Theorems and Laws [12]
सिद्ध कीजिए कि वृत्त के कोई भी तीन बिंदु एक रैखिक नहीं होते।

दत्त: (1) O केंद्रवाला एक वृत्त है |
(2) बिंदु A, B तथा C वृत्त पर स्थित बिंदु है |
साध्य: बिंदु A, B तथा C एक रैखिक नहीं है |
रचना: रेख AB, रेख BC, रेख OA, रेख OB और रेख OC खींचो |
उपपत्ति:
बिंदु A, B तथा C वृत्त पर स्थित बिंदु है | ............(दत्त)
अब, OA = OB ..................(एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ)
∴ बिंदु O यह रेख AB के अंत बिंदुओं A तथा B से समदूरस्थ है |
∴ बिंदु O, रेख AB के लंब समद्विभाजक पर स्थित है | .................(लंब समद्विभाजक के प्रमेय से) .........(1)
और OB = OC .............(एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ)
∴ बिंदु O यह रेख BC के अंत बिंदुओं B तथा C से समदूरस्थ है |
∴ बिंदु O, रेख BC के लंब समद्विभाजक पर स्थित है | .................(लंब समद्विभाजक के प्रमेय से) .........(2)
∴ (1) और (2) से,
बिंदु O यह रेख AB तथा रेख BC दोनों के लंब समद्विभाजकों पर स्थित है |
∴ रेख AB तथा रेख BC दोनों के लंब समद्विभाजक परस्पर बिंदु O पर प्रतिच्छेदित करते है |
मानो कि, बिंदु A, B और C एकरैखिक बिंदु है |
इस आधार पर, रेख AB तथा रेख BC के लंब समद्विभाजक परस्पर समांतर है अर्थात एक-दूसरे को प्रतिच्छेदित नहीं करेंगे |
परंतु, यह कथन, कथन (4) से असंगत है |
∴ हमारी मान्यता गलत है |
∴ बिंदु A, B और C एकरैखिक नहीं है |
∴ वृत्त के कोई भी तीन बिंदु एकरैखिक नहीं होते |

ΔABC में, भुजा BC को एक वृत्त बाह्यभाग में स्पर्श करता है। उसी प्रकार भुजा AC और भुजा AB को आगे बढ़ाने पर यह वृत्त को बिन्दु N तथा बिन्दु M पर स्पर्श करता है, तो सिद्ध कीजिए: AM = `1/2`(ΔABC की परिमिति)
दत्त: रेखा AN और रेखा AM वृत्त की स्पर्श रेखाखंड हैं।
साध्य: AM = `1/2`(ΔABC की परिमिति)
उपपत्ति:
1. रेखा AN और रेखा AM वृत्त की स्पर्श रेखाखंड हैं। ....[पक्ष]
2. वृत्त के बाह्य भाग में स्थित बिंदु से उस वृत्त पर खींचे गए स्पर्श रेखाखंड सर्वांगसम होते हैं। ...[स्पर्शरेखाखंड का प्रमेय]
3. AN = AM
4. CP = CN
5. BP = BM
6. ΔABC की परिमिति = AB + AC + BC
= AB + AC + BP + CP
= AB + AC + BM + CN ...[(4) और (5) से]
= AB + BM + AC + CN
= AM + AN
7. ΔABC की परिमिति = AM + AM ...[विधान (3) से]
8. ΔABC की परिमिति = 2AM
∴ AM = `1/2` × (ΔABC की परिमिति)
संलग्न आकृति में, C केंद्रवाला वृत्त D केंद्रवाले वृत्त को E बिंदु पर अंतःस्पर्श करता है। बिंदु D अंतःवृत्त पर है। बाह्य वृत्त की जीवा EB अंतःवृत्त को A बिंदु पर प्रतिच्छेदित करती है। सिद्ध कीजिए, कि रेख EA ≅ रेख AB

रेख ED और रेख DA खींचो |
E-C-D .......(स्पर्श वृत्त के प्रमेय से)
∴ रेख ED छोटे वृत्त का व्यास है |
∴ ∠EAD = 90° ..........(अर्धवृत्त में अंतर्लिखित कोण समकोण होता है |)..............(1)
बड़े वृत्त में, रेख DA ⊥ जीवा EB ...[(1) से]
∵ केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है |
∴ EA = AB
∴ रेख EA ≅ रेख AB.
आकृति में, रेख AB बिंदु O केंद्रवाले वृत्त का व्यास है। अंतर्लिखित ∠ACB का समद्विभाजक वृत्त को D बिंदु पर प्रतिच्छेदित करता है। सिद्ध कीजिए कि रेख AD ≅ रेख BD। नीचे दी गई उपपत्ति में रिक्त स्थान की पूर्ति कर पूर्ण कीजिए।
उपपत्ति : रेख OD खींचिए।
∠ACB = `square` (अर्धवृत्त में अंतर्लिखित कोण)
∠DCB = `square` (रेख CD, ∠C का समद्विभाजक है)
m(चाप DB) = `square` (अंतर्लिखित कोण का प्रमेय)
∠DOB = `square` (चाप के माप की परिभाषा) (I)
रेख OA ≅ रेख OB..........(`square`) (II)
∴ रेखा OD रेख AB की `square` रेखा है। (I) तथा (II) से
∴ रेखा AD ≅ रेख BD

