SSC (English Medium)
SSC (Marathi Medium)
SSC (Marathi Semi-English)
Academic Year: 2022-2023
Date & Time: 21st July 2023, 11:00 am
Duration: 3h
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सूचनाएँ:
- सूचनाओं के अनुसार गद्य, पद्य, पूरक पठन तथा भाषा अध्ययन (व्याकरण) की आकलन कृतियों में आवश्यकता के अनुसार आकृतियों में ही उत्तर लिखना अपेक्षित है।
- सभी आकृतियों के लिए पेन का ही प्रयोग कीजिए।
- रचना विभाग में पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखने के लिए आकृतियों की आवश्यकता नहीं है।
- शुद्ध, स्पष्ट एवं सुवाच्य लेखन अपेक्षित है।
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| रामस्वरूप: | (दरी उठाते हुए) और बीबी जी के कमरे में से हारमोनियम उठा ला और सितार भी।... जल्दी जा (रतन जाता है। पति-पत्नी तख्त पर दरी बिछाते हैं।) |
| प्रेमा: | लेकिन वह तुम्हारी लाड़ली बेटी उमा तो मुँह फुलाए पड़ी है। |
| रामस्वरूप: | क्या हुआ? |
| प्रेमा: | तुम्हीं ने तो कहा था कि उसे ठीक-ठाक करके नीचे लाना। |
| रामस्वरूप: | अरे हाँ, देखो, उमा से कह देना कि जरा करीने से आए। ये लोग जरा ऐसे ही हैं। खुद पढ़े-लिखे हैं, वकील हैं, सभा-सोसायटियों में जाते हैं; मगर चाहते हैं कि लड़की ज्यादा पढ़ी-लिखी न हो। |
| प्रेमा: | और लड़का? |
| रामस्वरूप: |
बाप सेर है तो लड़का सवा सेर। बी. एस्सी. के बाद लखनऊ में ही तो पढ़ता है मेडिकल कॉलेज में। कहता है कि शादी का सवाल दूसरा है, पढ़ाई का दूसरा। क्या करूँ, मजबूरी है। |
| रतन: | बाबू जी, बाबू जी! (धीमी आवाज में) |
| रामस्वरूप: | (दरवाजे से बाहर झाँककर) अरे प्रेमा, वे आ भी गए। ...तुम उमा को समझा देना, थोड़ा-सा गा देगी। (मेहमानों से) हँ-हँ-हँ। आइए, आइए! [बाबू गोपाल प्रसाद बेठते हैं।] हँ-हँ।... मकान ढूँढ़ने में कुछ तकलीफ तो नहीं हुई? |
| गो. प्रसाद: | (खँखारकर) नहीं। ताँगेवाला जानता था। रास्ता मिलता कैसे नहीं? |
| रामस्वरूप: | हँ-हँ-हँ! (लड़के की तरफ मुखातिब होकर) और कहिए शंकर बाबू, कितने दिनों की छुट्टियाँ हैं? |
| शंकर: | जी, कॉलेज की तो छुट्टियाँ नहीं हैं। ‘वीक एंड’ में चला आया था। |
- लिखिए:
-
गो. प्रसाद को मकान ढूँढ़ने में तकलीफ नहीं हुई कारण: [1]
..................... -
उमा को अवगत कलाएँ − [1]
-
.....................
-
.....................
-
-
- तालिका पूर्ण कीजिए: [2]
रामस्वरूप द्वारा गो. प्रसाद के बारे में दी गईं जानकारी (1) ............................... (2) ............................... - शब्द संपदा
-
निम्नलिखित शब्दों के लिंग परिवर्तन कीजिए: [1]
-
लाड़ली − .....................
-
ताँगेवाला − .....................
-
-
आकृति में दिए हुए शब्दों से कृदंत शब्द ढूँढ़कर उसका अर्थपूर्ण वाक्य में प्रयोग कीजिए: [1]
पसीना, आवाज, पढ़ाई कृदंत शब्द वाक्य ............. .............
