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अभिकथन - अर्रेनिअस समीकरण से सामान्य तथा जटिल अणुओं के लिए निर्धारित वेग स्थिरांक लगभग परिशुद्ध होते हैं। तर्क - संघट्ट के समय अभिक्रियक अणुओं का कोई भी अभिविन्यास होने जाता है।

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प्रश्न

अभिकथन - अर्रेनिअस समीकरण से सामान्य तथा जटिल अणुओं के लिए निर्धारित वेग स्थिरांक लगभग परिशुद्ध होते हैं।

तर्क - संघट्ट के समय अभिक्रियक अणुओं का कोई भी अभिविन्यास होने पर भी रासायनिक परिवर्तन हो जाता है।

पर्याय

  • अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।

  • अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।

  • अभिकथन सही है परन्तु तर्क गलत कथन है।

  • अभिकथन और तर्क दोनों ही गलत कथन हैं।

  • अभिकथन गलत है परन्तु तर्क सही कथन है।

MCQ
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उत्तर

अभिकथन सही है परन्तु तर्क गलत कथन है।

स्पष्टीकरण -

अर्रेनिअस समीकरण से दर स्थिर निर्धारित की जाती है, सरल और जटिल अणुओं के लिए काफी सटीक होती है क्योंकि केवल वे अणु जो टकराव के दौरान उचित अभिविन्यास रखते हैं और पर्याप्त गतिज रासायनिक परिवर्तन का नेतृत्व करते हैं। उचित अभिविन्यास एक रासायनिक परिवर्तन का कारण बनता है क्योंकि यह अणुओं के बीच पुराने बंध को तोड़ने और नए लोगों के बंधऩ की सुविधा देता है।

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पाठ 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [पृष्ठ ६१]

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एनसीईआरटी एक्झांप्लर Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
पाठ 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q V. 61. | पृष्ठ ६१

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अणु X का Y में रूपांतरण द्वितीय कोटि की बलगतिकी के अनुरूप होता है। यदि X की सांद्रता तीन गुनी कर दी जाए तो Y के निर्माण होने के वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?


निम्नलिखित अभिक्रिया के वेग व्यंजकों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए।

\[\ce{CH3CHO_{(g)} -> CH4_{(g)} + CO_{(g)}}\] वेग = k [CH3CHO]3/2


नीचे दी गई गैस प्रावस्था में प्रथम कोटि की विघटन अभिक्रिया पर विचार कीजिए।

\[\ce{A(g) -> B(g) + C{g}}\]

A के विघटन से पूर्व तंत्र का प्रारंभिक दाब pi था। 't' समय के पश्चात तंत्र का दाब x इकाई बढ़ कर pt हो जाता है। अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक k को लिखा जा सकता है-


अरेनिअस समीकरण के अनुसार `"Ae"^(−"E​"_"a"//"RT")` अभिक्रिया दर स्थिरांक k के बराबर है। ln k और `1/"T"` के मध्य ग्राफ को निम्न विकल्पों में से किसके द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।


वेग नियम संतुलित रासायनिक समीकरण द्वारा निर्धारित नहीं किया जा सकता यदि ______।

  1. व्युत्क्रम अभिक्रिया सम्मिलित होती है।
  2. यह एक प्राथमिक अभिक्रिया हो।
  3. यह प्राथमिक अभिक्रियाओं की एक शृंखला है।
  4. कोई भी अभिक्रियक आधिक्य में हो।

एक जटिल अभिक्रिया के लिए ______।

  1. समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता के समान होती है।
  2. समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता से कम होती है।
  3. समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता से अधिक होती है।
  4. सबसे धीमे पद की आण्विकता कभी भी शून्य अथवा अपूर्णांक नहीं होती।

आप निम्नलिखित अभिक्रिया का वेग नियम कैसे निर्धारित कर सकते हैं?

\[\ce{2NO (g) + O2(g) -> 2NO2 (g)}\]


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