Advertisements
Advertisements
प्रश्न
- पृथ्वी के चारों ओर परिभ्रमण करते हुए चंद्रमा भी पृथ्वी के साथ-साथ सूर्य का परिभ्रमण करता है। इन्हीं दोनों परिभ्रमणों से वर्ष और मास की गणनाएँ होती हैं। सामान्यतः तीस दिनों के महीने होते हैं जिन्हें चन्द्रमा की वार्षिक गति को बारह महीनों में विभाजित करके निर्धारित किया जाता है। तीस दिनों में पंद्रह-पंद्रह दिनों के दो पक्ष होते हैं। जिन पन्द्रह दिनों में चंद्रमा बढ़ते-बढ़ते पूर्णिमा तक पहुँचता है, उसे शुक्लपक्ष और जिन पंद्रह दिनों में चंद्रमा घटते-घटते अमावस्या तक जाता है, उसे कृष्णपक्ष कहते हैं। इसी तरह एक वर्ष के बारह महीनों में छह-छह माह के दो अयन होते हैं। जिन छह महीनों में मौसम का तापमान बढ़ता है, उसे उत्तरायण और जिन छह महीनों में मौसम का तापमान घटता है, उसे दक्षिणायन कहते हैं। संवत् के बारह महीनों के नाम इस प्रकार हैं-चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फाल्गुन।
- अंग्रेजी कैलेंडर की वार्षिक गणना सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के परिभ्रमण की अवधि के अनुसार तीन सौ पैंसठ दिनों की होती है। इसके महीनों की गणना पृथ्वी के चारों ओर चंद्रमा के परिभ्रमण पर आधारित नहीं है। इसमें वर्ष के तीन सौ पैंसठ दिनों को ही बारह महीनों में विभाजित किया गया है। इस कैलेंडर के सभी महीने तीस-तीस दिन के नहीं होते। अप्रैल, नवंबर, जून, सितंबर-इनके हैं दिन तीस। फरवरी है अट्ठाइस दिन की, बाकी सब इकत्तीस।
- नीचे दो प्रकार के कैलेंडर दिए गए हैं। इन्हें देखो और प्रश्नों के उत्तर दो।

(क) ऊपर दिए गए कैलेंडरों में से किस कैलेंडर में चंद्रमा के अनुसार महीने के दिन दिए गए हैं?
(ख) दिए गए दोनों कैलेंडरों के अंतर स्पष्ट करो।
(ग) कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष का क्या अर्थ होता है?
Advertisements
उत्तर
(क) ऊपर दिए गए कैलेंडरों में से पहले कैलेंडर संवत् २०६३ में चंद्रमा के अनुसार महीने के दिन दिए गए हैं।
(ख) पहले कैलेंडर में संवत् २०६३ के मार्गशीर्ष महीने की तिथि को दर्शाया गया है। जबकि दूसरे कैलेंडर में सन् 2006 के नवंबर और दिसंबर महीने की तारीखें लिखी हुई हैं। पहले कैलेंडर में महीने को कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में बाँटा गया है, जबकि दूसरे महीने में ऐसा नहीं है।
(ग) जिन पंद्रह दिनों में चंद्रमा बढ़ते-बढ़ते पूर्णिमा तक पहुँचता है, उसे शुक्ल पक्ष और जिन पंद्रह दिनों में चद्रमा घटते-घटते अमावस्या तक जाता है, उस कृष्ण पक्ष कहते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
कविता पढ़कर तुम्हारे मन में चिड़िया का जो चित्र उभरता है उस चित्र को कागज़ पर बनाओ।
तुम्हें कविता को कोई और शीर्षक देना हो तो क्या शीर्षक देना चाहोगे? उपयुक्त शीर्षक सोच कर लिखो।
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
चिड़िया को किन चीज़ों से प्यार है?
चिड़िया कहाँ से मोती ले जाती है?
चिड़िया अपना जीवन कैसे व्यतीत करती है?
चाँद संज्ञा है। चाँदनी रात में चाँदनी विशेषण है।
नीचे दिए गए विशेषणों को ध्यान से देखो और बताओ कि-
(क) कौन-सा प्रत्यय जुड़ने पर विशेषण बन रहे हैं।
(ख) इन विशेषणों के लिए एक-एक उपयुक्त संज्ञा भी लिखो-
गुलाबी पगड़ी
मखमली घास
कीमती गहने
ठंडी रात
जंगली फुल
कश्मीरी भाषा
बहुवैकल्पिक प्रश्न
चाँद से गप्पें कौन लड़ा रहा है?
बहुवैकल्पिक प्रश्न
चाँद को कैसी बीमारी है?
बहुवैकल्पिक प्रश्न
“चाँद से थोड़ी-सी गप्पें’ कविता के कवि कौन हैं?
चाँद की पोशाक की क्या विशेषता है?
नीचे लिखे वाक्यांशों (वाक्य के हिस्सों) को पढो
झाँसी की रानी
मिट्टी का घरौंदा
प्रेमचंद की कहानी
पेड़ की छाया
ढाक के तीन पात
नहाने का साबुन
मील का पत्थर
रेशमा के बच्चे।
बनारस के आम
का, के और की दो संज्ञाओं का संबंध बताते हैं। ऊपर दिए गए वाक्यांशों में अलग-अलग जगह इन तीनों का प्रयोग हुआ है। ध्यान से पढ़ो और कक्षा में
बताओ कि का, के और की का प्रयोग कहाँ और क्यों हो रहा है? ।
बहुविकल्पीय प्रश्न
सबसे छोटी होने की कामना क्यों की गई है?
कविता में ‘ऐसी बड़ी न होऊँ मैं’ क्यों कहा गया है?
बहुविकल्पी प्रश्न
पर्नकुटी किस चीज़ से बनती है?
राम ने रुककर क्या किया?
राम ने रुककर क्या किया?
अपने प्रति राम का प्रेम देखकर सीता जी की क्या दशा हुई?
“धरि धीर दए’ का आशय क्या है?
माँ अपना एक दिन कैसे गुज़ारती है? कुछ मौकों पर उसकी दिनचर्या बदल जाया करती है, जैसे-मेहमानों के आ जाने पर, घर में किसी के बीमार पड़ जाने पर या त्योहार के दिन। इन अवसरों पर माँ की दिनचर्या पर क्या फ़र्क पड़ता है? सोचो और लिखो।
