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प्रश्न
हरिहर काका के मामले में गाँव वालों की क्या राय थी और उसके क्या कारण थे?
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उत्तर
कहानी के आधार पर गाँव के लोगों को बिना बताए पता चल गया कि हरिहर काका को उनके भाई नहीं पूछते। इसलिए सुख आराम का प्रलोभन देकर मंहत उन्हें अपने साथ ले गया। भाई मन्नत करके काका को वापिस ले आते हैं। इस तरह गाँव के लोग दो पक्षों में बँट गए कुछ लोग मंहत की तरफ़ थे जो चाहते थे कि काका अपनी ज़मीन धर्म के नाम पर ठाकुर बाड़ी को दे दें ताकि उन्हें सुख आराम मिले, मृत्यु के बाद मोक्ष, यश मिले। मंहत ज्ञानी है वह सब कुछ जानता है। लेकिन दूसरे पक्ष के लोग कहते कि ज़मीन परिवार वालो को दी जाए। उनका कहना था इससे उनके परिवार का पेट भरेगा। मंदिर को ज़मीन देना अन्याय होगा। इस तरह दोनों पक्ष अपने-अपने हिसाब से सोच रहे थे परन्तु हरिहर काका के बारे में कोई नहीं सोच रहा था। इन बातों का एक कारण यह भी था कि काका विधुर थे और उनके कोई संतान भी नहीं थी। पंद्रह बीघे ज़मीन के लिए इनका लालच स्वाभविक था।
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हरिहर काका की पंद्रह बीघे ज़मीन उनके लिए जी का जंजाल बन गई। कथन के आलोक में अपने विचार व्यक्त कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
उनकी इस स्थिति में मुझे चिंतित कर दिया है। जैसे कोई नाव बीच मझधार में फँसी हो और उस पर सवार लोग चिल्ला कर भी अपनी रक्षा ना कर सकते हो क्योंकि उनकी चिल्लाहट दूर तक फैले सागर के बीच उठती गिरती लहरों में विलीन हो जाने की अतिरिक्त कर ही क्या सकती है। 'हरिहर काका' पाठ से उद्धृत लेखक के इस कथन की संदर्भ सहित विवेचना कीजिए।
पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
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