Advertisements
Advertisements
प्रश्न
लोगों के बीच बहस छिड़ जाती है। उत्तराधिकारी के कानून पर जो जितना जानता है, उससे दस गुना अधिक उगल देता है। फिर भी कोई समाधान नहीं निकलता। रहस्य खत्म नहीं होता, आंशकाएँ बनी ही रहती हैं। लेकिन लोग आशंकाओं को नजरअंदाज कर अपनी पक्षधरता शुरू कर देते हैं।
हरिहर काका सभी के लिए चर्चा का केंद्र बने हुए थे। हरिहर काका मामले में गाँव वालों की राय तर्कसहित स्पष्ट कीजिए।
Advertisements
उत्तर
कहानी के आधार पर गाँव के लोगों को बिना बताए पता चल गया कि हरिहर काका को उनके भाई नहीं पूछते। इसलिए सुख आराम का प्रलोभन देकर मंहत उन्हें अपने साथ ले गया। भाई मन्नत करके काका को वापिस ले आते हैं। इस तरह गाँव के लोग दो पक्षों में बँट गए कुछ लोग मंहत की तरफ़ थे जो चाहते थे कि काका अपनी ज़मीन धर्म के नाम पर ठाकुर बाड़ी को दे दें ताकि उन्हें सुख आराम मिले, मृत्यु के बाद मोक्ष, यश मिले। मंहत ज्ञानी है वह सब कुछ जानता है। लेकिन दूसरे पक्ष के लोग कहते कि ज़मीन परिवार वालो को दी जाए। उनका कहना था इससे उनके परिवार का पेट भरेगा। मंदिर को ज़मीन देना अन्याय होगा। इस तरह दोनों पक्ष अपने-अपने हिसाब से सोच रहे थे परन्तु हरिहर काका के बारे में कोई नहीं सोच रहा था। इन बातों का एक कारण यह भी था कि काका विधुर थे और उनके कोई संतान भी नहीं थी। पंद्रह बीघे ज़मीन के लिए इनका लालच स्वाभविक था।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
अनपढ़ होते हुए भी हरिहर काका दुनिया की बेहतर समझ रखते हैं। कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि लेखक ने यह क्यों कहा, "अज्ञान की स्थिति में ही मनुष्य मृत्यु से डरते हैं। ज्ञान होने के बाद तो आदमी आवश्यकता पड़ने पर मृत्यु को वरण करने के लिए तैयार हो जाता है।"
समाज में रिश्तों की क्या अहमियत है? इस विषय पर अपने विचार प्रकट कीजिए।
हरिहर काका के गाँव में यदि मीडिया की पहुँच होती तो उनकी क्या स्थिति होती? अपने शब्दों में लिखिए।
हरिहर काका की किस स्थिति ने लेखक को चिंतित कर दिया?
यंत्रणाओं के बीच जी रहे हरिहर काका की तुलना लेखक ने किससे की है और क्यों ?
गाँववालों का ठाकुरबारी के प्रति अत्यंत घनिष्ठ संबंध है। स्पष्ट कीजिए।
लेखक ठाकुरबारी से घनिष्ठ संबंध क्यों न बना सका?
हरिहर काका के परिवार का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
हरिहर काका का दिल जीतने के लिए ठाकुरबारी के महंत जी ने क्या-क्या उपाय अपनाया?
हरिहर काका द्वारा ठाकुरबारी में रात बिताने पर उनके भाइयों पर क्या बीती?
ठाकुरबारी से लौटे हरिहर काका सुखद आश्चर्य में क्यों पड़ गए?
ठाकुरबारी के साधु-संतों के व्यवहार से काका को किस वास्तविकता का ज्ञान हुआ? साधु-संतों का ऐसा व्यवहार कितना उचित था?
आप हरिहर काका के भाई की जगह होते तो क्या करते?
| कल भी उनके यहाँ गया था, लेकिन न तो वह कल ही कुछ कह सके और न आज ही। दोनों दिन उनके पास मैं देर तक बैठा रहा, लेकिन उन्होंने कोई बातचीत नहीं की। जब उनकी तबीयत के बारे में पूछा तब उन्होंने सिर उठाकर एक बार मुझे देखा फिर सिर झुकाया तो दुबारा मेरी ओर नहीं देखा। हालाँकि उनकी एक ही नज़र बहुत कुछ कह गई। जिन यंत्रणाओं के बीच वह घिरे थे और जिस मनःस्थिति में जी रहे थे, उसमें आँखें ही बहुत कुछ कह देती हैं, मँहु खोलने की ज़रूरत नहीं पड़ती। |
हरिहर काका की पंद्रह बीघे ज़मीन उनके लिए जी का जंजाल बन गई। कथन के आलोक में अपने विचार व्यक्त कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
उनकी इस स्थिति में मुझे चिंतित कर दिया है। जैसे कोई नाव बीच मझधार में फँसी हो और उस पर सवार लोग चिल्ला कर भी अपनी रक्षा ना कर सकते हो क्योंकि उनकी चिल्लाहट दूर तक फैले सागर के बीच उठती गिरती लहरों में विलीन हो जाने की अतिरिक्त कर ही क्या सकती है। 'हरिहर काका' पाठ से उद्धृत लेखक के इस कथन की संदर्भ सहित विवेचना कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'हरिहर काका कहानी पारिवारिक जीवन में घर कर चुकी स्वार्थपरता और हिंसा-प्रवृत्ति को बेनकाब करती है।' तर्कसंगत उत्तर दीजिए।
पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
“लेखक का हरिहर काका से घनिष्ठ जुड़ाव है।” पाठ में आए इस कथन को तर्क सहित स्पष्ट कीजिए।
