोड़ कर जाने को बिल्कुल तैयार नहीं थी। मुझे थोड़ा आश्चर्य भी हुआ उनकी उदासीनता पर। शायद कोई परेशानी रही हो,जो उन्हें इस मुस्कान से दूर रखे हुए थी या फिर हो सकता है कि उनका स्वभाव ही ऐसा हो।

एक छोटा बच्चा बहुत कोमल होता है, तन और मन दोनों से वह इतना संवेदनशील होता है कि न्यूनतम प्रेम, भय और दुत्कार को भी भली-भाँति समझता और अनुभव करता है। उसके प्रति अपनी प्रतिक्रिया देता है। लेकिन ज्यों-ज्यों हमारी उम्र बढ़ती जाती है, यह संवदेनशीलता हम सबमें कम होती जाती है। कारण कई हो सकते हैं-पारिवारिक, सामाजिक, मानसिक या आर्थिक । बहुत हद तक हमारा कामकाज का क्षेत्र या व्यवसाय भी इसके लिए उत्तरदायी होता है। उदाहरण के तौर पर जहाँ मनोरंजन और कला के क्षेत्र से जुड़े लोग अपनी संवेदनशीलता को बचाए रख पाने में सक्षम होते हैं, वहीं आज की कठोर दुनिया की कड़वी सच्चाइयों को बटोरते हुए और दिन-रात उसी में माथा खपाते हुए लोग धीरे-धीरे संवेदनशीलता से दूर होते चले जाते हैं। अब प्रश्न यह उठता है कि हम प्रकृति प्रदत्त इस मानवीय गुण को किस प्रकार सींचें, जिससे यह वक्त और समाज के बेरहम थपेड़ों से कुम्हलाने की बजाय हमेशा हरा-भरा रहे! इसके लिए हमें जरूरत है संवेदनाओं के सम्पर्क में रहने, भावनात्मक साहित्य पढ़ने, ऐसी फिल्में देखने, ऐसे मित्रों के साथ समय बिताने की, जिनके अन्दर बचपन और भावनाएँ अभी तक जीवित हैं। ऐसा संगीत सुनने की जरूरत है, जो हमें याद दिलाए कि हमारे अन्दर भी एक हृदय धड़कता है। वे सब अनुभव, जो कभी हमारे अधरों पर मुस्कान, तो कभी हमारी आँखों में नमी के बादल ला दें,का जिन्दा रहना बहुत जरूरी है।

प्रश्न:

  1. लेखक किसमें सफर कर रहे थे? सफर के दौरान क्या देखकर उन्हें खुशी हुई? समझाकर लिखिए।  (3)
  2. लेखक को किसे देखकर आश्चर्य हुआ और क्यों? उन्हें देखकर लेखक ने क्या सोचा?  (3)
  3. उम्र बढ़ने के साथ संवेदनशीलता कम होने के क्या कारण हैं ? समझाकर लिखिए।  (3)
  4. “आज की कठोर दुनिया की कड़वी सच्चाइयों को बटोरते हुए और दिन-रात उसी में माथा खपाते हुए लोग धीरे-धीरे संवदेनशीलता से दूर होते चले जाते हैं।”
    1. ‘संवेदनशीलता’ शब्द का सही अर्थ है   (1)
      1. भावुकता
      2. मूर्खता
      3. उदारता
      4. असहजता
    2. लोग किसमें दिन-रात माथा खपा रहे हैं?   (1)
      1. पैसे गँवाने में।
      2. बदनाम करने में।
      3. कड़वी सच्चाइयों को बटोरने में।
      4. खुशियों को लुटाने में।
    3. ‘माथा खपाना’ का अभिप्राय क्या है?   (1)
      1. माथा पीटना।
      2. सिर धुनना।
      3. माथापच्ची करना।
      4. खिच खिच करना।
  5. “वे सब अनुभव, जो कभी हमारे अधरों पर मुस्कान, तो कभी हमारी आँखों में नमी के बादल ला दें,का जिन्दा रहना बहुत जरूरी है।”
    1. हमारे अधरों पर मुस्कान किससे आती है?   (1)
      1. उदासीनता से।
      2. असंवेदनशीलता से।
      3. भावनात्मकं साहित्य पढ़ने से।
      4. वैमनस्यता से।
    2. ‘आँखों में नमी के बादल’ से लेखक का क्या अभिप्राय है?   (1)
      1. दुःख में आँसू आना।
      2. गुस्से में आँसू आना।
      3. भावुकता में आँसू आना।
      4. बिछुड़ने पर आँसू आना।
    3. इस गद्यांश का उचित शीर्षक क्या हो सकता है?   (1)
      1. संवेदनशीलता
      2. सरलता
      3. प्रौढ़ता
      4. सम्पन्नता
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Chapter:
Do as directed: निर्देशानुसार उत्तर दीजिए:
[1]3. (A) (i)