रेख OD खींचिए।
∠ACB = `underline(90^circ)` (अर्धवृत्त में अंतर्लिखित कोण)
∠DCB = `underline(45^circ)` (रेख CD, ∠C का समद्विभाजक है)
m(चाप DB) = `underline(90^circ)` (अंतर्लिखित कोण का प्रमेय)
∠DOB = `underline(90^circ)` (चाप के माप की परिभाषा) (I)
रेख OA ≅ रेख OB..........(एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ) (II)
∴ रेखा OD रेख AB की लंब समद्विभाजक रेखा है। (I) तथा (II) से
∴ रेखा AD ≅ रेख BD
संलग्न आकृति में, जीवा EF || जीवा GH तो सिद्ध कीजिए कि, जीवा EG ≅ जीवा FH नीचे दी गई उपपत्ति में रिक्त स्थानों की पूर्ति कर उपपत्ति पूर्ण कीजिए।
उपपत्ति : रेख GF खींचिए।
∠EFG = ∠FGH ........... `square` (I)
∠EFG = `square` (अंतर्लिखित कोण के प्रमेय से) (II)
∠FGH = `square` (अंतर्लिखित कोण के प्रमेय से) (III)
∴ m (चाप EG) = `square` [(I), (II) तथा (III) से]
जीवा EG ≅ जीवा FH .......... `(square)`

रेख GF खींचिए।
∠EFG = ∠FGH ........... एकांतर कोण (I)
∠EFG = `underline(1/2)`m(चाप EG) (अंतर्लिखित कोण के प्रमेय से) (II)
∠FGH = `underline(1/2)`m(चाप FH) (अंतर्लिखित कोण के प्रमेय से) (III)
∴ m (चाप EG) = m(चाप FH) [(I), (II) तथा (III) से]
जीवा EG ≅ जीवा FH ..........(सर्वांगसम चापों की संगत जीवाऍँ)
सिद्ध कीजिए कि, “एक की चाप में अंतर्लिखित कोण सर्वांगसम होते हैं।”

चाप PTR को ∠PQR से विभाजित किया गया है।
चाप PTR को ∠PSR से विभाजित किया गया है।
∠PQR = `1/2`m(चाप PTR) और ......(i) [अंतर्लिखित कोण का प्रमेय]
∠PSR = `1/2`m(चाप PTR) ...............(ii) [अंतर्लिखित कोण का प्रमेय]
∴ ∠PQR ≅ ∠PSR ............[विधान (i) व (ii) से]
आकृति में, दो वृत्त एक दूसरे को बिंदु M तथा N पर प्रतिच्छेदित करते हैं। यदि बिंदु M तथा N से खींची गई वृत्त की छेदन रेखाएँ वृत्तों के क्रमशः बिंदु R तथा S पर तथा बिंदु P तथा Q पर प्रतिच्छेदित करती हों तो सिद्ध कीजिए कि PR || QS


रेख MN खींचो |
`square`MRPN चक्रीय चतुर्भुज है और ∠MNQ उसका बहिष्कोण है |
∴ ∠MNQ = ∠MRP ...........(चक्रीय चतुर्भुज के प्रमेय का उपप्रमेय) ....(1)
`square`MNQS चक्रीय चतुर्भुज है |
∴ ∠MNQ + ∠MSQ = 180° ........(चक्रीय चतुर्भुज का प्रमेय)
∴ ∠MRP + ∠MSQ = 180° .......[(1) से]
∴ ∠SRP + ∠RSQ = 180° ..............(R-M-S)
∴ रेख PR || रेख QS ........(अंतःकोण कसौटी)
सिद्ध कीजिए कि कोई भी आयत चक्रीय चतुर्भुज होता है।

