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प्रश्न
- गोल-मटोल
- गोरा-चिट्ठा
कविता में आए शब्दों के इन जोड़ों में अंतर यह है कि चिट्ठा का अर्थ सफ़ेद है और गोरा से मिलता-जुलता है जबकि मटोल अपने-आप में कोई शब्द नहीं है। यह शब्द 'मोटा' से बना है।
ऐसे चार-चार शब्द युग्म सोचकर लिखो और उनका वाक्यों में प्रयोग करो।
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उत्तर
(i) दुबला-पतला - यह दुबला-पतला आदमी काफ़ी कमज़ोर है।
(ii) काला-कलुठा - राकेश का दोस्त राहुल काला-कलुठा है।
(iii) दाना-पानी - बस इतने दिन का ही दाना-पानी लिखा था यहाँ।
(iv) रोज़मर्रा - यह भाग-दौड़ भरी जिन्दगी रोज़मर्रा की बात हो गई है।
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जब हम किसी बात को कविता में कहते हैं तो वाक्य के शब्दों के क्रम में बदलाव | आता है, जैसे-“छाँह घरीक है ठाढ़े” को गद्य में ऐसे लिखा जा सकता है। “छाया में एक घड़ी खड़ा होकर” । उदाहरण के आधार पर नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को गद्य के शब्दक्रम में लिखो।
–पुर ते निकसी रघुबीर-बधू,
–पुट सूखि गए मधुराधर वै।
–बैठि बिलंब लौं कंटक काढ़े।
–पर्नकुटी करिहौं कित है?
