हिंदी

मैंने समझा नाखून क्यों बढ़ते हैं? पाठ से

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

मैंने समझा नाखून क्यों बढ़ते हैं? पाठ से 

अति संक्षिप्त उत्तर
Advertisements

उत्तर

मैंने समझा कि, हमारे बढ़े हुए नाखून हमारे भीतर की पशुता व बुराई के प्रतीक हैं। जिस प्रकार हम उन्हें काटकर दूर करते हैं। उसी प्रकार हमें अपने भीतर की अन्य बुराइयों को त्याग देना चाहिए।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.3: नाखून क्यों बढ़ते हैं? - उपयोजित लेखन [पृष्ठ ८]

APPEARS IN

बालभारती Hindi Sulabhbharati Standard 8 Maharashtra State Board
अध्याय 1.3 नाखून क्यों बढ़ते हैं?
उपयोजित लेखन | Q 2 | पृष्ठ ८

संबंधित प्रश्न

वृक्ष और पंछी के बीच का संवाद लिखो।


मैंने समझा जरा प्यार से बोलना सीख लीजे कविता से 


निम्नलिखित शब्दों के आधार पर एक कहानी लिखो: पानी, पुस्तक, बिल्ली, राखी।


किसी महान विभूति का जीवनक्रम वर्षानुसार बनाकर लाओ और पढ़ो : जैसे- जन्म, शालेय शिक्षा आदि।


 


 



भारत के सभी राज्यों की प्रमुख भाषाओं के नाम बताओ। उनसे संबंधित अधिक जानकारी पढ़ो।

  • पुस्तकालय से
  • अंतरजाल से

चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


चित्र पहचानकर उनके नाम लिखो:

____________


किसी परिचित अन्य कहानी लेखन के लिए मुद्‌दे तैयार करो।


।। हे विश्वचि माझे घर ।।


।। करत-करत अभ्यास के जड़मति होत सुजान ।।


विभिन्न पशु-पक्षियों की बोलियों की नकल सुनाओ।


प्राणियों का संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है।


मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:


आपने समाचारपत्रों, टी.वी. आदि पर अनेक प्रकार के विज्ञापन देखे होंगे जिनमें ग्राहकों को हर तरीके से लुभाने का प्रयास किया जाता है, नीचे लिखे बिंदुओं के संदर्भ में किसी एक विज्ञापन की समीक्षा कीजिए और यह लिखिए कि आपको विज्ञापन की किस बात से सामान खरीदने के लिए प्रेरित किया।

  1. विज्ञापन में सम्मिलित चित्र और विषय-वस्तु
  2. विज्ञापन में आए पात्र व उनका औचित्य
  3. विज्ञापन की भाषा

Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:

नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।

'प्रकृति माँ के समान हमारा पालन-पोषण ही नहीं करती बल्कि एक कुशल शिक्षिका की भाँति हमें जीवन की महत्वपूर्ण शिक्षा भी देती है।' प्रकृति से मिलने वाली कुछ सीखों का वर्णन करते हुए लिखिए कि किस प्रकार इन सीखों को अपनाकर हम अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकते हैं।


निम्नलिखित वाक्य से अंत करते हुए एक कहानी लिखिए:

'.....और मैं चाह कर भी उस कारुणिक दृश्य को भुला नहीं पाया, पायी'।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×