मराठी

चिड़िया का स्वभाव कैसा है? - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

चिड़िया का स्वभाव कैसा है?

एका वाक्यात उत्तर
Advertisements

उत्तर

चिड़िया का स्वभाव संतोषी है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: वह चिड़िया जो - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 1 Class 6
पाठ 1 वह चिड़िया जो
अतिरिक्त प्रश्न | Q 10

संबंधित प्रश्‍न

तुम्हें कविता को कोई और शीर्षक देना हो तो क्या शीर्षक देना चाहोगे? उपयुक्त शीर्षक सोच कर लिखो।


तुम भी ऐसी कल्पना कर सकते हो कि ‘वह फूल का पौधा जो-पीली पंखुड़ियों वाला-महक रहा है-मैं हूँ।’ उसकी विशेषताएँ मुझ में हैं…। फूल के बदले वह कोई दूसरी चीज़ भी हो सकती है जिसकी विशेषताओं की गिनाते हुए तुम उसी चीज़ से अपनी समानता बता सकते हो … ऐसी कल्पना के आधार पर कुछ पंक्तियाँ लिखो।


चिड़िया के पंख किस रंग के हैं?


चिड़िया कहाँ से मोती ले जाती है?


चिड़िया अपना जीवन कैसे व्यतीत करती है?


यदि कोई सूरज से गप्पें लगाए तो वह क्या लिखेगा? अपनी कल्पना से गद्य या पद्य में लिखो। इसी तरह की कुछ और गप्पें निम्नलिखित से किसी एक या दो से करके लिखो ।

पेड़

बिजली का खंभा

सड़क

पेट्रोल पंप


“हमको बधू ही निरा समझा है।’ कहकर लड़की क्या चाहती है?


कविता की दूसरी पंक्ति में भारत को 'बूढ़ा' कहकर और उसमें 'नई जवानी' आने की बात कहकर सुभद्रा कुमारी चौहान क्या बताना चाहती हैं?


झाँसी की रानी के जीवन की कहानी अपने शब्दों में लिखो और यह भी बताओ कि उनका बचपन तुम्हारे बचपन से कैसे अलग था?


प्रकाशन विभाग, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित ‘भारत की महान नारियाँ’ श्रृंखला की पुस्तकें।


बहुविकल्पीय प्रश्न
‘झाँसी की रानी’ कविता किसने लिखी है?


बहुविकल्पीय प्रश्न
लक्ष्मीबाई का प्रिय खेल था?


रानियों और बेगमों की क्या दशा थी?


बहुविकल्पीय प्रश्न

माँ के आँचल की छाया में बच्ची कैसा महसूस करती है?


बालिका क्या नहीं छोड़ना चाहती?


बड़े होने पर हम कैसे माँ से अलग हो जाते हैं?


बहुविकल्पी प्रश्न

पर्नकुटी किस चीज़ से बनती है?


इस कविता के अंत में कवि माँ से चंद्रोदय दिखा देने की बात क्यों कर रहा है? चाँद के उदित होने की कल्पना करो और अपनी कक्षा में बताओ।


‘अब और कितनी दूर चलना है, पर्नकुटी कहाँ बनाइएगा’-किसने, किससे पूछा और क्यों ?


गर्मी के दिनों में कच्ची सड़क की तपती धूल में नंगे पाँव चलने पर पाँव जलते हैं। ऐसी स्थिति में पेड़ की छाया में खड़ा होने और पाँव धो लेने पर बड़ी राहत मिलती है। ठीक वैसे ही जैसे प्यास लगने पर पानी मिल जाय और भूख लगने पर भोजन। तुम्हें भी किसी वस्तु की आवश्यकता हुई होगी और वह कुछ समय बाद पूरी हो गई होगी। तुम सोचकर लिखो कि आवश्यकता पूरी होने के पहले तक तुम्हारे मन की दशा कैसी थी?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×