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प्रश्न
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
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अजी क्या कहिए, हाँ क्या कहिए। जिस मिट्टी में लक्ष्मीबाई जी, जन्मी थीं झाँसी की रानी। रजिया सुलताना, दुर्गावती, जो खूब लड़ी थीं मर्दानी। जन्मी थी बीबी चाँद जहाँ, पद्मिनी के जौहर की ज्वाला। सीता, सावित्री की धरती, जन्मी ऐसी-ऐसी बाला। गर डींग जनाब उड़ाएँगे, तो मजबूरन ताने सहिए, ताने सहिए, ताने सहिए। हम इस धरती की लड़की हैं... |
- आकलन:
- उत्तर लिखिए: [1]
पद्यांश में उल्लिखित दो ऐतिहासिक व्यक्तिरेखाएँ − - परिणाम लिखिए: [1]
बड़ी-बड़ी बातें करेंगे तो −
- उत्तर लिखिए: [1]
- अभिव्यक्ति:
‘कथनी और करनी में समानता होनी चाहिए’ अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
आकलन
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उत्तर
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- पद्यांश में उल्लिखित दो ऐतिहासिक व्यक्तिरेखाएँ − पद्मिनी, रजिया सुलताना।
- बड़ी-बड़ी बातें करेंगे तो − मजबूरन ताने सहेंगे।
- कुछ लोगों को अपनी प्रशंसा करने और बड़ी-बड़ी बातें करने की आदत होती है। वे दूसरों को प्रभावित करने के लिए बड़े कार्य करने की बात तो करते हैं, लेकिन वास्तव में कुछ करते नहीं हैं। उनके शब्द और कर्म आपस में मेल नहीं खाते। वे एक बात कहते हैं और करते कुछ और हैं, इसलिए उन पर भरोसा करना कठिन होता है। एक सच्चे इंसान में उसकी कथनी और करनी में समानता होना ज़रूरी है। जिन लोगों में यह गुण होता है, वे भरोसेमंद और सम्मान के पात्र बनते हैं। इसलिए हर व्यक्ति को चाहिए कि वह जो कहे, वही करे और अपने व्यवहार में ईमानदारी बनाए रखे।
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