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प्रश्न
निम्नलिखित अपठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
| गंगा बाबू से मेरा परिचय आज से कोई दस वर्ष पूर्व ही हुआ था। किंतु मुझे सदा ऐसा लगता था, जैसे वर्षों से उन्हें जानती हूँ। मेरा एक संस्मरण पढ़कर, उन्होंने मुझे जब पत्र लिखा तो मैंने उन्हें कभी देखा भी नहीं था। किंतु उस सरल पत्र की सहज-स्नेहपूर्ण भाषा ने उनका जो चित्र खींचकर रख दिया था, साक्षात्कार होने पर वे एकदम वैसे ही लगे। बूटा-सा कद, भारी-भरकम शरीर, सरल वेशभूषा और गांभीर्य-मंडित चेहरे को उद्भासित करती स्नेही मुस्कान। उन्होंने मेरे लेख को सराहा, यह मेरा सौभाग्य था। उस पत्र में उन्होंने लिखा था, “संस्मरण ऐसा हो कि जिसे कभी देखा भी न हो, उसकी साक्षात छवि ही सामने आ जाए, उसका क्रोध, उसकी परिहास रसिकता, उसकी दयालुता, उसकी गरिमा, उसकी दुर्बलता, सब कुछ सशक्त लेखनी आँकती चली जाए, वही उसकी सच्ची तस्वीर है, वही सफल संस्मरण है।” |
- संजाल पूर्ण कीजिए: [2]

- आपको प्रभावित करने वाले व्यक्तित्व का वर्णन 25 से 30 शब्दों में कीजिए। [2]
आकलन
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उत्तर

- मेरे जीवन में सबसे अधिक प्रभाव डालनेवाले व्यक्ति मेरे पिताजी हैं। वे सिर्फ एक आदर्श पिता ही नहीं, बल्कि मेरे सच्चे मित्र भी हैं। वे मुझे समय-समय पर सही और गलत का फर्क समझाते हैं और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। मेरे पिताजी कभी हार नहीं मानते और हमेशा धैर्य से काम लेते हैं। उनका यह शांत और संयमित स्वभाव उन्हें विशेष बनाता है। वे हर काम को सोच-समझकर और कुशलता से पूरा करते हैं। स्वयं अनुशासित रहते हुए मुझे भी अनुशासन का महत्व सिखाते हैं। वे दिन-रात मेहनत करते हैं ताकि हमें हर सुविधा मिल सके। उनकी उपस्थिति में न सिर्फ मैं, बल्कि पूरा परिवार खुद को सुरक्षित महसूस करता है। इसी कारण मैं गर्व से कहती हूँ – “माय फादर, माय हीरो!”
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