दत्त: `square`ABCD एक आयत है |
साध्य: `square`ABCD चक्रीय चतुर्भुज है |
उपपत्ति: `square`ABCD एक आयत है | ...........(दत्त)
∴ ∠A = ∠B = ∠C = ∠D = 90° .........(आयत के कोण)
∠A + ∠C = 90° + 90° = 180°
∴ `square`ABCD चक्रीय चतुर्भुज है | ...........(चक्रीय चतुर्भुज के प्रमेय का विलोम)
ΔABC में, रेख AD ⊥ भुजा BC, रेख BE ⊥ भुजा AC, रेख CF ⊥ भुजा AB। बिंदु ‘O’ लंबपाद हो तो सिद्ध कीजिए कि, बिंदु ‘O’ ΔDEF का अंतःकेंद्र है।


रेख EF, रेख DF और रेख DE खींचो |
रेख AD ⊥ भुजा BC,
रेख BE ⊥ भुजा AC,
रेख CF ⊥ भुजा AB ...................(दत्त) ..........(1)
∴ ∠BFC = ∠BEC = 90° ............[(1) से]
रेखा BC पर स्थित दो भिन्न बिंदु B और C उसी रेखा के एक ही ओर स्थित दो भिन्न बिंदु F और E पर सर्वांगसम कोण बनाता है |
∴ बिंदु B, F, E और C एक ही वृत्त पर हैं |
∴ ∠FEB ≅ ∠FCB ............(एक ही वृत्तचाप के अंतर्लिखित कोण)
∠OEC = ∠ODC = 90° ............[(1) से] ..........(2)
∴ ∠OEC + ∠ODC = 90° + 90° = 180°
∴ `square`OEDC चक्रीय चतुर्भुज है | ........(चक्रीय चतुर्भुज के प्रमेय का विलोम)
∴ ∠OED ≅ ∠OCD ................(एक ही वृत्त चाप के अंतर्लिखित कोण)
∴ ∠OED ≅ ∠FCB ..............(F-O-C, B-D-C) .............(3)
∴ ∠FEB ≅ ∠OED ...............[(2) और (3) से]
∴ ∠FEO ≅ ∠OED .........(B-O-E)
∴ रेख EO, ∠FED को समद्विभाजित करती है |
इसी प्रकार, हम सिद्ध कर सकते है कि, रेख DO ∠FDE को समद्विभाजित करती है तथा रेख FO, ∠EFD को समद्विभाजित करती है |
∴ बिंदु O ΔDEF के कोणों के समद्विभाजकों का प्रतिच्छेदन बिंदु है |
∴ बिंदु 'O' ΔDEF का अंतः केंद्र है |
उपरोक्त प्रश्न को समझने के लिए संकेत :

बिंदु F, E, C और B एक ही वृत्त पर हैं | यह सिद्ध करने पर, हमें प्राप्त होता है कि,
∠1 = ∠3 ..........(एक ही वृत्त चाप के अंतर्लिखित कोण)
तो, `square`OECD चक्रीय चतुर्भुज हैं यह सिद्ध करने पर,
हमें प्राप्त होता है कि, ∠2 = ∠3 ..................(एक ही वृत्त चाप के अंतर्लिखित कोण)
∴ ∠1 = ∠2
∴ रेख OE, ∠FED को समद्विभाजित करती है |
इसी प्रकार, हम सिद्ध कर सकते है कि, रेख DO, ∠FDE को समद्विभाजित करती है |
तथा रेख FO, ∠EFD को समद्विभाजित करती है |
∴ बिंदु O, अंतः केंद्र है |
दो वृत्त परस्पर बिंदु A तथा बिंदु E पर प्रतिच्छेदित करते हैं। बिंदु E से खींची गई सामान्य छेदन रेखा वृत्तों को बिंदु B तथा बिंदु D पर प्रतिच्छेदित करती है। बिंदु B तथा बिंदु D से खींची गई स्पर्श रेखाएँ परस्पर बिंदु C पर प्रतिच्छेदित करती हैं। सिद्ध कीजिए कि, `square`ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है।

