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प्रश्न
दसवीं के बाद लेखिका द्वारा पुस्तकों का चयन और साहित्य चयन का दायरा कैसे बढ़ता गया?
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उत्तर
लेखिका दसवीं कक्षा तक लेखकों को चुनाव किए बिना, उनकी महत्ता समझे बिना किताबें पढ़ लिया करती थी, क्योंकि साहित्य संबंधी उसकी समझ विकसित नहीं हुई थी। जब वह वर्ष 1945 में फर्स्ट ईयर में आई और हिंदी की प्राध्यापिका शीला अग्रवाल से परिचय हुआ तो उन्होंने स्वयं पुस्तकें चुनकर उसे दी और साल-दो साल बीतते उसकी दुनिया शरत, प्रेमचंद से आगे बढ़कर जैनेंद्र, अज्ञेय, यशपाल और भगवती चरण वर्मा तक पहुँच गई । इस तरह उसका दायरा बढ़ता गया।
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