Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
८८ - ______
Advertisements
उत्तर
८८ - अष्टाशीतिः
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
सङ्ख्याः अक्षै :/अङ्कंः लिखत ।
पञ्चाशीतिः - ______
मञ्जूषातः नामानि सर्वनामानि च पृथक्क्रुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - त्वम्, मनसा, बाल्ये, कस्मै, गृहम्)
मञ्जूषातः समानार्थकशब्दान् विरुद्धार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
पुरतः × ______
उद्याने ______ वृक्षाः सन्ति।
सुचननुसारं कृतीः कुरुत।
प्रजाजनैः सह कृषिकार्यं कुरु। (लकारं लिखत।)
सन्धिविग्रह कुरुत।
पशुवज्जीवन्ति
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| अपरिचितः | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| नीतिनिपुणः | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
सुदासः सुगतचरणाभ्यां कमलं समर्पितवान्। (वाच्यपरिवर्तनं कुरुत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत ।
अर्णवः जपाकुसुमं गृहीत्वा प्रविशति ।
(पूर्वकालवाचकम् अव्ययं निष्कासयत ।)
क्रियापदतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
| ______ | ______ | अभाषध्वम् | मध्यमः | लङ् |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| भक्तिरसार्णवः | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठनम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| शिशिर ऋतुः | ______ | ______ |
तालिकां पूरयत
| धातवः | अर्थ : | लकार: | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ग्रह (९ उ.) | स्वीकरोति | लट् | गृह्णामि | गृह्णीव: | ______ |
समानार्थकशब्दान् लिखत।
वेदना - ______
धातु-तालिकां पूरयत
| लकारा : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| लृट् | गमिष्यसि | ______ | ______ | मध्यमः |
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | आवाम्-नौ | ______ | द्वितीया |
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| ______ | ______ | ताः | प्रथमा |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
मात्रे प्रतिश्रुत्य सः गृहाद् निरगच्छत् ।
(पूर्वकालकवाचकं निष्कासयत ।)
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| सपरिवारम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| गृध्रराज : | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
त्वं दीनं वचः मा ब्रूहि ।
(‘त्वं’ स्थाने भवान् योजयत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
पदवी अपि प्राप्ता मया । (प्रयोगपरिवर्तनं कुरुत ।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| मुच्-मुञ्च् (६ उ.प.) | ______ | ______ | मोचनीय: | मुञ्चन् |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| समुद्रसुता | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| प्रतीक्षालयः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| समीपस्थः | ______ | ______ |
सर्वनामतालिकां पूरयत ।
| एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
| एतेन | ______ | ______ | तृतीया |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| ______ | स्तम् | ______ | मध्यमः | लोट् |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नवसप्ततिः
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
त्र्यशीतिः - ______।
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
चतुरशीतिः
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
७५
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
६७ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
३८ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
५८ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
७१
