हिंदी

दॄष्टि दोष युक्त विद्यार्थी के लिए निम्नलिखित में से किसको अम्ल-क्षारक सूचक के रूप में प्रयुक्त कर सकते हैं? - Science (विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

दॄष्टि दोष युक्त विद्यार्थी के लिए निम्नलिखित में से किसको अम्ल-क्षारक सूचक के रूप में प्रयुक्त कर सकते हैं?

विकल्प

  • लिटमस

  • हल्दी

  • वैनिला सत (एसेंस)

  • पिटुनिया की पंखुड़ियाँ

MCQ
Advertisements

उत्तर

वैनिला सत (एसेंस)

स्पष्टीकरण -

वैनिला एसेंस घ्राण सूचक है।

shaalaa.com
अम्ल एवं क्षारक के रासायनिक गुणधर्म समझना
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2: अम्ल, क्षारक एवं लवण - Exemplar [पृष्ठ १२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Science [Hindi] Class 10
अध्याय 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण
Exemplar | Q 17. | पृष्ठ १२

संबंधित प्रश्न

अम्ल के विलयन को तनुकृत करते समय हाइड्रोनियम आयन (H3O+) की संlद्रता कैसे प्रभावित हो जाती है?


निम्नलिखित में से कौन-सा लवण क्रिस्टलीकरण जल नहीं रखता है?


निम्नलिखित में से कौन-सा एक खनिज अम्ल नहीं है?


निम्नलिखित में से कौन-सा एक क्षारक नहीं है?


जब HCl (g) को जल से गुजारते हैं तो निम्नलिखित में से कौन-सा (कौन-से) कथन सत्य है/हैं?

  1. यह विलयन में आयनित नहीं होता है क्योंकि यह एक सह-संयोजक यौगिक है।
  2. यह विलयन में आयनित होता है।
  3. यह विलयन में हाइड्रोजन तथा हाइड्रॉक्सिल दोनों आयन देता है।
  4. यह जल के अणु से संयोग के कारण विलयन में हाइड्रोनियम आयन बनता है। 

कॉलम (A) में दिए गए महत्वपूर्ण रसायनों का सुमेलन कॉलम (B) में दिए गए उनके रासायनिक सूत्रों के साथ कीजिए।  

कॉलम (A) कॉलम (B)
(a) प्लास्टर ऑफ़ पेरिस Ca(OH)2
(b) जिप्सम CaSO4. 1/2 H2
(c) ब्लीचिंग पाउडर   CaSO4.2H7O
(d) बुझा चूना CaOCl2  

एक विद्यार्थी ने दो पृथक बिकरों में (i) एक अम्ल तथा (ii) एक क्षार का विलयन बनाया। वह विलयनों को लेबल (चिन्हत) करना भूल गई तथा प्रयोगशाला में लिटमस पत्र उपलब्ध नहीं था। चूँकि दोनों रंगहीन हैं वह इन दोनों में विभेद कैसे करेगी?


जब जिंक धातु की क्रिया एक प्रबल अम्ल के तनु विलयन से करायी जाती है तो एक गैस मुक्त होती है जो की तेलों के हाइड्रोजनीकरण में उपयोग में आती है। मुक्त गैस का नाम दीजिए तथा बनने वाली गैस की पहचान के लिए परिक्षण लिखिए।


चित्र में हाइड्रोजन गैस के विरचन के लिए दर्शाए गए रेखांकित चित्र में, यदि निम्नलिखित परिवर्तन कर दिए जाए तो क्या होगा?

  1. परखनली में दानेदार जिंक के स्थान पर जिनक धूल की कुछ मात्रा ली जाए।
  2. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लिया जाए।
  3. जिंक के स्थान पर कॉपर टर्निंग ली जाए।
  4. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के स्थान पर सोडियम हाइड्रोक्साइड लिया जाए तथा परखनली को गरम किया जाए।

एक धातु कार्बोनेट X, एक अम्ल से अभिक्रिया कर एक गैस देता है जो एक विलयन Y से गुजारने पर पुनः धातु कार्बोनेट देती है। वहीं दूसरी और एक गैस G जो की ब्राइन के विदयुत अपघटन पर ऐनोड पर प्राप्त होती है। शुष्क Y में से प्रवाहित करने पर एक यौगिक Z देती है जिसका उपयोग पेयजल को रोगाणुनाशी करने के लिए होता है। X, Y, G तथा Z को पहचानिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×