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निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए − बुझी पड़ी थी चिता वहाँ परछाती धधक उठी मेरी - Hindi Course - B

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प्रश्न

निम्नलिखित पंक्ति का आशय स्पष्ट करते हुए उनका अर्थ-सौंदर्य बताइए 

बुझी पड़ी थी चिता वहाँ पर
छाती धधक उठी मेरी

टीपा लिहा
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उत्तर

सुखिया की चिता की आग अब बुझ गई थी। लेकिन उसे देखकर पिता के दिल में दुख से उपजी वेदना की चिता जलने लगी। अर्थ की सुंदरता यह है कि एक चिता बाहर जलकर अभी बुझी है और दूसरी चिता दिल के अंदर जलनी आरंभ हो गई है। इसमें पिता के दुख और उससे उत्पन्न वेदना का वर्णन किया गया है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 B)
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पाठ 10: सियारामशरण गुप्त - एक फूल की चाह - प्रश्न अभ्यास [पृष्ठ ९६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Sparsh Part 1 Class 9
पाठ 10 सियारामशरण गुप्त - एक फूल की चाह
प्रश्न अभ्यास | Q 2.2 | पृष्ठ ९६

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