हिंदी

इस कविता में मानवीकरण अलंकार का प्रयोग किया गया है? स्पष्ट कीजिए।

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

इस कविता में मानवीकरण अलंकार का प्रयोग किया गया है? स्पष्ट कीजिए।

एक पंक्ति में उत्तर
Advertisements

उत्तर

प्रस्तुत कविता में जगह-जगह पर मानवीकरण अलंकार का प्रयोग करके प्रकृति में जान डाल दी गई है जिससे प्रकृति सजीव प्रतीत हो रही है; जैसे − पर्वत पर उगे फूल को आँखों के द्वारा मानवकृत कर उसे सजीव प्राणी की तरह प्रस्तुत किया गया है।

"उच्चाकांक्षाओं से तरूवर
हैं झाँक रहे नीरव नभ पर "

इन पंक्तियों में तरूवर के झाँकने में मानवीकरण अलंकार है, मानो कोई व्यक्ति झाँक रहा हो।

shaalaa.com
पर्वत प्रदेश में पावस
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1.5: पर्वत प्रदेश में पावस - कविता का सौंदर्य [पृष्ठ २४]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
अध्याय 1.5 पर्वत प्रदेश में पावस
कविता का सौंदर्य | Q 1. | पृष्ठ २४

संबंधित प्रश्न

पावस ऋतु में प्रकृति में कौन-कौन से परिवर्तन आते हैं? कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए?


‘सहस्र दृग-सुमन’ से क्या तात्पर्य है? कवि ने इस पद का प्रयोग किसके लिए किया होगा?


झरने किसके गौरव का गान कर रहे हैं? 


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-

है टूट पड़ा भू पर अंबर।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-

गिरिवर के उर से उठ-उठ कर
उच्चाकांक्षाओं से तरुवर
हैं झाँक रहे नीरव नभ पर
अनिमेष, अटल, कुछ चिंतापर।


आपकी दृष्टि में इस कविता का सौंदर्य इनमें से किस पर निर्भर करता है −
(क) अनेक शब्दों की आवृति पर
(ख) शब्दों की चित्रमयी भाषा पर
(ग) कविता की संगीतात्मकता पर


इस कविता में वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों की बात कही गई है। आप अपने यहाँ वर्षा ऋतु में होने वाले प्राकृतिक परिवर्तनों के विषय में जानकारी प्राप्त कीजिए।


‘पल-पल परिवर्तित प्रकृति-वेश’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?


कविता में पर्वत को कौन-सा मानवीय कार्य करते हुए दर्शाया गया है?


पर्वतों पर उगे पेड़ कवि को किस तरह दिख रहे हैं?


कविता में पर्वत के प्रति कवि की कल्पना अत्यंत मनोरम है-स्पष्ट कीजिए।


पर्वतीय प्रदेश में उड़ते बादलों को देखकर कवि ने क्या नवीन कल्पना की है?


‘पर्वत प्रदेश में पावस’ कविता का प्रतिपाद्य अपने शब्दों में लिखिए।


'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता में पर्वत द्वारा अपना प्रतिबिंब तालाब में देखना पर्वत के किन मनोभावों को स्पष्ट करना चाहता है?


आपके पाठ्यक्रम में किस कविता में वर्षा के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन किया गया है? अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।


'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर बताइए कि पर्वतों की ऊँचाई से गिरने वाले झरने किसके यश का गुणगान कर रहे हैं?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'पर्वत प्रदेश में पावस' कविता के आधार पर पर्वतों द्वारा अपने रूप-सौंदर्य को निहारने की कल्पना और कारण को स्पष्ट कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×