हिंदी

आज के युवाओं को बिस्मिल्ला के चरित्र से क्या सीख लेनी चाहिए?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

आज के युवाओं को बिस्मिल्ला के चरित्र से क्या सीख लेनी चाहिए?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

बिस्मिल्ला खाँ अत्यंत सादगी से जीवन जीते थे। वे सफलता के शिखर पर पहुँचने के बाद भी घंटों रियाज किया करते थे। वे बनाव-सिंगार पर ध्यान न देकर लक्ष्य प्राप्ति में जुटे रहे। उनके चरित्र से युवाओं को फैशन एवं सिंगार से दूर रहकर सफलता या लक्ष्य प्राप्ति की ओर ध्यान लगाने, परिश्रमी बनने तथा निरंतर अभ्यास करने की सीख लेनी चाहिए।

shaalaa.com
नौबतखाने में इबादत
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?

संबंधित प्रश्न

सुषिर-वाद्यों से क्या अभिप्राय है?


आशय स्पष्ट कीजिए -

‘फटा सुर न बख्शें। लुंगिया का क्या है, आज फटी है, तो कल सी जाएगी।’


काशी में हो रहे कौन-से परिवर्तन बिस्मिल्ला खाँ को व्यथित करते थे?


पाठ में आए किन प्रसंगों के आधर पर आप कह सकते हैं कि -

बिस्मिल्ला खाँ मिली-जुली संस्कृति के प्रतीक थे।


बिस्मिल्ला खाँ के व्यक्तित्व की कौन-कौन सी विशेषताओं ने आपको प्रभावित किया?


बिस्मिल्ला खाँ कला के अनन्य उपासक थे, तर्क सहित उत्तर दीजिए।


अमीरुद्दीन के मामा की दिनचर्या की शुरुआत कैसे होती थी?


रीड क्या है? शहनाई के लिए इसकी क्या उपयोगिता है?


बिस्मिल्ला खाँ अपनी जवानी के दिनों की किन यादों में खो जाते हैं?


बिस्मिल्ला खाँ फ़िल्म देखने के अपने शौक को किस तरह पूरा किया करते थे?


उस्ताद बिस्मिल्ला खाँ काशी छोड़कर अन्यत्र क्यों नहीं जाना चाहते हैं?


‘नौबतखाने में इबादत’ नामक पाठ में निहित संदेश स्पष्ट कीजिए।


मंगलध्वनि किसे कहते हैं?


शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी क्यों हैं?


भारत रत्न बिस्मिल्ला खाँ पर 'सादा जीवन उच्च विचार' वाली कहावत चरितार्थ होती है, कैसे?


'भारत रत्न' जैसे पुरस्कार से सम्मानित किए जाने का कारण बिस्मिल्ला खाँ की दृष्टि में था -


गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -

काशी में किस प्रकार के परिवर्तन हो रहे थे और उन परिवर्तनों पर बिस्मिल्ला खाँ क्या सोचते थे?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×