-
- अभिव्यक्ति [2]
‘बेटी पढ़ाओ’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
Chapter:
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
संस्था अपने आप चलेगी। समाज में ऐसी संस्था की अत्यंत आवश्यकता है। उस आवश्यकता में से ही उसका जन्म होगा। मुझे इतना विश्वास न होता तो बहन के लिए ऐसा कुछ मैं सूचित ही नहीं करता। तुम दोनों इस सूचना का प्रार्थनापूर्वक विचार करना लेकिन जल्दी में कुछ तय न करके यथासमय मुझे उत्तर देना। बहन यदि हाँ कहे तो अभी से आगे का विचार करने लगूँगा। यहाँ सरदी अच्छी है। फूलों में गुलदाउदी, क्रिजेन्थीमम फूल बहार में हैं। उसकी कलियाँ महीनों तक खुलती ही नहीं मानो भारी रहस्य की बात पेट में भर दी हो और होठों को सीकर बैठ गई हों। जब खिलती हैं तब भी एक-एक पंखुड़ी करके खिलती हैं। वे टिकते हैं बहुत। गुलाब भी खिलने लगे हैं। कोस्मोस के दिन गए। उन्होंने बहुत आनंद दिया। जिनिया का एक पौधा, रास्ते के किनारे पर था जो आए सो उसकी कली तोड़े। फिर मैंने इस बड़े पौधे को वहाँ से निकालकर अपने सिरहाने के पास लगा दिया, फिर इसने इतने सुंदर फूल दिए। इसकी आँखें मानो उत्कटता से बोलती हों, ऐसी लगतीं। दो-एक महीने फूल देकर अंत में वह सूख गया। परसों ही मैंने उसे बिदा दी। |
- संजाल पूर्ण कीजिए: [2]

- एक/दो शब्दों में उत्तर लिखिए: [2]
-
ये फूल भी खिलने लगे − .........................
-
गद्यांश में उल्लिखित मौसम − .........................
-
इन फूलों ने अधिक आनंद दिया − .........................
-
लेखक ने इस फूल को विदा दी − .........................
-
- शब्द संपदा:
- जिनका एकवचन और बहुवचन रूप गद्यांश में प्रयुक्त है ऐसा शब्द ढूँढ़कर लिखिए: [1]
......................... _ ......................... - कृति पूर्ण कीजिए: [1]
उपसर्गयुक्त शब्द
↓← शब्द → प्रत्यययुक्त शब्द
↓← दिन →
- जिनका एकवचन और बहुवचन रूप गद्यांश में प्रयुक्त है ऐसा शब्द ढूँढ़कर लिखिए: [1]
- ‘जीवन जीने की प्रेरणा फूलों से प्राप्त होती है’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। [2]
Chapter:
निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| गंगा बाबू से मेरा परिचय आज से कोई दस वर्ष पूर्व ही हुआ था। किंतु मुझे सदा ऐसा लगता था, जैसे वर्षों से उन्हें जानती हूँ। मेरा एक संस्मरण पढ़कर, उन्होंने मुझे जब पत्र लिखा तो मैंने उन्हें कभी देखा भी नहीं था। किंतु उस सरल पत्र की सहज-स्नेहपूर्ण भाषा ने उनका जो चित्र खींचकर रख दिया था, साक्षात्कार होने पर वे एकदम वैसे ही लगे। बूटा-सा कद, भारी-भरकम शरीर, सरल वेशभूषा और गांभीर्य-मंडित चेहरे को उद्भासित करती स्नेही मुस्कान। उन्होंने मेरे लेख को सराहा, यह मेरा सौभाग्य था। उस पत्र में उन्होंने लिखा था, “संस्मरण ऐसा हो कि जिसे कभी देखा भी न हो, उसकी साक्षात छवि ही सामने आ जाए, उसका क्रोध, उसकी परिहास रसिकता, उसकी दयालुता, उसकी गरिमा, उसकी दुर्बलता, सब कुछ सशक्त लेखनी आँकती चली जाए, वही उसकी सच्ची तस्वीर है, वही सफल संस्मरण है।” |
- संजाल पूर्ण कीजिए: [2]

- आपको प्रभावित करने वाले व्यक्तित्व का वर्णन 25 से 30 शब्दों में कीजिए। [2]
Chapter:
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई जाके सिर मोर मुकट, मेरो पति सोई छाँड़ि दई कुल की कानि, कहा करिहै कोई? संतन ढिग बैठि-बेठि, लोक लाज खोई। अँसुवन जल सींचि-सींचि प्रेम बेलि बोई। अब तो बेल फैल गई आणँद फल होई।। दूध की मथनियाँ बड़े प्रेम से बिलोई। माखन जब काढ़ि लियो छाछ पिये कोई।। भगत देखि राजी हुई जगत देखि रोई। दासी ‘मीरा’ लाल गिरिधर तारो अब मोही।। |
- आकलन [2]
निम्नलिखित विधान सत्य अथवा असत्य लिखिए:- श्रीकृष्ण के माथे पर मोरपंख का मुकुट है।
-
