Advertisements
Advertisements
प्रश्न
विद्युत्-अपघट्य के विद्युत चालकता के प्रदर्शन के प्रयास के लिए निम्नलिखित उपकरण लगाया गया।

निम्नलिखित में से कौन-सा (कौन-से) कथन सत्य है (हैं)?
- बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि विद्युत अपघट्य अम्ल नहीं है।
- बल्ब चमकेगा क्योंकि NaOH एक प्रबल क्षार है तथा चालन के लिए आयन उपलब्ध कराएगा।
- बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि परिपथ अपूर्ण है।
- बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि यह विद्युत-अपघट्य के विलयन के प्रकार पर निर्भर करता है।
विकल्प
(i) तथा (iii)
(ii) तथा (iv)
केवल (ii)
केवल (iv)
Advertisements
उत्तर
बल्ब चमकेगा क्योंकि NaOH एक प्रबल क्षार है तथा चालन के लिए आयन उपलब्ध कराएगा।
स्पष्टीकरण -
बल्ब चमकेगा क्योंकि अम्ल आयन प्रदान करेगा जो बिजली के अच्छे संवाहक हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
NaOH का 10 mL विलयन, HCl के 8 mL विलयन से पूर्णतः उदासीन हो जाता है। यदि हम NaOH के उसी विलयन का 20 mL लें तो इसे उदासीन करने के लिए HCl के उसी विलयन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?
निम्न अभिक्रिया के लिए पहले शब्द-समीकरण लिखिए तथा उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिएः
तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल दानेदार जिंक के साथ अभिक्रिया करता है।
निम्न अभिक्रिया के लिए पहले शब्द-समीकरण लिखिए तथा उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिएः
तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लौह के रेतन के साथ अभिक्रिया करता है।
दॄष्टि दोष युक्त विद्यार्थी के लिए निम्नलिखित में से किसको अम्ल-क्षारक सूचक के रूप में प्रयुक्त कर सकते हैं?
जब HCl (g) को जल से गुजारते हैं तो निम्नलिखित में से कौन-सा (कौन-से) कथन सत्य है/हैं?
- यह विलयन में आयनित नहीं होता है क्योंकि यह एक सह-संयोजक यौगिक है।
- यह विलयन में आयनित होता है।
- यह विलयन में हाइड्रोजन तथा हाइड्रॉक्सिल दोनों आयन देता है।
- यह जल के अणु से संयोग के कारण विलयन में हाइड्रोनियम आयन बनता है।
कॉलम (A) में दिए गए महत्वपूर्ण रसायनों का सुमेलन कॉलम (B) में दिए गए उनके रासायनिक सूत्रों के साथ कीजिए।
| कॉलम (A) | कॉलम (B) |
| (a) प्लास्टर ऑफ़ पेरिस | Ca(OH)2 |
| (b) जिप्सम | CaSO4. 1/2 H2O |
| (c) ब्लीचिंग पाउडर | CaSO4.2H7O |
| (d) बुझा चूना | CaOCl2 |
निम्नलिखित पदार्थों की लिटमस पत्र पर क्या क्रिया होगी?
शुष्क HCl गैस, नम NH3 गैस, नींबू का रस, कार्बोनिकृत पेय पदार्थ, दही, साबुन का विलयन।
प्रबल एवं दुर्बल अम्ल क्या है? अम्लों की निम्नलिखित सूचि से प्रबल अम्लों को दुर्बल अम्लों से पृथक कीजिए।
हाड्रोक्लोरिक अम्ल, साइट्रिक अम्ल, ऐसीटिक अम्ल, नाइट्रिक अम्ल, फार्मिक अम्ल, सल्फ्यूरिक अम्ल।
चित्र में हाइड्रोजन गैस के विरचन के लिए दर्शाए गए रेखांकित चित्र में, यदि निम्नलिखित परिवर्तन कर दिए जाए तो क्या होगा?

- परखनली में दानेदार जिंक के स्थान पर जिनक धूल की कुछ मात्रा ली जाए।
- तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लिया जाए।
- जिंक के स्थान पर कॉपर टर्निंग ली जाए।
- तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के स्थान पर सोडियम हाइड्रोक्साइड लिया जाए तथा परखनली को गरम किया जाए।
उदासीनीकरण अभिक्रिया के दो उदाहरण दीजिए।
