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प्रश्न
शरीर के विभिन्न अंगों से संबंधित मुहावरों की अर्थ सहित सूची बनाओ।
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उत्तर
१. आँखों का तारा – बहुत प्यारा।
२. नाक कटना – बेइज्जती होना।
३. पीठ दिखाना – भाग जाना।
४. हाथ मलते रह जाना – पछताना।
५. पेट में चूहे दौड़ना – बहुत भूख लगना।
६. बाएँ हाथ का खेल – बहुत आसान काम।
७. अँगूठा दिखाना – साफ मना कर देना।
८. घुटने टेकना – हार मानना।
९. कान भरना – शिकायत करना।
१०. अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारना – खुद को जान बूझकर किसी मुसीबत में डालना।
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संबंधित प्रश्न
अर्थ के अनुसार वाक्यों के प्रकार ढूँढ़कर लिखो।
निम्नलिखित समोच्चारित भिन्नार्थक हिंदी शब्द का अर्थ लिखो तथा उन शब्द का अलग-अलग पूर्ण वाक्यों में प्रयोग कराे :
सुमन
निम्नलिखित शब्द के आधार पर मुहावरे लिखकर उनका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
पानी
निम्न शब्द के पर्यायवाची शब्द लिखिए:

शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्य लिखिए:
वह तटस्थ होकर अपने विचार रखता है।
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
उसने प्राण की बाजी लगा दी।
निम्नलिखित अशुद्ध वाक्य को शुद्ध करके फिर से लिखिए:
यह गंगा का है नवल धार।
निम्नलिखित शब्द का वचन बदलकर वाक्य में प्रयोग करके लिखो:
रोटी →
निम्नलिखित शब्दों का रोमन लिपि में लिप्यंतरण करो।
पढ़ो :
विभिन्नता से जुड़ें हम
| दर्जी | गंधर्व |
| इंद्रधनुष | चन्द्रमा |
| मेट्रो रेल | महाराष्ट्र |
निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| अन्य | भिन्न | |||
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
द्रव्य उपादान कारण शक्कर से मिठाई बनाई जाती है
शब्द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-
| विग्रह | शब्द | विलोम |
| उत् + नति | × |
शब्द के लिंग पहचानिए:
ज्ञान = ______
निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:
| संधि | संधि विच्छेद | संधि का प्रकार |
| ______ | दंत + ओष्ठ |
निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:
| संधि | संधि विच्छेद | संधि का प्रकार |
| उपर्युक्त | ______ + ______ |
परिच्छेद पढ़िए और उसमें आए शब्दों के लिंग एवं वचन बदलकर लिखिए।
|
मैं गाँव से शहर पढ़ने आता था। गाँव का मेरा एक मित्र भी था। सावन-भादों की बादलों से ढँकी रात में बीहड़ पानी बरसता है। पूरा सन्नाटा शेर की दहाड़ सरीखा गरज उठता है। छमाक से बिजलियाँ कड़कती हैं। माँ बच्चे को अपने छाती से चिपकाती है। हाँड़ी में उबलते दाल-भात के साथ उसकी उम्मीद भी पकती है। उसका श्रम पकता है। अंत में कभी-कभी माँ हाँड़ी में चिपके मुट्ठी भर बचे चावल खाती है। न जाने कहाँ से अपनी आँखों में इतनी तेज चमक पैदा कर लेती है कि भरे पेटवाले की आँखें चौंधियाँ जाती हैं। उसके त्याग और संतान की तृप्ति के पानी से उसकी साध लहलहाती है। बैलगाड़ी में बैठी संतान को छतरी की छाँव करती है। बस में बच्चा खिड़की के पास बैठा बाहर दृश्यों को देखता है और वह पूरी यात्रा बच्चे को देखती रहती है। सँभालती रहती है। रेल जब बोगदे के भीतर से गुजरती है, तो अनायास उसका हाथ बच्चे की बाँह पर चला जाता है और पिता का सामान पर। |
‘सौ’ शब्द का प्रयोग करके कोई दो कहावतें लिखिए ।
कविता के दूसरे चरण का भावार्थ लिखिए।
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
| चिह्न | नाम | वाक्य |
| । |
