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नीचे लिखे वाक्यांशों (वाक्य के हिस्सों) को पढो झाँसी की रानीमिट्टी का घरौंदाप्रेमचंद की कहानीपेड़ की छायाढाक के तीन पातनहाने का साबुनमील का पत्थररेशमा के बच्चे।बनारस के आमका, के और की दो संज्ञाओं का

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प्रश्न

नीचे लिखे वाक्यांशों (वाक्य के हिस्सों) को पढो

झाँसी की रानी
मिट्टी का घरौंदा
प्रेमचंद की कहानी
पेड़ की छाया
ढाक के तीन पात
नहाने का साबुन
मील का पत्थर
रेशमा के बच्चे।
बनारस के आम
का, के और की दो संज्ञाओं का संबंध बताते हैं। ऊपर दिए गए वाक्यांशों में अलग-अलग जगह इन तीनों का प्रयोग हुआ है। ध्यान से पढ़ो और कक्षा में
बताओ कि का, के और की का प्रयोग कहाँ और क्यों हो रहा है? ।

टीपा लिहा
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उत्तर

का, के और की संबंध कारक के चिह्न हैं। इन्हें परसर्ग भी कहते हैं। इनका प्रयोग संबंधी संज्ञा के अनुसार होता है। स्त्रीलिंग संबंधी संज्ञा के पूर्व ‘की’ पुल्लिग संबंधी संज्ञा के पूर्व ‘का’ और बहुवचन पुल्लिंग संबंधी संज्ञा के पूर्व ‘के’ का प्रयोग होता

  • झाँसी की रानी-रानी स्त्रीलिंग है, इसलिए उसके पूर्व ‘की लगा है।
  • पेड़ की छाया-छाया स्त्रीलिंग है, अतएव उसके पूर्व ‘की’ लगा है।
  • मील का पत्थर–पत्थर पुल्लिग है और एकवचन है, इसलिए उससे पहले ‘का’ का । प्रयोग है।
  • मिट्टी का घरौंदा-घरौंदा एकवचन पुल्लिग है, इसलिए उसके पहले ‘का’ प्रयुक्त है।
  • ढाक के तीन पात-पात पुल्लिग है और बहुवचन है, अतः उसके पूर्व ‘के’ का प्रयोग हुआ है।
  • रेशमा के बच्चे-बच्चे पुल्लिग बहुवचन है, तो उनके पहले ‘के’ लगा है।
  • प्रेमचंद की कहानी-कहानी स्त्रीलिंग है, इसलिए उसके पहले ‘की’ का प्रयोग है।
  • नहाने का साबुन-साबुन पुल्लिंग एकवचन है, अतएव उसके पहले ‘का’ का प्रयोग हुआ है।
  • बनारस के आम-आम पुल्लिग बहुवचन है, अतः उसके पहले ‘के’ प्रयुक्त है।
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पद्य (Poetry) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 10: झाँसी की रानी - भाषा की बात [पृष्ठ ७८]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Vasant Part 1 Class 6
पाठ 10 झाँसी की रानी
भाषा की बात | Q 1 | पृष्ठ ७८

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