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अणु X का Y में रूपांतरण द्वितीय कोटि की बलगतिकी के अनुरूप होता है। यदि X की सांद्रता तीन गुनी कर दी जाए तो Y के निर्माण होने के वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

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प्रश्न

अणु X का Y में रूपांतरण द्वितीय कोटि की बलगतिकी के अनुरूप होता है। यदि X की सांद्रता तीन गुनी कर दी जाए तो Y के निर्माण होने के वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

संख्यात्मक
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उत्तर

अभिक्रिया \[\ce{X -> Y}\] द्वितीय कोटि की बलगतिकी के अनुरूप होता है।

अभिक्रिया का वेग (r) = k[X]2

यदि सांद्रता तीन गुनी कर दी जाये तब अभिक्रिया का वेग (r‘) = k[3X]2

`("r'")/"r" = ("k"[3"X"]^2)/("k"["X"]^2)` = 9

अत: Y के निर्माण का वेग 9 गुना बढ़ जायेगा।

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पाठ 3: रासायनिक बलगतिकी - पाठ्यनिहित प्रश्न [पृष्ठ ७३]

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एनसीईआरटी Rasayan Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
पाठ 3 रासायनिक बलगतिकी
पाठ्यनिहित प्रश्न | Q 3.4 | पृष्ठ ७३

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