रेख AB, रेख AE और रेख AD खींचों |
∴ `{:(∠"EBC" = ∠"BAE", ........(1)),(∠"EDC" = ∠"DAE", ........(2)):}}` ...........(स्पर्श रेखा-छेदन रेखा के प्रमेय से)
ΔBCD में,
∠DBC + ∠BDC + ∠BCD = 180° .....(त्रिभुज के सभी कोणों के मापों का योग)
∠EBC + ∠EDC + ∠BCD = 180° ........(B-E-D)
∴ ∠BAE + ∠DAE + ∠BCD = 180° ..........[(1) और (2) से]
∴ (∠BAE + ∠DAE) + ∠BCD = 180°
∴ ∠BAD + ∠BCD = 180° ..........(कोणों के मापों का योग गुणधर्म)
∴ `square`ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है। ..........(चक्रीय चतुर्भुज के प्रमेय का विलोम)
आकृति में, रेख EF व्यास और रेख DF स्पर्श रेखाखंड है। वृत्त की त्रिज्या r हो, तो सिद्ध कीजिए - DE × GE = 4r2
रेखा DF वृत्त की स्पर्श रेखा है जो कि वृत्त को बिंदु F पर स्पर्श करती है | छेदन रेखा DGE वृत्त को बिंदु G और E पर प्रतिच्छेदित करती है |
∴ स्पर्श रेखा-छेदन रेखा रेखाखंडों प्रमेय से,
DF2 = DG × DE ..........(1)
ΔDFE में, ∠DFE = 90° .........(स्पर्श रेखा के प्रमेय से)
∴ पायथागोरस के प्रमेय से,
DE2 = DF2 + EF2
∴ DE2 = DF2 + (2r)2 .............(वृत्त का व्यास त्रिज्या का दो गुना होता है)
∴ DE2 = DF2 + 4r2 .
∴ 4r2 = DE2 - DF2
∴ 4r2 = DE2 - DG × DE ........[(1) से]
∴ 4r2 = DE(DE - DG)
∴ 4r2 = DE × GE
∴ DE × GE = 4r2
आकृति में दो वृत्त परस्पर बिंदु S तथा बिंदु R पर प्रतिच्छेदित करते हैं। रेखा PQ उन वृत्तों की सामान्य स्पर्श रेखा है जो उन्हे बिंदु P तथा Q पर स्पर्श करती है। सिद्ध कीजिए कि - ∠PRQ + ∠PSQ = 180°

