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Revision: वृत्त Mathematics 2 - Geometry [गणित २ - ज्यामिति] SSC (Hindi Medium) 10th Standard Board Exam [१० वीं कक्षा] Maharashtra State Board

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Theorems and Laws [12]

सिद्ध कीजिए कि वृत्त के कोई भी तीन बिंदु एक रैखिक नहीं होते।

दत्त: (1) O केंद्रवाला एक वृत्त है |

(2) बिंदु A, B तथा C वृत्त पर स्थित बिंदु है |

साध्य: बिंदु A, B तथा C एक रैखिक नहीं है |

रचना: रेख AB, रेख BC, रेख OA, रेख OB और रेख OC खींचो | 

उपपत्ति:

बिंदु A, B तथा C वृत्त पर स्थित बिंदु है | ............(दत्त) 

अब, OA = OB  ..................(एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ)

∴ बिंदु O यह रेख AB के अंत बिंदुओं A तथा B से समदूरस्थ है |

∴ बिंदु O, रेख AB के लंब समद्‌विभाजक पर स्थित है |  .................(लंब समद्‌विभाजक के प्रमेय से) .........(1)

और OB = OC .............(एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ)

∴ बिंदु O यह रेख BC के अंत बिंदुओं B तथा C से समदूरस्थ है |

∴ बिंदु O, रेख BC के लंब समद्‌विभाजक पर स्थित है | .................(लंब समद्‌विभाजक के प्रमेय से) .........(2)

∴ (1) और (2) से,

बिंदु O यह रेख AB तथा रेख BC दोनों के लंब समद्‌विभाजकों पर स्थित है |

∴ रेख AB तथा रेख BC दोनों के लंब समद्‌विभाजक परस्पर बिंदु O पर प्रतिच्छेदित करते है |

मानो कि, बिंदु A, B और C एकरैखिक बिंदु है |

इस आधार पर, रेख AB तथा रेख BC के लंब समद्‌विभाजक परस्पर समांतर है अर्थात एक-दूसरे को प्रतिच्छेदित नहीं करेंगे |

परंतु, यह कथन, कथन (4) से असंगत है |

∴ हमारी मान्यता गलत है |

∴ बिंदु A, B और C एकरैखिक नहीं है |

∴ वृत्त के कोई भी तीन बिंदु एकरैखिक नहीं होते | 

ΔABC में, भुजा BC को एक वृत्त बाह्यभाग में स्पर्श करता है। उसी प्रकार भुजा AC और भुजा AB को आगे बढ़ाने पर यह वृत्त को बिन्दु N तथा बिन्दु M पर स्पर्श करता है, तो सिद्ध कीजिए: AM = `1/2`(ΔABC की परिमिति)

दत्त: रेखा AN और रेखा AM वृत्त की स्पर्श रेखाखंड हैं।

साध्य: AM = `1/2`(ΔABC की परिमिति) 

उपपत्ति:

1. रेखा AN और रेखा AM वृत्त की स्पर्श रेखाखंड हैं।     ....[पक्ष]

2. वृत्त के बाह्य भाग में स्थित बिंदु से उस वृत्त पर खींचे गए स्पर्श रेखाखंड सर्वांगसम होते हैं।     ...[स्पर्शरेखाखंड का प्रमेय]

3. AN = AM

4. CP = CN

5. BP = BM

6. ΔABC की परिमिति = AB + AC + BC

= AB + AC + BP + CP

= AB + AC + BM + CN     ...[(4) और (5) से]

= AB + BM + AC + CN

= AM + AN

7. ΔABC की परिमिति = AM + AM     ...[विधान (3) से]

8. ΔABC की परिमिति = 2AM

∴ AM = `1/2` × (ΔABC की परिमिति)

संलग्न आकृति में, C केंद्रवाला वृत्त D केंद्रवाले वृत्त को E बिंदु पर अंतःस्पर्श करता है। बिंदु D अंतःवृत्त पर है। बाह्य वृत्त की जीवा EB अंतःवृत्त को A बिंदु पर प्रतिच्छेदित करती है। सिद्ध कीजिए, कि रेख EA ≅ रेख AB 

 

रेख ED और रेख DA खींचो | 

E-C-D .......(स्पर्श वृत्त के प्रमेय से)

∴ रेख ED छोटे वृत्त का व्यास है |

∴ ∠EAD = 90° ..........(अर्धवृत्त में अंतर्लिखित कोण समकोण होता है |)..............(1)

बड़े वृत्त में, रेख DA ⊥ जीवा EB ...[(1) से]

∵ केंद्र से जीवा पर डाला गया लंब जीवा को समद्विभाजित करता है |

∴ EA = AB

∴ रेख EA ≅ रेख AB.

