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निम्नलिखित वाक्य का आशय स्पष्ट कीजिएः ‘एकदम अंदर के प्रकोष्ठ में चामुंडा रूप धरिणी मंसादेवी स्थापित थी। व्यापार यहाँ भी था।’

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प्रश्न

निम्नलिखित वाक्य का आशय स्पष्ट कीजिएः

‘एकदम अंदर के प्रकोष्ठ में चामुंडा रूप धरिणी मंसादेवी स्थापित थी। व्यापार यहाँ भी था।’

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उत्तर

इस पंक्ति में संभव ने मनसा देवी मंदिर तथा उसके आसपास बिकने वाली वस्तुओं का चित्रण किया है। वह बताता है कि मंदिर के प्रांगण में चामुंडा के स्वरूप में मनसा देवी विराजमान थीं। यहाँ केवल पूजा-अर्चना ही नहीं होती थी, बल्कि पूजा से संबंधित वस्तुएँ भी बेची जाती थीं। उनका क्रय-विक्रय का व्यापार यहाँ भी चलता रहता था।

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दूसरा देवदास
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पाठ 2.07: ममता कालिया (दूसरा देवदास) - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ १२८]

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एनसीईआरटी Hindi Antara Bhag 2 Class 12
पाठ 2.07 ममता कालिया (दूसरा देवदास)
प्रश्न-अभ्यास | Q 8. (ग) | पृष्ठ १२८

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