Advertisements
Advertisements
प्रश्न
बिस्मिल्ला खाँ के जीवन से जुड़ी उन घटनाओं और व्यक्तियों का उल्लेख करें जिन्होंने उनकी संगीत साधना को समृद्ध किया?
Advertisements
उत्तर
बिस्मिल्ला खाँ के जीवन में कुछ ऐसे व्यक्ति और कुछ ऐसी घटनाएँ थीं जिन्होंने उनकी संगीत साधना को प्रेरित किया।
- बालाजी मंदिर तक जाने का रास्ता रसूलनबाई और बतूलनबाई के यहाँ से होकर जाता था। इस रास्ते से कभी ठुमरी, कभी टप्पे, कभी दादरा की आवाज़ें आती थी। इन्हीं गायिका बहनों को सुनकर इन्हें प्रेरणा मिली।
- बिस्मिल्ला खाँ जब सिर्फ़ चार साल के थे तब छुपकर अपने नाना को शहनाई बजाते हुए सुनते थे। रियाज़ के बाद जब उनके नाना उठकर चले जाते थे तब अपनी नाना वाली शहनाई ढूँढते थे और उन्हीं की तरह शहनाई बजाना चाहते थे।
- बचपन में वे बालाजी मंदिर पर रोज़ शहनाई बजाते थे। इससे शहनाई बजाने की उनकी कला दिन-प्रतिदिन निखरने लगी।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
आशय स्पष्ट कीजिए -
‘फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।’
आशय स्पष्ट कीजिए -
‘मेरे मालिक सुर बख्श दे। सुर में वह तासीर पैदा कर कि आँखों से सच्चे मोती की तरह अनगढ़ आँसू निकल आएँ।’
पाठ में आए किन प्रसंगों के आधर पर आप कह सकते हैं कि -
बिस्मिल्ला खाँ मिली-जुली संस्कृति के प्रतीक थे।
पाठ में आए किन प्रसंगों के आधर पर आप कह सकते हैं कि -
वे वास्तविक अर्थों में एक सच्चे इनसान थे।
मुहर्रम से बिस्मिल्ला खाँ के जुड़ाव को अपने शब्दों में लिखिए।
बिस्मिल्ला खाँ कला के अनन्य उपासक थे, तर्क सहित उत्तर दीजिए।
अमीरुद्दीन के मामा की दिनचर्या की शुरुआत कैसे होती थी?
रीड क्या है? शहनाई के लिए इसकी क्या उपयोगिता है?
इतिहास में शहनाई का उल्लेख किस तरह मिलता है?
बिस्मिल्ला खाँ की तुलना कस्तूरी मृग से क्यों की गई है?
बिस्मिल्ला खाँ अपनी जवानी के दिनों की किन यादों में खो जाते हैं?
आज के युवाओं को बिस्मिल्ला के चरित्र से क्या सीख लेनी चाहिए?
‘नौबतखाने में इबादत’ नामक पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।
मंगलध्वनि किसे कहते हैं?
शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी क्यों हैं?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए:
'मंगलध्वनि' का क्या अभिप्राय है?
शहनाई के विषय में 'नौबत खाने में इबादत' पाठ के आधार पर निम्नलिखित में कौन-सी बात असत्य है?