आकृति में, रेख AB बिंदु O केंद्रवाले वृत्त का व्यास है। अंतर्लिखित ∠ACB का समद्‌विभाजक वृत्त को D बिंदु पर प्रतिच्छेदित करता है। सिद्ध कीजिए कि रेख AD ≅ रेख BD। नीचे दी गई उपपत्ति में रिक्त स्थान की पूर्ति कर पूर्ण कीजिए।

उपपत्ति : रेख OD खींचिए।

∠ACB = `square` (अर्धवृत्त में अंतर्लिखित कोण)

∠DCB = `square` (रेख CD, ∠C का समद्‌विभाजक है)

m(चाप DB) = `square` (अंतर्लिखित कोण का प्रमेय)

∠DOB = `square` (चाप के माप की परिभाषा) (I)

रेख OA ≅ रेख OB..........(`square`) (II)

∴ रेखा OD रेख AB की `square` रेखा है। (I) तथा (II) से

∴ रेखा AD ≅ रेख BD 

रेख OD खींचिए।

∠ACB = `underline(90^circ)` (अर्धवृत्त में अंतर्लिखित कोण)

∠DCB = `underline(45^circ)` (रेख CD, ∠C का समद्‌विभाजक है)

m(चाप DB) = `underline(90^circ)` (अंतर्लिखित कोण का प्रमेय)

∠DOB = `underline(90^circ)` (चाप के माप की परिभाषा) (I)

रेख OA ≅ रेख OB..........(एक ही वृत्त की त्रिज्याएँ) (II)

∴ रेखा OD रेख AB की लंब समद्‌विभाजक रेखा है। (I) तथा (II) से

∴ रेखा AD ≅ रेख BD  

संलग्न आकृति में, जीवा EF || जीवा GH तो सिद्ध कीजिए कि, जीवा EG ≅ जीवा FH नीचे दी गई उपपत्ति में रिक्त स्थानों की पूर्ति कर उपपत्ति पूर्ण कीजिए।

उपपत्ति : रेख GF खींचिए।

∠EFG = ∠FGH ........... `square` (I)

∠EFG = `square` (अंतर्लिखित कोण के प्रमेय से) (II)

∠FGH = `square` (अंतर्लिखित कोण के प्रमेय से) (III)

∴ m (चाप EG) = `square` [(I), (II) तथा (III) से]

जीवा EG ≅ जीवा FH .......... `(square)`

रेख GF खींचिए।

∠EFG = ∠FGH ........... एकांतर कोण (I) 

∠EFG = `underline(1/2)`m(चाप EG) (अंतर्लिखित कोण के प्रमेय से) (II) 

∠FGH = `underline(1/2)`m(चाप FH) (अंतर्लिखित कोण के प्रमेय से) (III)

∴ m (चाप EG) = m(चाप FH) [(I), (II) तथा (III) से] 

जीवा EG ≅ जीवा FH ..........(सर्वांगसम चापों की संगत जीवाऍँ) 

सिद्ध कीजिए कि, “एक की चाप में अंतर्लिखित कोण सर्वांगसम होते हैं।”

चाप PTR को ∠PQR से विभाजित किया गया है।

चाप PTR को ∠PSR से विभाजित किया गया है।

∠PQR = `1/2`m(चाप PTR) और ......(i) [अंतर्लिखित कोण का प्रमेय]

∠PSR = `1/2`m(चाप PTR) ...............(ii) [अंतर्लिखित कोण का प्रमेय]

∴ ∠PQR ≅ ∠PSR ............[विधान (i) व (ii) से]

