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English Medium कक्षा १० - CBSE Question Bank Solutions

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महंत जी ने हरिहर काका की ज़मीन हड़पने के लिए धर्म, मोह और माया का सहारा किस तरह लिया? उनका ऐसा करना आप कितना उचित मानते हैं?

[1] हरिहर काका
Chapter: [1] हरिहर काका
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लोभी महंत एक ओर हरिहर काका को यश और बैकुंठ का लोभ दिखा रहा था तो दूसरी ओर पूर्व जन्म के उदाहरण द्वारा भय भी दिखा रहा था। स्पष्ट कीजिए।

[1] हरिहर काका
Chapter: [1] हरिहर काका
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महंत की बातें सुनकर हरिहर काका किस दुविधा में फँस गए? पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

[1] हरिहर काका
Chapter: [1] हरिहर काका
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ठाकुरबारी के साधु-संतों के व्यवहार से काका को किस वास्तविकता का ज्ञान हुआ? साधु-संतों का ऐसा व्यवहार कितना उचित था?

[1] हरिहर काका
Chapter: [1] हरिहर काका
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आप हरिहर काका के भाई की जगह होते तो क्या करते?

[1] हरिहर काका
Chapter: [1] हरिहर काका
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कोई भी भाषा आपसी व्यवहार में बाधा नहीं बनती−पाठ के किस अंश से यह सिद्ध होता हैं?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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पीटी साहब की 'शाबाश' फ़ौज के तमगों-सी क्यों लगती थी। स्पष्ट कीजिए।

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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नयी श्रेणी में जाने और नयी कापियों और पुरानी किताबों से आती विशेष गंध से लेखक का बालमन क्यों उदास हो उठता था?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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स्काउट परेड करते समय लेखक अपने को महत्वपूर्ण 'आदमी' फ़ौजी जवान क्यों समझने लगता था?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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हेडमास्टर शर्मा जी ने पीटी साहब को क्यों मुअतल कर दिया?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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लेखक के अनुसार उन्हें स्कूल खुशी से भागे जाने की जगह न लगने पर भी कब और क्यों उन्हें स्कूल जाना अच्छा लगने लगा?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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लेखक अपने छात्र जीवन में स्कूल से छुट्टियों में मिले काम को पूरा करने के लिए क्या-क्या योजनाएँ बनाया करता था और उसे पूरा न कर पाने की स्थिति में किसकी भाँति ‘बहादुर’ बनने की कल्पना किया करता था?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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पाठ में वर्णित घटनाओं के आधार पर पीटी सर की चारित्रिक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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विद्यार्थियों को अनुशासन में रखने के लिए पाठ में अपनाई गई युक्तियों और वर्तमान में स्वीकृत मान्यताओं के संबंध में अपने विचार प्रकट कीजिए।

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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बचपन की यादें मन को गुदगुदाने वाली होती हैं विशेषकर स्कूली दिनों की। अपने अब तक के स्कूली जीवन की खट्टी-मीठी यादों को लिखिए ।

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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प्राय: अभिभावक बच्चों को खेल-कूद में ज़्यादा रूचि लेने पर रोकते हैं और समय बरबाद न करने की नसीहत देते हैं बताइए −

खेल आपके लिए क्यों ज़रूरी हैं?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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प्राय: अभिभावक बच्चों को खेल-कूद में ज़्यादा रूचि लेने पर रोकते हैं और समय बरबाद न करने की नसीहत देते हैं बताइए −

आप कौन से ऐसे नियम-कायदों को अपनाएँगे जिससे अभिभावकों को आपके खेल पर आपत्ति न हो?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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‘बच्चों की यह स्वाभाविक विशेषता होती है कि खेल ही उन्हें सबसे अच्छा लगता है।’ सपनों के-से दिन नामक पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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लेखक के बचपन के समय बच्चे पढ़ाई में रुचि नहीं लेते थे।-स्पष्ट कीजिए।

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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लेखक के बचपन में बच्चों के न पढ़ पाने के लिए अभिभावक अधिक जिम्मेदार थे। इससे आप कितना सहमत हैं?

[2] सपनों के-से दिन
Chapter: [2] सपनों के-से दिन
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