मराठी

निम्नलिखित का सुमेलन कीजिए- कॉलम I - (i) हीरा (डायमण्ड), (ii) तार्क्षणिक वेग, (iii) औसत वेग; कॉलम II - (a) समय का लघु अंतराल, b) सामान्यत: परिवर्तन का वेग परिलक्षित नहीं होता।, (c) लंबी समयावधि - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

निम्नलिखित का सुमेलन कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) हीरा (डायमण्ड) (a) समय का लघु अंतराल
(ii) तार्क्षणिक वेग b) सामान्यत: परिवर्तन का
वेग परिलक्षित नहीं होता।
(iii) औसत वेग (c) लंबी समयावधि
जोड्या लावा/जोड्या जुळवा
Advertisements

उत्तर

कॉलम I कॉलम II
(i) हीरा (डायमण्ड) b) सामान्यत: परिवर्तन का
वेग परिलक्षित नहीं होता।
(ii) तार्क्षणिक वेग (a) समय का लघु अंतराल
(iii) औसत वेग (c) लंबी समयावधि

स्पष्टीकरण -

(i) हीरे को सामान्य स्थिति में ग्रेफाइट में नहीं बदला जा सकता है।

(ii) प्रतिक्रिया की तात्कालिक दर बहुत कम समय में पूरी होती है।

(iii) प्रतिक्रिया की औसत दर लंबी अवधि तक होती है।

shaalaa.com
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [पृष्ठ ६०]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Chemistry [Hindi] Class 12
पाठ 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q IV. 55. | पृष्ठ ६०

संबंधित प्रश्‍न

निम्नलिखित अभिक्रिया के वेग व्यंजकों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए।

\[\ce{3NO_{(g)} -> N2O_{(g)}}\] वेग = k [NO]2


रासायनिक अभिक्रिया के वेग पर प्रभाव डालने वाले कारकों का उल्लेख कीजिए।


किसी अभिक्रियक के लिए एक अभिक्रिया द्वितीय कोटि की है। अभिक्रिया का वेग कैसे प्रभावित होगा, यदि अभिक्रियक की सांद्रता दुगुनी कर दी जाए?


एक अभिक्रिया A के प्रति प्रथम तथा B के प्रति द्वितीय कोटि की है। अवकल वेग समीकरण लिखिए।


अभिक्रिया A + 2B ⟶ C के लिए निम्नलिखित वेग नियम प्राप्त होता है। बेग = k [A][B]

'A' की सांद्रता स्थिर रखते हुए अभिक्रियक 'B' की सांद्रता दुगनी करने पर वेग नियतांक का मान ______।


वेग नियम संतुलित रासायनिक समीकरण द्वारा निर्धारित नहीं किया जा सकता यदि ______।

  1. व्युत्क्रम अभिक्रिया सम्मिलित होती है।
  2. यह एक प्राथमिक अभिक्रिया हो।
  3. यह प्राथमिक अभिक्रियाओं की एक शृंखला है।
  4. कोई भी अभिक्रियक आधिक्य में हो।

एक सक्रियत संकुल के विघटन के दौरान ______।

  1. ऊर्जा हमेशा निष्काषित होती है।
  2. ऊर्जा हमेशा अवशोषित होती है।
  3. ऊर्जा परिवर्तित नहीं होती।
  4. अभिक्रियक बन सकते हैं।

एक अभिक्रिया में यदि अभिक्रियक A की सांद्रता तिगुनी कर दी जाए तो अभिक्रिया वेग सत्ताइस गुना बढ़ जाता है। अभिक्रिया की कोटि क्या है?


अभिकथन - अर्रेनिअस समीकरण से सामान्य तथा जटिल अणुओं के लिए निर्धारित वेग स्थिरांक लगभग परिशुद्ध होते हैं।

तर्क - संघट्ट के समय अभिक्रियक अणुओं का कोई भी अभिविन्यास होने पर भी रासायनिक परिवर्तन हो जाता है।


एक अभिक्रिया A के प्रति प्रथम तथा B के प्रति द्वितीय कोटि की है। B की सांद्रता तीन गुनी करने से वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×