निम्नलिखित वाक्य का शुद्ध रूप लिखिए।

आजादी के अमृत महोत्सव में अनेकों राज्यों ने भाग लिया।

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Chapter:
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[1]3. (A) (ii) | रिक्त स्थान में सही शब्द भरिए।

अब तुम जले पर ______ मत छिड़को।

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Chapter:
[1]3. (A) (iii)

निम्नलिखित वाक्यों में से शुद्ध वाक्य का चयन कीजिए।

यह तो वही बात हुई ‘जैसा करोगे वैसा भरोगे’।

यह तो वही बात हुई ‘जितना करोगे उतना भरोगे’।

यह तो वही बात हुई ‘जैसा भरोगे वैसा करोगे’।

यह तो वही बात हुई ‘जो करोगे सो भरोगे’।

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Chapter:
[1]3. (A) (iv)

निम्नलिखित वाक्यों में से अशुद्ध वाक्य का चयन कीजिए।

महाराणा प्रताप युद्ध के मैदान में वीरगति को प्राप्त हुए।

झाँसी की रानी एक वीरांगना थीं।

अक्सर लोग राजगद्दी पाने के लिए अपने प्रियजनों की मृत्यु कर देते हैं।

अर्जुन सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर थे।

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Chapter:
[1]3. (A) (v)

निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित शब्द के लिए सही शब्द का चयन कीजिए।

मैं उपेक्षा करता हूँ कि तुम यह कार्य पूर्ण कर लोगे।

संदेह

विश्वास

अपेक्षा

वादा

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Chapter:
Do as directed: निर्देशानुसार उत्तर दीजिए:
[1]3. (B) (i)

निम्नलिखित मुहावरे से वाक्य बनाइए।

बाग-बाग होना।

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Chapter:
[1]3. (B) (ii)

निम्नलिखित मुहावरे को शुद्ध कीजिए।

दिन दूनी रात तिगुनी तरक्की करना।

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Chapter:
[1]3. (B) (iii)

निम्नलिखित वाक्य में रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए एक सटीक मुहावरे का कीजिए।

कई बार अपना काम सीधे तरीके से नहीं हो पाता तब ______ पड़ता है।

टूट पड़ना

टेढ़ी उँगली से घी निकालना

टोपी उछालना

जड़ खोदना

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Chapter:
[1]3. (B) (iv)

निम्नलिखित वाक्य के लिए एक सटीक मुहावरे का चयन कीजिए।

‘बिना सोचे समझे किसी कार्य को करने वाले अन्त में पछताते हैं।’

हाथ मलना।

हाथ साफ करना।

हाथ डालना।

हाथ खाली होना।

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Chapter:
[1]3. (B) (v)

निम्नलिखित मुहावरे के सही अर्थ का चयन कीजिए।

राई का पहाड़ बनाना

छोटे व्यक्ति का उन्नति करना।

छोटी-सी बात को बेवजह बढ़ाना।

छोटे-छोटे प्रयासों से सफलता पाना।

छोटा-सा रहस्य प्रकट होना।

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Chapter:
SECTION B (LITERATURE - 40 Marks)
Answerfour questions from this Section on any three ofthe prescribed textbooks. पाठ्यक्रम में निर्धारित चार पुस्तकों में से किन्हीं तीन पुस्तकों के चार प्रश्नों के उत्तर इस भाग से दीजिए।
[10]4. | गद्य संकलन (Gadya Sankalan)

“सच । मेरी बड़ी चिंता दूर हुई। इस बार भगवान् ने मेरी सुन ली। ज़रूर परसाद चढ़ाऊँगी रे!”

  1. उक्त पंक्तियों से सम्बन्धित पाठ तथा लेखक का नाम लिखिए। (1)
  2. अम्मा इस समय किस से बात कर रही हैं तथा वे परसाद क्यों चढ़ाना चाहती हैं?   (2)
  3. ‘इस बार भगवान ने मेरी सुन ली’ - इस बार ऐसा क्या हुआ था जो पिछली बार नहीं हो पाया था?   (2)
  4. ‘आर्थिक तथा सामाजिक मजबूरियों के कारण दो पीढ़ियों को अलगाव का दर्द सहना पड़ता है।’ इस कथन की पुष्टि इस कहानी के आधार पर कीजिए।   (5)
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Chapter:
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[10]5.

‘पुत्र प्रेम’ कहानी में लेखक ने चैतन्यदास के माध्यम से एक ऐसे पिता का चित्रण किया है, जिन्होंने अपने पुत्र-प्रेम की तुलना में अर्थ प्रेम को अधिक महत्त्व दिया। क्या आप इस कथन से सहमत हैं? कहानी के आधार पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।

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Chapter:
[10]6.