आकृति में, दो वृत्त एक दूसरे को बिंदु M तथा N पर प्रतिच्छेदित करते हैं। यदि बिंदु M तथा N से खींची गई वृत्त की छेदन रेखाएँ वृत्तों के क्रमशः बिंदु R तथा S पर तथा बिंदु P तथा Q पर प्रतिच्छेदित करती हों तो सिद्ध कीजिए कि PR || QS

रेख MN खींचो | 

`square`MRPN चक्रीय चतुर्भुज है और ∠MNQ उसका बहिष्कोण है |

∴ ∠MNQ = ∠MRP ...........(चक्रीय चतुर्भुज के प्रमेय का उपप्रमेय) ....(1)

`square`MNQS चक्रीय चतुर्भुज है | 

∴ ∠MNQ + ∠MSQ = 180° ........(चक्रीय चतुर्भुज का प्रमेय)

∴ ∠MRP + ∠MSQ = 180° .......[(1) से]

∴ ∠SRP + ∠RSQ = 180° ..............(R-M-S)

रेख PR || रेख QS ........(अंतःकोण कसौटी) 

सिद्ध कीजिए कि कोई भी आयत चक्रीय चतुर्भुज होता है।

दत्त: `square`ABCD एक आयत है |

साध्य: `square`ABCD चक्रीय चतुर्भुज है | 

उपपत्ति: `square`ABCD एक आयत है | ...........(दत्त)

∴ ∠A = ∠B = ∠C = ∠D = 90° .........(आयत के कोण)

∠A + ∠C = 90° + 90° = 180°

∴ `square`ABCD चक्रीय चतुर्भुज है |  ...........(चक्रीय चतुर्भुज के प्रमेय का विलोम) 

ΔABC में, रेख AD ⊥ भुजा BC, रेख BE ⊥ भुजा AC, रेख CF ⊥ भुजा AB। बिंदु ‘O’ लंबपाद हो तो सिद्ध कीजिए कि, बिंदु ‘O’ ΔDEF का अंतःकेंद्र है। 

रेख EF, रेख DF और रेख DE खींचो |

रेख AD ⊥ भुजा BC,

रेख BE ⊥ भुजा AC,

रेख CF ⊥ भुजा AB  ...................(दत्त) ..........(1)

∴ ∠BFC = ∠BEC = 90° ............[(1) से]

रेखा BC पर स्थित दो भिन्न बिंदु B और C उसी रेखा के एक ही ओर स्थित दो भिन्न बिंदु F और E पर सर्वांगसम कोण बनाता है |

∴ बिंदु B, F, E और C एक ही वृत्त पर हैं |

∴ ∠FEB ≅ ∠FCB ............(एक ही वृत्तचाप के अंतर्लिखित कोण)

∠OEC = ∠ODC = 90° ............[(1) से] ..........(2)

∴ ∠OEC + ∠ODC = 90° + 90° = 180° 

∴ `square`OEDC चक्रीय चतुर्भुज है | ........(चक्रीय चतुर्भुज के प्रमेय का विलोम)

∴ ∠OED ≅ ∠OCD ................(एक ही वृत्त चाप के अंतर्लिखित कोण)

∴ ∠OED ≅ ∠FCB ..............(F-O-C, B-D-C) .............(3)

∴ ∠FEB ≅ ∠OED ...............[(2) और (3) से]

∴ ∠FEO ≅ ∠OED .........(B-O-E)

∴ रेख EO, ∠FED को समद्विभाजित करती है |

इसी प्रकार, हम सिद्ध कर सकते है कि, रेख DO ∠FDE को समद्विभाजित करती है तथा रेख FO, ∠EFD को समद्विभाजित करती है |

∴ बिंदु O ΔDEF के कोणों के समद्‌विभाजकों का प्रतिच्छेदन बिंदु है |

∴ बिंदु 'O' ΔDEF का अंतः केंद्र है |

उपरोक्त प्रश्न को समझने के लिए संकेत : 

बिंदु F, E, C और B एक ही वृत्त पर हैं | यह सिद्ध करने पर, हमें प्राप्त होता है कि, 

∠1 = ∠3 ..........(एक ही वृत्त चाप के अंतर्लिखित कोण)

तो, `square`OECD चक्रीय चतुर्भुज हैं यह सिद्ध करने पर,

हमें प्राप्त होता है कि, ∠2 = ∠3 ..................(एक ही वृत्त चाप के अंतर्लिखित कोण)

