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एक अभिक्रिया A के प्रति प्रथम तथा B के प्रति द्वितीय कोटि की है। अवकल वेग समीकरण लिखिए।

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प्रश्न

एक अभिक्रिया A के प्रति प्रथम तथा B के प्रति द्वितीय कोटि की है। अवकल वेग समीकरण लिखिए।

एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

अवकल वेग समीकरण होगा

`(dx)/dt = k[A][B]^2`

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पाठ 3: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [पृष्ठ ८७]

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एनसीईआरटी Rasayan Bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
पाठ 3 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q 3.9 (i) | पृष्ठ ८७

संबंधित प्रश्‍न

एक अभिक्रिया \[\ce{A + B → {उत्पाद}}\], के लिए वेग नियम `r = k[A]^(1/2)[B]^2` से दिया गया है। अभिक्रिया की कोटि क्या है?


निम्नलिखित अभिक्रिया के वेग व्यंजकों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए।

\[\ce{C2H5Cl_{(g)} -> C2H4_{(g)} + HCl_{(g)}}\] वेग = k [C2H5Cl]


रासायनिक अभिक्रिया के वेग पर प्रभाव डालने वाले कारकों का उल्लेख कीजिए।


नीचे दी गई गैस प्रावस्था में प्रथम कोटि की विघटन अभिक्रिया पर विचार कीजिए।

\[\ce{A(g) -> B(g) + C{g}}\]

A के विघटन से पूर्व तंत्र का प्रारंभिक दाब pi था। 't' समय के पश्चात तंत्र का दाब x इकाई बढ़ कर pt हो जाता है। अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक k को लिखा जा सकता है-


अरेनिअस समीकरण के अनुसार `"Ae"^(−"E​"_"a"//"RT")` अभिक्रिया दर स्थिरांक k के बराबर है। ln k और `1/"T"` के मध्य ग्राफ को निम्न विकल्पों में से किसके द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है।


किसी भी एक-अणुक अभिक्रिया के लिए ______।

  1. दर निर्धारण चरण में केवल एक अभिकारी स्पीसीज प्रयुक्त होती है।
  2. सबसे धीमे चरण की कोटि तथा आण्विकता एक के बराबर होती है।
  3. अभिक्रिया की आण्विकता एक होती है और कोटि शून्य होती है।
  4. अभिक्रिया की आण्विकता और कोटि दोनों ही एक होती हैं।

एक जटिल अभिक्रिया के लिए ______।

  1. समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता के समान होती है।
  2. समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता से कम होती है।
  3. समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता से अधिक होती है।
  4. सबसे धीमे पद की आण्विकता कभी भी शून्य अथवा अपूर्णांक नहीं होती।

एक सक्रियत संकुल के विघटन के दौरान ______।

  1. ऊर्जा हमेशा निष्काषित होती है।
  2. ऊर्जा हमेशा अवशोषित होती है।
  3. ऊर्जा परिवर्तित नहीं होती।
  4. अभिक्रियक बन सकते हैं।

अभिकथन - अर्रेनिअस समीकरण से सामान्य तथा जटिल अणुओं के लिए निर्धारित वेग स्थिरांक लगभग परिशुद्ध होते हैं।

तर्क - संघट्ट के समय अभिक्रियक अणुओं का कोई भी अभिविन्यास होने पर भी रासायनिक परिवर्तन हो जाता है।


किसी अभिक्रियक के लिए एक अभिक्रिया द्वितीय कोटि की है। अभिक्रिया का वेग कैसे प्रभावित होगा, यदि अभिक्रियक की सांद्रता आधी कर दी जाए?


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