Advertisements
Advertisements
प्रश्न
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| कविपण्डिताः | ______ | ______ |
Advertisements
उत्तर
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| कविपण्डिताः | कवयः च पण्डिताः च | इतरेतरद्वन्द्वः |
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
शीघ्रम् = ______
सुचननुसारं कृतीः कुरुत।
भूमिः स्त्रीरूपं धृत्वा तस्य पुरतः प्रकटिता अभवत्। (पूर्वकालवाचक-त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
उत्तरपदं लिखत ।
काकोऽवदत् = काकः + ______ |
पूर्वपदं लिखत ।
वातेनोदरम् = ______ + उदरम् ।
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
भवान् स्वीकरोतु। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
नामतालिकां पूरयत ।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ग्राव्णे | ______ | ______ | चतुर्थी |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| उद्यानपालः | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | शाखिनौ | ______ | प्रथमा |
तालिकां पूरयत
| धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| भुज् (७ उ.) | खादति | लट् विधिलिङ् |
______ भुञ्जीत | भुञ्जाथे भुञ्जीयाताम् |
भुङ्ग्ध्वे ______ |
तालिकां पूरयत
| धातवः | अर्थ : | लकार: | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ग्रह (९ उ.) | स्वीकरोति | लट् | गृह्णामि | गृह्णीव: | ______ |
समानार्थकशब्दान् लिखत।
वेदना - ______
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
जटायुः रावणस्य गात्रे व्रणान् चकार। (लङ्-लकारे परिवर्तयत।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
आचार्यः स्तोत्रं रचितवान् ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
यदा त्वं स्मरिष्यसि तदा एव त्वत्समीपमागमिष्यामि। (लकारं लिखत।)
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| लोकप्रियः | ______ | ______ |
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अनिच्छा | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| खगोत्तमः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अरुचि: | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
सः महोदयम् उपगम्य वदति।
(पूर्वकालवाचकं ल्यबन्त अव्ययं निष्कास्य वाक्यं लिखत।)
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| आ + रुह्- रोह् (१ प.प.) | ______ | आरूढवान् | ______ | आरोहन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शसेव्यःतृ / शानच् |
| सेव् (१ आ. प.) | सेवितः | सेवितवान् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| निद्रामग्नः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| समीपस्थः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| विशेषार्हता | ______ | ______ |
क्रियापद-तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् |
बहुवचनम् |
पुरुषः | लकारः |
| सहते | ______ | ______ | प्रथमः | लद् |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| पूज्(१० उ.प.) | ______ | ______ | पूज्यः | पूजयमानः |
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत ।
त्रिचत्वारिशत् - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत
५६- ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
२ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
३२ -______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
७२ - ______
लकारं लिखत ।
तत्प्रा यतस्व । - ______
सङ्ख्याः अङ्कैः लिखत।
नव
मञ्जूषातः क्रियापदानि धातुसाधित-विशेषणानि च पृथवकुरुत।
| क्रियापदम् | धातुसाधित -विशेषणम् |
(मञ्जूषा - अकथयत्, मुक्तः, जानाति, भेतव्यम्, वहतु)
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
षटत्रिंशत् -
सङ्ख्या: अङ्कै: लिखत।
एकत्रिंशत - ______
मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
बद्ध: × ______।
