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English Medium कक्षा १० - CBSE Question Bank Solutions for Hindi Course - A

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Hindi Course - A
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फ़ादर का सान्निध्य पाकर लेखक को ऐसा क्यों लगन्ना कि वह किसी देवदारु वृक्ष की छाया में खड़ा हो?

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
Chapter: [1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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फ़ादर की पारिवारिक पृष्ठभूमि और उनका स्वभाव भी किसी सीमा तक उन्हें संन्यासी बनाने में सहायक सिद्ध हुई’–स्पष्ट कीजिए।

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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संन्यासी बनने से पूर्व फ़ादर ने धर्म गुरु के सामने क्या शर्त रखी और क्यों?

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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भारत आने के लिए पूछने पर फ़ादर क्या जवाब देते थे?

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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फ़ादर बुल्के ने भारत में बसने के लिए क्या आवश्यक समझा? उन्हें किस तरह हासिल किया?
अथवा
भारत आने पर फ़ादर द्वारा शिक्षा-दीक्षा प्राप्ति के सोपानों का क्रमिक वर्णन कीजिए।

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
Chapter: [1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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‘संन्यासी होने के बाद भी फ़ादर का अपनी माँ से स्नेह एवं प्रेम कम न हुआ’–स्पष्ट कीजिए।

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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फ़ादर बुल्के ने हिंदी के उत्थान के लिए क्या-क्या प्रयास किए?

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर फ़ादर की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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फ़ादर पास्कल ने ऐसा क्यों कहा कि इस धरती से ऐसे और रत्न पैदा हों?

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ नामक पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।

[1.13] सर्वेश्वर दयाल सक्सेना : मानवीय करुणा की दिव्य चमक
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निम्नलिखित अनेकार्थी शब्दों को ऐसे वाक्यों में प्रयुक्त कीजिए जिनमें उनके एकाधिक अर्थ स्पष्ट हों - चाल, दल, पत्र, हरा, पर, फल, कुल

[3] व्याकरण विभाग
Chapter: [3] व्याकरण विभाग
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शहनाई की दुनिया में डुमराँव को क्यों याद किया जाता है?

[1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Chapter: [1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
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गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:

बिस्मिल्ला खाँ को लेखक 'मंगल ध्वनि का नायक' क्यों कहता है?

[1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
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सुषिर-वाद्यों से क्या अभिप्राय है? शहनाई को 'सुषिर वाद्यों में शाह' की उपाधि क्यों दी गई होगी?

[1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Chapter: [1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
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आशय स्पष्ट कीजिए -

'फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।'

[1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
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आशय स्पष्ट कीजिए -

 'मेरे मालिक सुर बख्श दे। सुर में वह तासीर पैदा कर कि आँखों से सच्चे मोती की तरह अनगढ़ आँसू निकल आएँ।'

[1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
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काशी में हो रहे कौन-से परिवर्तन बिस्मिल्ला खाँ को व्यथित करते थे?

[1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Chapter: [1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
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पाठ में आए किन प्रसंगों के आधर पर आप कह सकते हैं कि -

बिस्मिल्ला खाँ मिली-जुली संस्कृति के प्रतीक थे।

[1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
Chapter: [1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
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पाठ में आए किन प्रसंगों के आधर पर आप कह सकते हैं कि -

वे वास्तविक अर्थों में एक सच्चे इनसान थे।

[1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
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बिस्मिल्ला खाँ के जीवन से जुड़ी उन घटनाओं और व्यक्तियों का उल्लेख करें जिन्होंने उनकी संगीत साधना को समृद्ध किया?

[1.16] यतींद्र मिश्र : नौबतखाने में इबादत
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