रेख SR खींचों |
`{:(∴∠"PSR" = ∠"RPQ", ........(1)), ("तथा" ∠"RSQ" = ∠"RQP", ........(2)):}}` ...........(स्पर्श रेखा-छेदन रेखा के प्रमेय से)
ΔPRQ में,
∠PRQ + ∠RPQ + ∠RQP = 180° .....(त्रिभुज के सभी कोणों के मापों का योग) ........(3)
∴ ∠PRQ + ∠PSR + ∠RSQ = 180° ..........[(1), (2) और (3) से]
∴ ∠PRQ + (∠PSR + ∠RSQ) = 180°
∴ ∠PRQ + ∠PSQ = 180° ..............(कोणों के मापों का योग)
Important Questions [21]
- यदि वृत्त की त्रिज्या 5 सेमी हो, तो उस वृत्त की सबसे बड़ी जीवा की लंबाई ज्ञात कीजिए।
- ‘O’ केंद्र वाले वृत्त की रेख AB जीवा है। AOC वृत्त का व्यास है। AT वृत्त के बिंदु A पर बनी स्पर्शरेखा है। इस आधार पर नीचे दिए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
- दी गई आकृति में, C केंद्रवाले वृत्त के बाह्य बिंदु A से खींची गई स्पर्श रेखाएँ AB तथा AD हैं। सिद्ध करो कि: ∠A = 12 [m(चाप BYD – m(चाप BXD)]
- केंद्र ‘O’ तथा 3 सेमी तथा 5 सेमी त्रिज्या लेकर दो एककेंद्रीय वृत्त खींचो। बड़े वृत्त पर स्थित बिंदु A से छोटे वृत्त पर स्पर्श रेखा खींचो। स्पर्श रेखाखंड की लंबाई मापकर लिखो।
- 'O' केंद्र तथा 3 सेमी त्रिज्या का एक वृत्त बनाइए।वृत्त के बाहर स्थित बिंदु P से स्पर्श रेखाखंड PA तथा PB इस प्रकार बनाइये कि ∠APB = 70°
- ΔABC में, भुजा BC को एक वृत्त बाह्यभाग में स्पर्श करता है। उसी प्रकार भुजा AC और भुजा AB को आगे बढ़ाने पर यह वृत्त को बिन्दु N तथा बिन्दु M पर स्पर्श करता है, तो सिद्ध कीजिए: AM = 12(ΔABC की परिमिति)
- ‘O’ केंद्रवाले वृत्त के बाह्य बिंदु ‘P’ से वृत्त पर स्थित बिंदु A से स्पर्श रेखा AP खींची गई है। OP = 12 सेमी तथा ∠OPA = 30° हो, तो वृत्त की त्रिज्या ______ होगी।
- आकृति में m(चाप NS) = 125°, m(चाप EF) = 37°, तो ∠NMS का माप ज्ञात कीजिए।
- 5 सेमी तथा 3 सेमी त्रिज्या वाले दो वृत्त परस्पर बाह्यस्पर्श करते हैं, तो उनके केंद्रों के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।
- यदि ΔABC ∼ ΔDEF तथा ∠A = 48° हो, तो ∠D = ______.
- आकृति में, C केंद्रवाले वृत्त पर G, D, E और F बिंदु हैं। ∠ECF का माप 70° और चाप DGF का माप 200° हो, तो चाप DE और चाप DEF के माप ज्ञात कीजिए।
- जीवा AB तथा जीवा CD, ‘O’ केंद्रवाले वृत्त की सर्वागसम जीवाएँ हैं। यदि m(चाप AB) = 120° हो, तो m(चाप CD) ज्ञात करो।
- दी गई आकृति में, जीवा PQ तथा जीवा RS एक-दूसरे को बिंदु T पर प्रतिच्छेदित करती हैं। यदि ∠STQ = 58° तथा ∠PSR = 24° हो, ही तो निम्न कृति पूर्ण करके सिद्ध करो: ∠STQ = 12 [m(चाप PR) + m(चाप SQ)] कृति:
- ऊपर दी गई आकृति में, ∠L = 35° तो m(चाप MN) m(चाप MLN) ज्ञात कीजिए। हल: ∠L = 12 m(चाप MN) ............(अंतर्लिखित कोण का प्रमेय)∴ □=12 m(चाप MN)∴ 2 × 35 = m(चाप MN)∴ m(चाप MN)
- ऊपर दी गयी आकृति में, ∠ABC यह चाप ABC में अंतर्लिखित कोण है। यदि ∠ABC = 60%, तो m ∠AOC ज्ञात कीजिए।
- सिद्ध कीजिए कि, “एक की चाप में अंतर्लिखित कोण सर्वांगसम होते हैं।”
- सिद्ध करो: ''चक्रीय चतुर्भुज के सम्मुख कोण परस्पर संपूरक होते हैं।''
- दत्त: वृत्त का केंद्र P है। जीवा AB और जीवा CD परस्पर बिंदु E पर प्रतिच्छेदित करती हैं। साध्य: AE × EB = CE × ED रचना: रेख AC और रेख DB खींचिए। खाली जगह भरकर उपपत्ति पूर्ण कीजिए।
- दी गई आकृति में, m(चाप DXE) = 105°, m(चाप AYC) = 47° हो, तो ∠DBE का मान ज्ञात करो।
- वृत्त को जीवाएँ AB तथा CD वृत्त के अंत:भाग में बिदु E पर प्रतिच्छेदित करती हैं। यदि AE = 4, EB = 10, CE = 8, तो ED का मान ज्ञात कीजिए?
- 3 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त की सबसे बड़ी जीवा लंबाई = ?
Concepts [24]
- वृत्त
- एक, दो तथा तीन बिंदुओं से होकर जाने वाले वृत्त
- वृत्त की छेदन रेखा और स्पर्शरेखा
- स्पर्शरेखा-त्रिज्या प्रमेय (Tangent Theorem)
- स्पर्श रेखा - त्रिज्या प्रमेय का विलोम
- स्पर्शरेखाखंड का प्रमेय (Tangent Segment Theorem)
- स्पर्श वृत्त (Touching Circle)
- स्पर्श वृत्त प्रमेय (Theorem of Touching Circles)
- वृत्त चाप (Arc of a Circle)
- चाप की सर्वांगसमता (Congruence of Arcs)
- चाप के मापों के योग का गुणधर्म (Property of Sum of Measures of Arcs)
- अंतर्लिखित कोण
- अंतःखंडित चाप
- अंतर्लिखित कोण का प्रमेय
- अंतर्लिखित कोण के प्रमेय का उपप्रमेय
- चक्रीय चतुर्भुज (Cyclic Quadrilateral)
- चक्रीय चतुर्भुज का प्रमेय (Theorem of Cyclic Quadrilateral)
- चक्रीय चतुर्भुज के प्रमेय का उपप्रमेय (Corollary of Cyclic Quadrilateral Theorem)
- चक्रीय चतुर्भुज के प्रमेय का विलोम
- स्पर्श रेखा-छेदन रेखा कोण का प्रमेय (Theorem of Angle Between Tangent and Secant)
- स्पर्श रेखा - छेदन रेखा कोण के प्रमेय का विलोम
- जीवाओं का अंतःछेदन प्रमेय (Theorem of Internal Division of Chords)
- जीवाओं का बहिर्च्छेदन प्रमेय (Theorem of External Division of Chords)
- स्पर्शरेखा छेदन रेखा रेखाखंडों का प्रमेय (Tangent Secant Segments Theorem)
