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ग्लूकोस की उन अभिक्रियाओं का वर्णन कीजिए जो इसकी विवृत श्रृंखला संरचना के द्वारा नहीं समझाई जा सकतीं। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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प्रश्न

ग्लूकोस की उन अभिक्रियाओं का वर्णन कीजिए जो इसकी विवृत श्रृंखला संरचना के द्वारा नहीं समझाई जा सकतीं।

दीर्घउत्तर
सविस्तर उत्तर
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उत्तर १

  1. ऐल्डिहाइड समूह उपस्थित होते हुए भी ग्लूकोस 2, 4-DNP परीक्षण तथा शिफ़-परीक्षण नहीं देता एवं यह NaHSO3 के साथ हाइड्रोजन सल्फाइड योगज उत्पाद नहीं बनाता।
  2. ग्लूकोस का पेन्टाऐसीटेट, हाइड्रॉक्सिलऐमीन के साथ अभिक्रिया नहीं करता जो मुक्त —CHO समूह की अनुपस्थिति को इंगित करता है।
  3. ग्लूकोज़ α तथा β ये दो स्फटिकीय रूपों में पाया जाता है। α-रूप (गलनांक = 419 K) ग्लूकोस के सान्द्र विलयन से 303 K पर क्रिस्टलीकृत होता है जबकि β-रूप (गलनांक = 423 K) गर्म तथा संतृप्त जलीय विलयन से 371 K पर क्रिस्टलीकृत होता है। ग्लूकोस के इस व्यवहार को इसके खुले शृंखलायुक्त संरचना द्वारा समझाया नहीं जा सकता।
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उत्तर २

D-(+)-ग्लूकोस कुछ विशिष्ट ऐल्डिहाइड अभिक्रियाओं को नहीं दर्शाता, जैसे कि यह NaHSO3 के साथ योजक उत्पाद नहीं बनाता।

ग्लूकोस, NH2OH के साथ अभिक्रिया करके ऑक्साइम बनाता है, किंतु ग्लूकोस पेन्टाऐसीटेट ऐसा नहीं करता। इसका तात्पर्य यह है कि ग्लूकोस पेन्टाऐसीटेट में ऐल्डिहाइड समूह अनुपस्थित होता है।

D-(+)-ग्लूकोस दो स्थापत्य समरूप रूपों में पाया जाता है, अर्थात् α-ग्लूकोस और β-ग्लूकोस।

दोनों α-D-ग्लूकोस और β-D-ग्लूकोस जलीय विलयन में परिवर्ती ध्रुवण की प्रक्रिया दर्शाते हैं। यद्यपि α- और β-D-(+)-ग्लूकोस के स्फटिकीय रूप जल में स्थिर होते हैं, फिर भी प्रत्येक रूप धीरे-धीरे दोनों के संतुलित मिश्रण में परिवर्तित हो जाता है।

D-(+)-ग्लूकोस दो समावयवी मिथाइल ग्लूकोसाइड्स बनाता है। सामान्यतः, ऐल्डिहाइड एक मोल ऐल्डिहाइड पर दो मोल मेथेनॉल के साथ अभिक्रिया करके ऐसीटल बनाता है, किंतु D-(+)-ग्लूकोस जब शुष्क HCl गैस की उपस्थिति में मेथेनॉल के साथ अभिक्रिया करता है, तो यह केवल एक मोल मेथेनॉल के साथ अभिक्रिया करता है और दो मिथाइल D-ग्लूकोसाइड्स मिथाइल-α-D-ग्लूकोसाइड (गलनांक 438 K, विशिष्ट घूर्णन +158°) और मिथाइल-β-D-ग्लूकोसाइड (गलनांक 308 K, विशिष्ट घूर्णन –33°) का मिश्रण बनाता है।

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कार्बोहाइड्रेट
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पाठ 10: जैव-अणु - अभ्यास [पृष्ठ ३०९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
पाठ 10 जैव-अणु
अभ्यास | Q 10.10 | पृष्ठ ३०९

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