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प्रश्न
संकलित पदों को ध्यान में रखते हुए सूर के भ्रमरगीत की मुख्य विशेषताएँ बताइए?
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उत्तर
भ्रमरगीत की निम्नलिखित विशेषताएँ इस प्रकार हैं -
- सूरदास ने अपने भ्रमर गीत में निर्गुण ब्रह्म का खंडन किया है।
- भ्रमरगीत में गोपियों के कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम को दर्शाया गया है।
- भ्रमरगीत में उद्धव व गोपियों के माध्यम से ज्ञान को प्रेम के आगे नतमस्तक होते हुए बताया गया है, ज्ञान के स्थान पर प्रेम को सर्वोपरि कहा गया है।
- भ्रमरगीत में गोपियों द्वारा व्यंग्यात्मक भाषा का प्रयोग किया गया है।
- भ्रमरगीत में उपालंभ की प्रधानता है।
- भ्रमरगीत में ब्रजभाषा की कोमलकांत पदावली का प्रयोग हुआ है। यह मधुर और सरस है।
- भ्रमरगीत प्रेमलक्षणा भक्ति को अपनाता है। इसलिए इसमें मर्यादा का उल्लंघन किया गया है।
- भ्रमरगीत में संगीतात्मकता का गुण विद्यमान है।
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