Advertisements
Advertisements
प्रश्न
चित्र को देखकर सही विकल्प को चुनिए।

पर्याय
यदि पिस्टन (B) पर परासरण दाब से कम दाब लगाया जाए तो जल भाग (A) से भाग (B) की ओर जाएगा।
यदि पिस्टन (B) पर परासरण दाब से अधिक दाब लगाया जाए तो जल भाग (B) से भाग (A) की ओर जाएगा।
यदि पिस्टन (B) पर परासरण दाब के बराबर दाब लगाया जाए तो जल भाग (B) से भाग (A) की ओर जाएगा।
यदि पिस्टन (A) पर परासरण दाब के बराबर दाब लगाया जाए तो जल भाग (A) से भाग (B) की ओर जाएगा।
Advertisements
उत्तर
यदि पिस्टन (B) पर परासरण दाब से अधिक दाब लगाया जाए तो जल भाग (B) से भाग (A) की ओर जाएगा।
स्पष्टीकरण -
यदि हम किसी विलयन पर परासरण दाब से अधिक दाब डालते हैं, तो उसमें मौजूद विलायक अर्ध पारगम्य झिल्ली को शुद्ध विलायक में प्रवाहित कर देगा। विलायक के उच्च सान्द्रता से निम्न सान्द्रता की ओर जाने की प्रक्रिया को प्रतिलोम परासरण कहते हैं। पिस्टन B नीचे चला जाएगा और पानी को सांद्र लवण के विलयन से ताजे पानी की तरफ हटा दिया जाएगा।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
अचार बनाने के लिए कच्चे आम को नमक के सांद्र विलयन में रखने पर यह सिकुड़ जाता है क्योंकि ______।
समपरासरी विलयनों में ______ समान होने चाहिए।
- विलेय
- घनत्व
- क्वथनांक में उन्नयन
- हिमांक में अवनमन
समपरासरी विलयनों में ______।
- विलेय और विलायक वही होते हैं।
- परासरण दाब समान होता है।
- विलेय और विलायक वही हो भी सकते हैं और नहीं भी।
- विलेय हमेशा एक ही होता है विलायक अलग हो सकता है।
स्पष्ट कीजिए कि 1 मोल NaCl को एक लिटर जल में मिलने पर जल के क्वथनांक में वुद्ध क्यों होती है, जबकि एक लिटर जल में एक मोल मेथिल ऐल्कोहॉल घोलने पर जल का क्थनांक कम हो जाता है।
पर्वतीय क्षेत्रों में हिम आच्छादित सड़कों को साफ करने में नमक का छिड़काव किस प्रकार सहायता करता है। इस प्रक्रिया से संबंधित परिघटना की व्याख्या कीजिए।
अभिकथन - मेथिल ऐल्कोहॉल को जल में घोलने से जल का क्वथनांक बढ़ता है।
तर्के - वाष्पशील ठोस को वाष्पशील विलयन में मिलाने से क्वथनांक में उन्नयन प्रेक्षित होता है।
अभिकथन - जब एक अर्धपारगम्य झिल्ली द्वारा एक विलयन को शुद्ध विलायक से पृथक किया जाता है तो शुद्ध विलायक की ओर से विलायक के अणु झिल्ली में से होकर विलयन की ओर जाते हैं।
तर्के - विलायक का विसरण उच्च सांद्रता वाले विलयन क्षेत्र से निम्न सांद्रता वाले विलयन क्षेत्र की ओर होता है।
आसवन के द्वारा शुद्ध एथेनॉल प्राप्त करना संभव क्यों नहीं है? ऐसे द्विअंगी मिश्रणों को क्या नाम दिया जाता है जो सामान्यत: राउल्ट के नियम से विचलन दर्शाते हैं और जिनके अवयवों को आसवन द्वारा अलग नहीं किया जा सकता? ये मिश्रण कितने प्रकार के होते हैं?
परासरण के जैविक तथा औद्योगिक अनुप्रयोगों की विवेचना कीजिए।
वान्टहॉफ कारक की सहायता से समझाइए कि अणुसंख्यक गुण मापन विधि द्वारा कुछ विलेयों के लिए निर्धारित द्रव्यमान असामान्य क्यों होता है।
