Advertisements
Advertisements
प्रश्न
तालिकां पूरयत
| धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| भुज् (७ उ.) | खादति | लट् विधिलिङ् |
______ भुञ्जीत | भुञ्जाथे भुञ्जीयाताम् |
भुङ्ग्ध्वे ______ |
Advertisements
उत्तर
| धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| भुज् (७ उ.) | खादति | लट् विधिलिङ् |
भुङ्क्षे भुञ्जीत | भुञ्जाथे भुञ्जीयाताम् |
भुङ्ग्ध्वे भुञ्जीरन् |
संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत
४९ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः/अङ्कंः लिखत ।
षट्सप्ततिः - ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत ।
राक्षसेभ्यः जनकस्य सुतां हृत्वा परी ययौ।
(वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत ।
अहं वाणिज्यशाखायाः स्नातकः।
(वाक्य बहुवचने परिवर्तयत ।)
योग्यं पर्यायं चिनुत ।
त्वं धनुः ______।
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
त्वं धनुः त्यज । (त्वं ' स्थाने "भवान्" योजयत ।)
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
भूमातुः उपदेशं मनसि निधाय पृथुवैन्यः कृषिकार्यम् अकरोत् । (भूमातुः स्थाने 'भूमि' शब्दस्य योग्यं रूपं लिखत ।)
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
अहं प्रसन्ना भविष्यामि । (लृट् स्थाने लिङ् प्रयोगं कुरुत ।)
सुचननुसारं कृतीः कुरुत।
भूमिः स्त्रीरूपं धृत्वा तस्य पुरतः प्रकटिता अभवत्। (पूर्वकालवाचक-त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
मेलनं कुरुत ।
| विशेषणम् | कृशाः | उर्वरा | आनन्दिताः | दुःशासकः | प्रजाहितदक्षः |
| विशेष्यम् | पृथुः | वेनः | प्रजाः | भूमिः | प्रजाजनाः |
सन्धिविग्रह कुरुत।
उदर एव ।
उत्तरपदं लिखत ।
जम्बृकोऽयम् = जम्बूकः + ______
प्रश्रनिमांण करुत ।
प्रदोषकाले मृगमन्विष्यन् काकः कत्र उपस्थितः ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
वयम् आनन्देन एकत्र निवसामः। (लटलकारस्थाने लङ्लकार योजयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अद्यैव ।
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
बकास्तत्र
समासविग्रहं कुरुत-
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| धनधान्यपुष्पफलानि | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत-
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चोरलुण्ठकेभ्य: भयम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| मृगशृगालौ | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्षेत्रपति: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| लगुडहस्तः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| विद्याविहीनः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| नीतिनिपुणः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| शुकसारिका: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| चरणविकल: | ______ | _____ |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
सुगत एवाधिकतम मूल्यं मह्यं दद्यात् ।
सूचनानुसार कृती: कुरुत ।
अर्णवः जपाकुसुमं गृहीत्वा प्रविशति ।
(पूर्वकालवाचकम् अव्ययं निष्कासयत ।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत ।
महाविद्यालये कणादविषयकाणि पुस्तकानि सन्ति। (वाक्यम् एकवचने परिवर्तयत ।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
भवान् स्वीकरोतु। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत ।
अहं विस्तरेण पठितुम् इच्छामि । (वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत ।)
नामतालिकां पूरयत ।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ग्राव्णे | ______ | ______ | चतुर्थी |
नामतालिकां पूरयत ।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| संन्यासिनि | ______ | ______ | सप्तमि |
क्रियापदतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
| ______ | जीवत: | ______ | प्रथमः | लट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
| ______ | धारयेथाम् | ______ | मध्यमः | लोट् |
क्रियापदतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
| ______ | ______ | चिन्तयामहे | उत्तमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| जपाकुसुमम् | ______ | _____ |
नामतालिकां पूरयत
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | अप्सरोभ्याम् | ______ | तृतीया |
नामतालिकां पूरयत
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | दृग्भ्याम् | ______ | चतुर्थी |
तालिकां पूरयत
| धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ब्रू (२ उ.) | वदति | लङ् | ______ | अब्रूताम् | अब्रुवन् |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
धेनुः वास्तविकी एव ।
नाम-तालिकापूर्ति कुरुत
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | ______ | धन्विभ्यः | पञ्चमी |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
ततस्सा ।
धातु-तालिकां पूरयत।
| लकारा: | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| लड् | ..... | ..... | अभवन् | प्रथमः |
धातु-तालिकां पूरयत
| लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| लृट् | गमिष्यसि | ______ | ______ | मध्यमः |
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
सीता वनस्पतिगतं गृधं ददर्श (लङ्-लकारे परिवर्तयत ।)
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| पाषाणखण्डा : | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| खगोत्तमः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| आयतलोचना | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
राक्षसेभ्यः जनकस्य सुतां हत्वा पुरीं ययौ। (लङ्लकारे परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
यो जानाति स पण्डितः । (बहुवचने परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
अहम् अध्ययने यत्नं करोमि । (वाक्यं विधिलिङ्लकारे परिवर्तयत ।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| मुच्-मुञ्च् (६ उ.प.) | ______ | ______ | मोचनीय: | मुञ्चन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| मुच्-मुञ्च् (६ उ.प.) | ______ | ______ | मोचनीयः | मुञ्चन्: |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| ज्ञा (९ उ.प.) | ज्ञात: | ज्ञातवान् | ______ | ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अल्पानामपि - ______
उचितं पर्यायं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत ।
______ अवगतम् ।
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| यमराजसहोदरः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| रामाभिषेकः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| निद्रामग्नः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सर्वधर्माः | ______ | ______ |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| आसीत् | ______ | ______ | प्रथमः | लङ् |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवन् | कृत्या | शत्/शानच् |
| खाद् (९ प.प.) | खादितः | खादितवान् | ______ | ______ |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
त्र्यशीतिः - ______।
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८०
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
६७ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
८ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
६८ -
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत
७८ - ______
समासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| भलूकवेषधारी | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| मानवताधर्मः | ______ | ______ |
लकारं लिखत।
आचार्यः तं प्रणनाम - ______
समानार्थकशब्दान् लिखत।
गृहम् - .......।
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नव
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| अल्पधी: | ______ | ______ |
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
षटत्रिंशत् -
मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
बद्ध: × ______।
