हिंदी

आपके पाठ्यक्रम में किस कविता में वर्षा के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन किया गया है? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

आपके पाठ्यक्रम में किस कविता में वर्षा के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन किया गया है? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।

संक्षेप में उत्तर
Advertisements

उत्तर

'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में कवि ने इस कविता में प्रकृति का ऐसा वर्णन किया है। कवि को ऐसा लग रहा है कि प्रकृति सजीव हो उठी है। कवि कहता है कि वर्षा ऋतु में प्रकृति का रूप हर पल बदल रहा है। कभी वर्षा होती है तो कभी धूप निकल आती है। पर्वतों पर उगे हजारों फूल ऐसे लग रहे है जैसे पर्वतों की आँखे हो और वो इन आँखों के सहारे अपने आपको अपने चरणों ने फैले दर्पण रूपी तालाब में देख रहे हों। पर्वतो से गिरते हुए झरने कल कल की मधुर आवाज कर रहे हैं जो नस नस को प्रसन्नता से भर रहे हैं। पर्वतों पर उगे हुए पेड़ शांत आकाश को ऐसे देख रहे हैं जैसे वो उसे छूना चाह रहे हों। बारिश के बाद मौसम ऐसा हो गया है कि घनी धुंध के कारण लग रहा है मानो पेड़ कही उड़ गए हों अर्थात गायब हो गए हों, चारों ओर धुँआ होने के कारण लग रहा है कि तालाब में आग लग गई है। ऐसा लग रहा है कि ऐसे मौसम में इंद्र भी अपना बादल रूपी विमान ले कर इधर उधर जादू का खेल दिखता हुआ घूम रहा है।

shaalaa.com
पर्वत प्रदेश में पावस
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
2022-2023 (March) Sample

संबंधित प्रश्न

पावस ऋतु में प्रकृति में कौन-कौन से परिवर्तन आते हैं? कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए?


‘सहस्र दृग-सुमन’ से क्या तात्पर्य है? कवि ने इस पद का प्रयोग किसके लिए किया होगा?


पर्वत के हृदय से उठकर ऊँचे-ऊँचे वृक्ष आकाश की और क्यों देख रहे थे?


शाल के वृक्ष भयभीत होकर धरती में क्यों धँस गए?


झरने किसके गौरव का गान कर रहे हैं? 


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-

है टूट पड़ा भू पर अंबर।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-

−यों जलद-यान में विचर-विचर
था इंद्र खेलता इंद्रजाल।


आपकी दृष्टि में इस कविता का सौंदर्य इनमें से किस पर निर्भर करता है −
(क) अनेक शब्दों की आवृति पर
(ख) शब्दों की चित्रमयी भाषा पर
(ग) कविता की संगीतात्मकता पर


कवि ने चित्रात्मक शैली का प्रयोग करते हुए पावस ऋतु का सजीव चित्र अंकित किया है। ऐसे स्थलों को छाँटकर लिखिए।


इस कविता में वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों की बात कही गई है। आप अपने यहाँ वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।


बारिश, झरने, इंद्रधनुष, बादल, कोयल, पानी, पक्षी, सूरज, हरियाली, फूल, फल आदि या कोई भी प्रकृति विषयक शब्द का प्रयोग करते हुए एक कविता लिखने का प्रयास कीजिए।


‘पल-पल परिवर्तित प्रकृति-वेश’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?


पर्वतीय प्रदेश में स्थित तालाब के सौंदर्य का चित्रण कीजिए।


पर्वत से गिरने वाले झरनों की विशेषता लिखिए।


पर्वतों पर उगे पेड़ कवि को किस तरह दिख रहे हैं?


कविता में पर्वत के प्रति कवि की कल्पना अत्यंत मनोरम है-स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर लिखिए कि कवि को ऐसा क्यों लगता है कि जैसे अचानक पर्वत पंख लगाकर उड़ गया हो?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में पर्वतों की दृष्टि किसे कहा गया है? पर्वत अपना प्रतिबिंब कहाँ और क्यों निहार रहे हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×