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प्रश्न
स्वामी विवेकानंद का कोई भाषण पढ़ो और प्रमुख वाक्य बताओ।
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उत्तर
स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका के शिकागो में ११ सितंबर, १८९३ को आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में जो भाषण दिया था, उसमें उन्होंने कहा था, ’मैं एक ऐसे धर्म का अनुयायी होने में गर्व का अनुभव करता हूँ, जिसने संसार को सहिष्णुता तथा सार्वभौम स्वीकृत दोनों की ही शिक्षा दी है। हम लोग सब धर्मों के प्रति केवल सहिष्णुता में ही विश्वास नहीं करते वरन समस्त धर्मों को सच्चा मानकर स्वीकार करते हैं। मुझे ऐसे देश का व्यक्ति होने का अभिमान है जिसने इस पृथ्वी के समस्त धर्मों और देशों के उत्पीिड़तों और शरणार्थियों को आश्रय दिया है।
स्वामी विवेकानंद का भाषण धर्म, एकता, आत्मनिर्भरता और मानवता पर आधारित था। उनके विचार आज भी प्रेरणादायक हैं और युवाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
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शब्दों के आधार पर कहानी लिखो :
ग्रंथालय, स्वप्न, पहेली, काँच
मैंने समझा सौहार्द कविता से
।। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ।।


निम्नलिखित शब्दों में कौन-से पंचमाक्षर छिपे हुए हैं, साेचो और लिखो:
| शब्द | पंचमाक्षर | उसी वर्ग के अन्य शब्द |
| पंकज | ______ | ______ |
| चंचल | ______ | ______ |
| ठंडा | ______ | ______ |
| संत | ______ | ______ |
| पेरांबूर | ______ | ______ |
| पंछी | ______ | ______ |
| बंदरगाह | ______ | ______ |
| उमंग | ______ | ______ |
‘अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत’ पर आधारित कोई कहानी सुनाओ।
यदि साइकिल तुमसे बोलने लगी तो ......
यदि मैं पुस्तक होता/होती तो ......
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बस/रेल स्थानक की सूचनाऍं ध्यानपूर्वक सुनकर सुनाओ।
।। जीवदया ही भूतदया है ।।
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मार्ग पर चलते हुए तुमने कुछ यातायात संकेत देखे होंगे। इन सांकेतिक चिह्न का क्या अर्थ है, लिखो:

अपना परिचय देते हुए परिवार के बारे में दस वाक्य लिखो।
निम्नलिखित विषय पर लगभग 120 शब्दों में लघुकथा लिखिए।
खेतों में भुट्टे की फसल देख, हर कोई कहता- कितनी बढ़िया है। दो-चार दिन में कटाई की तैयारी थी लेकिन .......
निम्नलिखित परिच्छेद पढ़कर इसपर आधारित ऐसे चार प्रश्न तैयार कीजिए. जिनके उत्तर एक-एक वाक्य में हों:
| “कोई काम छोटा नहीं। कोई काम गंदा नहीं। कोई भी काम नीचा नहीं। कोई काम असंभव भी नहीं कि व्यक्ति ठान ले और ईश्वर उसकी मदद न करे। शर्त यही है कि वह काम, काम का हो। किसी भी काम के लिए ‘असंभव’, ‘गंदा’ या ‘नीचा’ शब्द मेरे शब्दकोश में नहीं है।” ऐसी वाणी बोलने वाली मदर टेरेसा को कोढ़ियों की सेवा करते देखकर एक बार एक अमेरिकी महिला ने कहा, “मैं यह कभी नहीं करती।” मदर टेरेसा के उपरोक्त संक्षिप्त उत्तर से वह महिला शर्म से सिकुड़ गई थी। सचमुच ऐसे कार्य का मूल्य क्या धन से आँका जा सकता है या पैसे देकर किसी की लगन खरीदी जा सकती है? यह काम तो वही कर सकता है, जो ईश्वरीय आदेश समझकर अपनी लगन इस ओर लगाए हो। जो गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों में ईश्वरीय उपासना का मार्ग देखता हो और दुखी मानवता में उसके दर्शन करता हो। ईसा, गांधी, टेरेसा जैसे परदुखकातर, निर्मल हृदयवाले लोग ही कोढ़ियों और मरणासन्न बीमारों की सेवा कर सकते हैं और ‘निर्मल हृदय’ जैसी संस्थाओं की स्थापना करते हैं। |
आपके विद्यालय की सैर का वर्णन करने वाला पत्र अपनी सहेली/अपने मित्र को लिखिए: (पत्र निम्न प्रारूप में हो।)

Write a composition in approximately 400 words in Hindi of the topic given below:
नीचे दिए गए विषय पर हिन्दी में निबन्ध लिखिए जो लगभग 400 शब्दों से कम न हो।
'उपहार देना प्यार जताने और सम्मान करने का परिचायक है वर्तमान में उपहार का स्वरूप प्यार कम, व्यापार अधिक हो गया है।' - इस कथन के पक्ष अथवा विपक्ष में अपने तर्क प्रस्तुत कीजिए।
