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दोनों सवैयों के प्रसंगों में अंतर स्पष्ट करो।

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प्रश्न

दोनों सवैयों के प्रसंगों में अंतर स्पष्ट करो।

लघु उत्तर
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उत्तर

पहले सवैये में वन जाते समय सीता जी की व्याकुलता और थकान का वर्णन किया गया है। वे अपने गंतव्य के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं। सीता जी की इस दयनीय अवस्था को देखकर रामचंद्र जी भी दुखी हो जाते हैं। नगर से बाहर निकलने के बाद, कुछ दूर चलने पर ही सीता जी थक जाती हैं। उनके माथे पर पसीना आ जाता है और होंठ सूखने लगते हैं। व्याकुल होकर वे श्रीराम से पूछती हैं कि अभी और कितनी दूर चलना है और पर्णकुटी कहाँ बनानी है। उनकी इस दशा को देखकर श्रीराम की आँखों में आँसू आ जाते हैं। दूसरे सवैये में श्रीराम और सीता की दशा का मार्मिक चित्रण है। इसमें श्रीराम और सीता जी के प्रेम को दर्शाया गया है, जहाँ श्रीराम सीता के थक जाने पर उनके पैरों के काँटे निकालते हैं और सीता श्रीराम का अपने प्रति प्रेम देखकर आनंदित हो जाती हैं।

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पद्य (Poetry) (Class 6)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 16: वन के मार्ग में - सवैया से [पृष्ठ ११६]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Vasant Part 1 Class 6
पाठ 16 वन के मार्ग में
सवैया से | Q 4 | पृष्ठ ११६

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