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प्रश्न
जब जिंक धातु की क्रिया एक प्रबल अम्ल के तनु विलयन से करायी जाती है तो एक गैस मुक्त होती है जो की तेलों के हाइड्रोजनीकरण में उपयोग में आती है। मुक्त गैस का नाम दीजिए तथा बनने वाली गैस की पहचान के लिए परिक्षण लिखिए।
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उत्तर
निकलने वाली गैस हाइड्रोजन है। जलते हुए छींटे को इसके संपर्क में लाने पर गैस पॉप ध्वनि के साथ तेज जलती है। यह खाद्य तरल तेलों के हाइड्रोजनीकरण को ठोस वसा बनाने का कारण बनता है जिसे वनस्पति घी भी कहा जाता है।
`underset("(तरल)")("खाद्य तेल") + "H"_2overset("(Ni or Pt.)")(->) underset("(वनस्पति घी)")("ठोस वसा")`
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उदासीनीकरण अभिक्रिया क्या है?
क्या होता है जब एक परखनली में एक अम्ल का विलयन, एक क्षार के विलयन के साथ मिलाया जाता है?
- विलयन का ताप बढ़ता है
- विलयन का ताप घटता है
- विलयन का ताप समान रहता है
- लवण का निर्माण होता है
एक आर्द्र दिन में हाइड्रोजन क्लोराइड गैस के विरचन के दौरान गैस को सामान्यतः कैल्सियम क्लोराइड युक्त रक्षित नली में से गुजारा जाता है। रक्षित नली में लिए गए कैल्सियम क्लोराइड का कार्य है ______
सोडियम कार्बोनेट क्षारकीय लवण है। क्योंकि यह लवण है ______
एक अम्ल तथा एक क्षारक के जलीय विलयन के लिए कौन-से कथन सत्य हैं?
- pH जितनी उच्च होगी, अम्ल उतना ही प्रबल होगा
- pH जितनी उच्च होगी, अम्ल उतना ही दुर्बल होगा
- pH जितनी कम होगी, अम्ल उतना ही प्रबल होगा
- pH जितनी कम होगी, अम्ल उतना ही दुर्बल होगा
समान सांद्रता वाले हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा सोडियम हाइड्रोक्साइड विलयनों के समान आयतनों की मिश्रित किया गया तथा परिणामी विलयन की pH को एक pH पेपर द्वारा जाँचा गया। कौन-सा रंग प्राप्त होगा?

निम्नलिखित तालिका में छूटे हुए आँकड़ों को भरिए।
| लवण का नाम | सूत्र | लवण जिससे प्राप्त होता है। | ||
| क्षारक | अम्ल | |||
| (i) | अमोनियम क्लोराइड | NH4Cl | NH4OH | ______ |
| (ii) | कॉपर सल्फेट | ______ | ______ | H2SO4 |
| (iii) | सोडियम क्लोराइड | NaCl | NaOH | ______ |
| (iv) | मैग्नीशियम नाइट्रेट | Mg(NO3)2 | ______ | HNO3 |
| (v) | पोटैशियम सल्फेट | K2SO4 | ______ | ______ |
| (vi) |
कैल्सियम नाइट्रेट | Ca(NO3)2 | Ca(OH)2 | ______ |
चित्र में हाइड्रोजन गैस के विरचन के लिए दर्शाए गए रेखांकित चित्र में, यदि निम्नलिखित परिवर्तन कर दिए जाए तो क्या होगा?

- परखनली में दानेदार जिंक के स्थान पर जिनक धूल की कुछ मात्रा ली जाए।
- तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लिया जाए।
- जिंक के स्थान पर कॉपर टर्निंग ली जाए।
- तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के स्थान पर सोडियम हाइड्रोक्साइड लिया जाए तथा परखनली को गरम किया जाए।
आवर्त सारणी के समूह 2 के तत्त्व का एक सल्फेट, श्वेत एवं मुलायम पदार्थ है जिसको जल में गूँध-गूँध कर विभिन्न प्रकार की आकृतियों में ढाला जा सकता है। जब इस यौगिक को कुछ समय के लिए खुला छोड़ते है तो यह ठोस द्रव्यमान बन जाता है तथा साँचे में ढालने में योग्य नहीं रहता है। सल्फेट लवण को पहचानिए तथा यह इस प्रकार का व्यवहार क्यों प्रदर्शित करता है? संबंधित अभिक्रिया दीजिए।
