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वह कौन-सी घटना थी जिसके बारे में सुनने पर लेखिका को न अपनी आँखों पर विश्वास हो पाया और न अपने कानों पर?

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प्रश्न

वह कौन-सी घटना थी जिसके बारे में सुनने पर लेखिका को न अपनी आँखों पर विश्वास हो पाया और न अपने कानों पर?

विस्तार में उत्तर
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उत्तर

कॉलेज के समय एक बार लेखिका के पिता को प्रिंसिपल की ओर से एक पत्र मिला, जिसमें उनकी पुत्री की गतिविधियों के कारण उचित दंड देने या न देने की बात लिखी थी। इसे पढ़कर पिता जी को लगा कि शायद लेखिका ने ऐसा कोई कार्य किया है जिससे परिवार की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँच सकती है, इसलिए वे क्रोधित होकर प्रिंसिपल से मिलने चले गए। इस घटना से लेखिका बहुत डर गई। लेकिन जब वास्तविक स्थिति स्पष्ट हुई और सच्चाई सामने आई, तो पिता जी को अपनी बेटी से कोई शिकायत नहीं रही। पिता के व्यवहार में आए इस परिवर्तन को देखकर लेखिका को अपनी ही आँखों और कानों पर विश्वास नहीं हुआ।

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एक कहानी यह भी
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अध्याय 14: मन्नू भंडारी - एक कहानी यह भी - प्रश्न-अभ्यास [पृष्ठ ७६]

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एनसीईआरटी Hindi Kshitij Bhag 2 Class 10
अध्याय 14 मन्नू भंडारी - एक कहानी यह भी
प्रश्न-अभ्यास | Q 3. | पृष्ठ ७६

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