मीराबाई ने कुल की मर्यादा नहीं छोड़ी है।
-
मीराबाई ने प्रेम बेलि आँसुओं से नहीं सींची।
-
मीराबाई अपने आप को दासी कह रही है।
- शब्द संपदा:
- पद्यांश से निम्नलिखित अर्थ के शब्द ढूँढ़कर लिखिए: [1]
- वंश − -----------
- पास − -----------
- निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए: [1]
- तिरस्कार × ----------
- छोटे × -----------
- पद्यांश से निम्नलिखित अर्थ के शब्द ढूँढ़कर लिखिए: [1]
- सरल अर्थ [2]
उपर्युक्त पद्यांश की क्रमश: किन्हीं दो पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
Chapter:
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
बीत गया हेमंत भ्रात, शिशिर ऋतु आई! प्रकृति हुई द्युतिहीन, अवनि में कुंझटिका है छाई। पड़ता खूब तुषार पद्मदल तालों में बिलखाते, अन्यायी नृप के दंडों से यथा लोग दुख पाते। निशा काल में लोग घरों में निज-निज जा सोते हैं, बाहर श्वान, स्यार चिल्लाकर बार-बार रोते हैं। अद्र्धरात्रि को घर से कोई जो आँगन को आता, शून्य गगन मंडल को लख यह मन में है भय पाता। तारे निपट मलीन चंद ने पांडुवर्ण है पाया, मानो किसी राज्य पर है, राष्ट्रीय कष्ट कुछ आया। |
- आकलन
कृति पूर्ण कीजिए: [2]
शिशिर ऋतु में इनमें हुए परिवर्तन (i) प्रकृति ------------ (ii) तारे ------------ (iii) श्वान-सियार ------------ (iv) चंद ------------ - शब्द संपदा:
- पद्यांश से शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए: [1]
- ------------
- ------------
- निम्नलिखित शब्दों से प्रत्यय अलग करके लिखिए: [1]
- राष्ट्रीय − -------------
- अन्यायी − ------------
- पद्यांश से शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए: [1]
- सरल अर्थ [2]
उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।
Chapter:
निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
मोथी घास और पटरे की रंगीन शीतलपाटी, बाँस की तीलियों की झिलमिलाती चिक, सतरंगे डोर के मोढ़े, भूसी-चुन्नी रखने के लिए मूँज की रस्सी के बड़े-बड़े जाले, हलवाहों के लिए ताल के सूखे पत्तों की छतरी-टोपी तथा इसी तरह के बहुत-से काम हैं जिन्हें सिरचन के सिवा गाँव में और कोई नहीं जानता। यह दूसरी बात है कि अब गाँव में ऐसे कामों को बेकाम का काम समझते हैं लोग। बेकाम का काम जिसकी मजदूरी में अनाज या पैसे देने की कोई जरूरत नहीं। पेट भर खिला दो, काम पूरा होने पर एकाध पुराना-धुराना कपड़ा देकर विदा करो। वह कुछ भी नहीं बोलेगा।... कुछ भी नहीं बोलेगा; ऐसी बात नहीं, सिरचन को बुलाने वाले जानते हैं, सिरचन बात करने में भी कारगर है। |
- आकलन
उचित जोड़ियाँ मिलाइए: [2]
'अ' 'आ' (i) बाँस की तीलियाँ शीतलपाटी (ii) सतरंगी डोर बड़े-बड़े जाले (iii) मूँज की रस्सी मोढ़े (iv) ताल के सूखे पत्ते झिलमिलाती चिक छतरीटोपी - अभिव्यक्ति:
लुप्त होने वाली कारीगरी को प्रोत्साहित करने के उपाय 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
Chapter:
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
|
अजी क्या कहिए, हाँ क्या कहिए। जिस मिट्टी में लक्ष्मीबाई जी, जन्मी थीं झाँसी की रानी। रजिया सुलताना, दुर्गावती, जो खूब लड़ी थीं मर्दानी। जन्मी थी बीबी चाँद जहाँ, पद्मिनी के जौहर की ज्वाला। सीता, सावित्री की धरती, जन्मी ऐसी-ऐसी बाला। गर डींग जनाब उड़ाएँगे, तो मजबूरन ताने सहिए, ताने सहिए, ताने सहिए। हम इस धरती की लड़की हैं... |
- आकलन:
- उत्तर लिखिए: [1]
पद्यांश में उल्लिखित दो ऐतिहासिक व्यक्तिरेखाएँ − - परिणाम लिखिए: [1]
बड़ी-बड़ी बातें करेंगे तो −
- उत्तर लिखिए: [1]
- अभिव्यक्ति:
‘कथनी और करनी में समानता होनी चाहिए’ अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य में अधोरेखांकित शब्द का शब्दभेद पहचानकर लिखिए:
