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चित्र में हाइड्रोजन गैस के विरचन के लिए दर्शाए गए रेखांकित चित्र में, यदि निम्नलिखित परिवर्तन कर दिए जाए तो क्या होगा? - Science (विज्ञान)

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प्रश्न

चित्र में हाइड्रोजन गैस के विरचन के लिए दर्शाए गए रेखांकित चित्र में, यदि निम्नलिखित परिवर्तन कर दिए जाए तो क्या होगा?

  1. परखनली में दानेदार जिंक के स्थान पर जिनक धूल की कुछ मात्रा ली जाए।
  2. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लिया जाए।
  3. जिंक के स्थान पर कॉपर टर्निंग ली जाए।
  4. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के स्थान पर सोडियम हाइड्रोक्साइड लिया जाए तथा परखनली को गरम किया जाए।
संक्षेप में उत्तर
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उत्तर

  1. हाइड्रोजन गैस अधिक गति से विकसित होगी क्योंकि जिंक धूल जिंक कणिकाओं की तुलना में अधिक सतह क्षेत्र प्रदान करती है।
  2. दोनों की प्रतिक्रिया एक जैसी होगी। विकसित गैस के आयतन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। 
  3. कॉपर या तो तनु HCl या तनु H2SO4 के साथ प्रतिक्रिया नहीं करता है। दोनों ही स्थितियों में कोई गैस नहीं निकलेगी।
  4. इस मामले में भी हाइड्रोजन गैस विकसित होगी।
    `"Zn" + 2"NaOH" overset("ऊष्मा")(->) underset("सोडियम जिंकेट")("Na"_2"ZnO"_2) + "H"_2` 
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अम्ल एवं क्षारक के रासायनिक गुणधर्म समझना
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 2: अम्ल, क्षारक एवं लवण - Exemplar [पृष्ठ १७]

APPEARS IN

एनसीईआरटी एक्झांप्लर Science [Hindi] Class 10
अध्याय 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण
Exemplar | Q 43. | पृष्ठ १७

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