‘दासी’ कहानी का शीर्षक उपयुक्त तथा सार्थक है - इस कथन के सम्बन्ध में अपने विचार व्यक्त कीजिए। क्या इस कहानी का कोई और शीर्षक हो सकता था? तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।

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Chapter:
काव्य मंजरी (Kavya Manjari)
[10]7.
“जाऊँ कहाँ तजि चरन तुम्हारे
काको नाम पतित पावन जग केहि अति दीन पियारे।
कौने देव बराइ बिरद हित, हठि-हठि अधम उधारे।
खग, मृग, व्याध, पणान, विटप जड़, जवन-कवन सुर तारे।
देव, दनुज, मुनि, नाग, मनुज सब, माया-बिबस बिचारे।
तिनके हाथ दास तुलसी प्रभु, कहा अपुनपौ हारे।।”
  1. कवि ने उक्त पंक्तियों में ‘पतित पावन’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया है? उन्हें कौन अत्यंत प्रिय हैं?   (1)
  2. ‘पषान’ और ‘मृग’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है? समझाकर लिखिए।   (2)
  3. ‘तिनके हाथ दास तुलसी प्रभु, कहा अपुनपौ हारे’ पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।    (2)
  4. तुलसीदास जी का संक्षिप्त परिचय देते हुए उनकी भक्ति-भावना पर प्रकाश डालिए।   (5)
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Chapter:
[10]8.

“आः धरती कितना देती है” में कवि ने बचपन में और वर्षों बाद बड़े होकर क्या बोया था? दोनों परिस्थितियों में क्या परिणाम हुआ? इसके माध्यम से कवि ने क्या संदेश देना चाहा है? समझाकर लिखिए।

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Chapter:
[10]9.

‘कवि हरिवंशराय बच्चन जी ने ‘अंधेरे का दीपक’ कविता में मनुष्य को आशावादी बने रहने की प्रेरणा दी है।’ इस कथन को स्पष्ट करते हुए जीवन में आशावादिता के महत्त्व पर अपने विचार लिखिए।

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Chapter:
‘सारा आकाश’ (Saara Akash)
[10]10.

“क्या दिन-रात की चख-चख होती रहती है? दिन निकला और शुरू हो गया। कोई और काम नहीं है क्या? नौ बज रहे हैं।”

  1. उक्त कथन के वक्ता और श्रोता कौन हैं?   (1)
  2. वक्ता के उक्त कथन पर परिवार के सदस्यों की क्या प्रतिक्रिया थी? वक्ता की माँ ने उसके इस कथन पर क्या कहा?   (2)
  3. ‘दिन-रात की चख-चख’ किसके कारण हो रही थी? उसकी कोई दो विशेषताएँ लिखिए।    (2)
  4. ‘संयुक्त परिवार में रहकर कोई अपने व्यक्तित्व का विकास नहीं कर पाता है।’ क्या आप इस कथन से सहमत हैं? उपन्यास के आधार पर लिखिए।    (5)
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Chapter:
[10]11.

“प्रभा के प्रति मेरे मन में प्यार, उसकी मजबूरियों और तकलीफों के प्रति दया है, या सिर्फ अपने किए पर पछतावा है?” इस कथन के पीछे समर की क्या मानसिकता है? अपनी पत्नी प्रभा के साथ उसके रिश्तों में आए बदलाव का वर्णन कीजिए।

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Chapter:
[10]12.

‘सारा आकाश’ उपन्यास ने समाज की उन नारियों का प्रतिनिधित्व किया है जो पारिवारिक कलह को सहन कर परिवार में सुख–सम्पन्नता लाना चाहती हैं। इस कथन के आलोक में प्रभा का चरित्र–चित्रण कीजिए।

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Chapter:
‘आषाढ़ का एक दिन’ (Aashad Ka Ek Din)
[10]13.

“............. तुम चाहते हो इस समय मैं यहाँ से चला जाऊँ। मैं चला जाता हूँ। इसलिए नहीं कि तुम आदेश देते हो। परन्तु इसलिए कि तुम आज अतिथि हो, और अतिथि की इच्छा का मान होना चाहिए।”

  1. उक्त कथन के वक्ता और श्रोता कौन हैं?   (1)
  2. उक्त कथन का सन्दर्भ स्पष्ट कीजिए।    (2)
  3. “अतिथि की इच्छा का मान होना चाहिए।” यह कथन वक्ता ने श्रोता से क्यों कहा?   (2)
  4. ‘वक्ता दुरदर्शी और वाग्वल है।’ नाटक के आधार पर उदाहरण देते हुए स्पष्ट कीजिए।   (5)
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Chapter:
[10]14.
“अन्य लोगों को उससे क्या प्रयोजन है! परन्तु मुझे है। उसके प्रभाव से मेरा घर नष्ट हो रहा है।” अम्बिका की इस नाटक में भूमिका समझाते हुए उक्त कथन के आधार पर उसका चरित्र-चित्रण कीजिए।
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Chapter:
[10]15.

‘आषाढ़ का एक दिन’ नाटक के माध्यम से नाटककार ने आधुनिक युग की समस्याओं को उजागर करने का सफल प्रयास किया है। इस कथन की विवेचना कीजिए।

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Chapter:

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