इस कहानी में भारतीय समाज का चित्रण मिलता है।
Chapter:
निम्नलिखित अव्यय का अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:
कारण
Chapter:
निम्नलिखित अव्यय का अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए:
प्राय
Chapter:
कृति पूर्ण कीजिए:
| संधि शब्द | संधि-विच्छेद | संधि भेद |
| यद्यपि | ----- + ----- | -------- |
Chapter:
कृति पूर्ण कीजिए:
| संधि शब्द | संधि-विच्छेद | संधि भेद |
| --------- | दु: + लभ | --------- |
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य से सहायक क्रिया पहचानकर उसका मूल रूप लिखिए:
उन्होंने पुस्तक लौटा दी।
| सहायक क्रिया | मूल रूप |
| ----------- | ----------- |
Chapter:
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निम्नलिखित वाक्य से सहायक क्रिया पहचानकर उसका मूल रूप लिखिए:
शरीर को कुछ समय के लिए विश्राम मिल गया।
| सहायक क्रिया | मूल रूप |
| ----------- | ---------- |
Chapter:
निम्नलिखित क्रिया का प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए:
| क्रिया | प्रथम प्रेरणार्थक रूप | द्वितीय प्रेरणार्थक रूप |
| पीसना | ............. | ............. |
Chapter:
निम्नलिखित क्रिया का प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए।
| क्रिया | प्रथम प्रेरणार्थक रूप | द्वितीय प्रेरणार्थक रूप |
| खाना | -------------- | -------------- |
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर उनका अर्थपूर्ण वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
फूट-फूटकर रोना
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर उनका अर्थपूर्ण वाक्यों में प्रयोग कीजिए:
निजात पाना
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए:
सीमा पर भारतीय सैनिक निर्भय होकर खड़े रहते हैं।
मुँह लटकाना
सीना तानकर खड़े रहना
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य पढ़कर प्रयुक्त कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए:
रूपा घटनास्थल पर आ पहुँची।
| कारक चिह्न | कारक भेद |
| ------------ | ----------- |
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य पढ़कर प्रयुक्त कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए:
आरे! यह बुढ़िया कौन है?
| कारक चिह्न | कारक भेद |
| ---------- | ---------- |
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य में उचित विरामचिन्हो का प्रयोग कर वाक्य पुनः लिखिए:
टाँग का टूटना यानी सार्वजनिक अस्पताल में कुछ दिन रहना
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
वे पुस्तक शांति से पढ़ते हैं। (सामान्य भूतकाल)
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य का सूचना के अनुसार काल परिवर्तन कीजिए:
अली घर से बाहर चला जाता है। (पूर्ण वर्तमानकाल)
Chapter:
कोष्ठक की सूचना के अनुसार निम्न वाक्य का काल परिवर्तन कीजिए:
सरकार एक ही टैक्स लगाती है। (सामान्य भविष्यकाल)
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
रचना के आधार पर वाक्य के भेद पहचानकर कोष्ठक में लिखिए:
वह बूढ़ी काकी पर झपटी और उन्हें दोनों हाथों से झटककर बोली। [-------]
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन) [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
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निम्नलिखित वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए:
मैं आज रात का खाना खाऊँगा। (निषेधार्थक वाक्य)
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए:
थोड़ी बातें हुई। (विस्मयार्थक वाक्य)
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए:
