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समाज में रिश्तों की क्या अहमियत है? इस विषय पर अपने विचार प्रकट कीजिए। - Hindi Course - B

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प्रश्न

समाज में रिश्तों की क्या अहमियत है? इस विषय पर अपने विचार प्रकट कीजिए।

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उत्तर

आज समाज में मानवीय मूल्य तथा पारिवारिक मूल्य धीरे-धीरे समाप्त होते जा रहे हैं। ज़्यादातर व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए रिश्ते निभाते हैं, अपनी आवश्यकताओं के हिसाब से मिलते हैं। अमीर रिश्तेदारों का सम्मान करते हैं, उनसे मिलने को आतुर रहते हैं जबकि गरीब रिश्तेदारों से कतराते हैं। केवल स्वार्थ सिद्धि की अहमियत रह गई है। आए दिन हम अखबारों में समाचार पढ़ते हैं कि ज़मीन जाय़दाद, पैसे जेवर के लिए लोग घिनौने से घिनौना कार्य कर जाते हैं (हत्या अपहरण आदि)। इसी प्रकार इस कहानी में भी पुलिस न पहुँचती तो परिवार वाले मंहत जी (काका की) हत्या ही कर देते। उन्हें यह अफसोस रहा कि वे काका को मार नहीं पाए।

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हरिहर काका
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अध्याय 1: हरिहर काका - बोध-प्रश्न [पृष्ठ १९]

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एनसीईआरटी Hindi - Sanchayan Part 2 Class 10
अध्याय 1 हरिहर काका
बोध-प्रश्न | Q 8 | पृष्ठ १९

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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:

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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

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पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

“लेखक का हरिहर काका से घनिष्ठ जुड़ाव है।” पाठ में आए इस कथन को तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।


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