∴ ∠1 = ∠2

∴ रेख OE, ∠FED को समद्विभाजित करती है |

इसी प्रकार, हम सिद्ध कर सकते है कि, रेख DO, ∠FDE को समद्विभाजित करती है |

तथा रेख FO, ∠EFD को समद्विभाजित करती है |

∴ बिंदु O, अंतः केंद्र है |

दो वृत्त परस्पर बिंदु A तथा बिंदु E पर प्रतिच्छेदित करते हैं। बिंदु E से खींची गई सामान्य छेदन रेखा वृत्तों को बिंदु B तथा बिंदु D पर प्रतिच्छेदित करती है। बिंदु B तथा बिंदु D से खींची गई स्पर्श रेखाएँ परस्पर बिंदु C पर प्रतिच्छेदित करती हैं। सिद्ध कीजिए कि, `square`ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है।

 

रेख AB, रेख AE और रेख AD खींचों |

∴ `{:(∠"EBC" = ∠"BAE", ........(1)),(∠"EDC" = ∠"DAE", ........(2)):}}` ...........(स्पर्श रेखा-छेदन रेखा के प्रमेय से)

ΔBCD में,

∠DBC + ∠BDC + ∠BCD = 180° .....(त्रिभुज के सभी कोणों के मापों का योग)

∠EBC + ∠EDC + ∠BCD = 180° ........(B-E-D)

∴ ∠BAE + ∠DAE + ∠BCD = 180° ..........[(1) और (2) से]

∴ (∠BAE + ∠DAE) + ∠BCD = 180°

∴ ∠BAD + ∠BCD = 180° ..........(कोणों के मापों का योग गुणधर्म)

`square`ABCD एक चक्रीय चतुर्भुज है। ..........(चक्रीय चतुर्भुज के प्रमेय का विलोम)

आकृति में, रेख EF व्यास और रेख DF स्पर्श रेखाखंड है। वृत्त की त्रिज्या r हो, तो सिद्ध कीजिए - DE × GE = 4r  

 

रेखा DF वृत्त की स्पर्श रेखा है जो कि वृत्त को बिंदु F पर स्पर्श करती है | छेदन रेखा DGE वृत्त को बिंदु G और E पर प्रतिच्छेदित करती है |

∴ स्पर्श रेखा-छेदन रेखा रेखाखंडों प्रमेय से,

DF2 = DG × DE ..........(1)

ΔDFE में, ∠DFE = 90° .........(स्पर्श रेखा के प्रमेय से)

∴ पायथागोरस के प्रमेय से,

DE2 = DF2 + EF 

∴ DE2 = DF2 + (2r)2 .............(वृत्त का व्यास त्रिज्या का दो गुना होता है)

∴ DE2 = DF2 + 4r2 .

∴ 4r2 = DE2 - DF2  

∴ 4r2 = DE2 - DG × DE ........[(1) से]

∴ 4r2 = DE(DE - DG)

∴ 4r2 = DE × GE

∴ DE × GE = 4r

आकृति में दो वृत्त परस्पर बिंदु S तथा बिंदु R पर प्रतिच्छेदित करते हैं। रेखा PQ उन वृत्तों की सामान्य स्पर्श रेखा है जो उन्हे बिंदु P तथा Q पर स्पर्श करती है। सिद्ध कीजिए कि - ∠PRQ + ∠PSQ = 180° 

 

रेख SR खींचों |

`{:(∴∠"PSR" = ∠"RPQ", ........(1)), ("तथा" ∠"RSQ" = ∠"RQP", ........(2)):}}` ...........(स्पर्श रेखा-छेदन रेखा के प्रमेय से)

ΔPRQ में,

∠PRQ + ∠RPQ + ∠RQP = 180° .....(त्रिभुज के सभी कोणों के मापों का योग) ........(3)

∴ ∠PRQ + ∠PSR + ∠RSQ = 180° ..........[(1), (2) और (3) से]

∴ ∠PRQ + (∠PSR + ∠RSQ) = 180°  

∠PRQ + ∠PSQ = 180° ..............(कोणों के मापों का योग)

Important Questions [21]

Concepts [24]

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