डॉ. महादेव साहा ने बाजार को पुस्तकें खरीदे।
Chapter:
निम्नलिखित वाक्य में व्याकरण नियम के अनुसार शुद्ध करके फिर से लिखिए: [वाक्य में कम-से-कम दो अशुद्धियाँ हैं]
टिळक जी ने एक सज्जन के साथ की हुई व्यवहार बराबर था।
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित वाक्य में व्याकरण नियम के अनुसार शुद्ध करके फिर से लिखिए: [वाक्य में कम-से-कम दो अशुद्धियाँ हैं]
बरसों बाद पंडित जी को मित्र का दर्शन हुआ।
Chapter: [3] व्याकरण विभाग (भाषा अध्ययन)
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्र-लेखन कीजिए:
अंकिता/अंकित सांगळे, 111, स्टेशन रोड, लातूर से अपने मित्र/सहेली सुधीर/सुधा देशपांडे, किस्मत नगर, अकोला को नाट्य प्रतियोगिता में उत्कृष्ट अभिनय का पुरस्कार प्राप्त होने पर अभिनंदन करने हेतु पत्र लिखती/लिखता है।
Chapter:
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर पत्र-लेखन कीजिए:
रोहित/रोहिणी मोरे, शीतल नगर, मालेगाँव से व्यवस्थापक, भारतीय स्टेट बैंक, मारूती नगर शाखा, मालेगाँव को बैंक खाता खुलवाने हेतु आवोदन पत्र लिखता/लिखती है।
Chapter:
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए, जिनके उत्तर गद्यांश में एक-एक वाक्य में हों:
| सुश्री टेसी थॉमस शांत-निश्चल शहर अलप्पुझा (केरल) की हैं, जो अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है और अप्रवाही जल (बैकवॉर्टर्स) पर तैरते शिकारे (हाऊसबोट्स) देखने में आनंद अनुभव करने वाले पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। बचपन से ही उन्हें विज्ञान और गणित से प्रेम रहा। तिरुवनंतपुरम के बाह्यांचल पर स्थित थुंबा से रॉकेट लॉन्च होते देख वे आश्चर्य से भर उठतीं। वे याद करते हुए बताती हैं कि 1985 में उन्हें रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डी.आर.डी.ओ.) के एक कार्यक्रम के लिए भारतभर से चुने गए 10 युवाओं में शामिल किया गया। वे उससे जुड़ी कोई चीज नहीं भूलीं, क्योंकि उसने उन्हें मिसाइलों के संसार का निकटता से दर्शन करने का अवसर उपलब्ध कराया। उस समय वे इस संगठन का एक अंग बनने का सपना देखा करतीं, जो बाद में न केवल उनकी सेवाओं से लाभान्वित हुआ, बल्कि जिसने आश्चर्यजनक और विलक्षण प्रतीत होने वाले कार्य संपन्न करने के लिए उनके समस्त अनुभव और विशेषता का उपयोग किया। |
Chapter:
समता विद्यालय बीड़ में मनाए गए ‘हिंदी दिवस’ समारोह का 70 से 80 शब्दों में वृत्तांतलेखन कीजिए। (वृत्तांत-लेखन में स्थल, काल, घटना का उल्लेख होना अनिवार्य है।)
Chapter:
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर 60 से 70 शब्दों में कहानी लिखकर उसे उचित शीर्षक दीजिए तथा सीख लिखिए:
एक मजदूर - दिन भर श्रम करना - बनिया की दुकान से रोज चावल खरीदना - बनिया द्वारा बचत की सलाह - मजदूर की उपेक्षा करना - बनिया द्वारा मजदूर के चावलों में से थोड़ा-थोड़ा चावल अलग करना - पंद्रह दिन बाद मजदूर के हाथ में दो किलो चावल - मजदूर आश्चर्यचकित - बनिया का बचत की बात बताना - मजदूर को बचत काँ महत्त्व समझना - सीख।
Chapter: [4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
निम्नलिखित जानकारी के आधार पर लगभग 50 से 60 शब्दों में विज्ञापन तैयार कीजिए:
| फूलों की प्रदर्शनी | |||
| विशेषताएँ | स्थान | समय | संपर्क |
Chapter: [4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
आदर्श विद्यार्थी
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
मैं मोबाइल बोल रहा हूँ...
Chapter:
निम्नलिखित विषय पर लगभग 80-100 शब्दों में निबंध लिखिए।
समय बड़ा बलवान
Chapter: [4] उपयोजित लेखन (रचना विभाग)
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