Advertisements
Advertisements
प्रश्न
कथावाचक और हरिहर काका के बीच क्या संबंध है और इसके क्या कारण हैं?
Advertisements
उत्तर
कथावाचक और हरिहर काका के बीच संबंध बहुत गहरा, स्नेहपूर्ण और आत्मीय था। जब कथावाचक छोटा था, तभी से हरिहर काका उसे बहुत प्यार करते थे। बड़े होने पर वह केवल काका के प्रिय ही नहीं, बल्कि उनके सबसे विश्वस्त मित्र बन गए। गाँव में हरिहर काका की इतनी निकटता किसी और से नहीं थी।
हरिहर काका कथावाचक से खुलकर अपनी बातें कहते थे, इसलिए कथावाचक को काका के हर सुख-दुःख और उनके जीवन के एक-एक पल की जानकारी रहती थी। लगता है कि हरिहर काका ने उसे प्यार से बड़ा किया और उसे अपना बनाने के लिए वर्षों तक स्नेह और इंतजार किया।
इसी कारण कथावाचक और हरिहर काका के बीच का संबंध गहरी मित्रता, अपनत्व और विश्वास पर आधारित था।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
ठाकुर बाड़ी के प्रति गाँव वालों के मन में अपार श्रद्धा के जो भाव हैं उससे उनकी किस मनोवृत्ति का पता चलता है?
समाज में रिश्तों की क्या अहमियत है? इस विषय पर अपने विचार प्रकट कीजिए।
लेखक ने कैसे जाना कि हरिहर काका उसे बचपन में बहुत प्यार करते थे?
अपने भाइयों के परिवार के प्रति हरिहर काका के मोहभंग की शुरुआत कैसे हुई?
स्वादिष्ट पकवान की आस लगाए बैठे हरिहर काका के सामने जब रूखा-सूखा खाना परोसा गया तो उनकी क्या प्रतिक्रिया हुई ?
परिवार वालों से हरिहर काका के असंतुष्ट होने की बात महंत को कैसे पता चली? यह सुनकर महंत ने क्या किया?
हरिहर काका को छुड़ाने में असफल रहने पर उनके भाई क्या सोचकर पुलिस के पास गए?
पुलिस द्वारा ठाकुरबारी के कमरे से मुक्त कराए गए काका ने वहाँ के महंत, पुजारी और साधुओं की किस असलियत से परिचित कराया?
हरिहर काका के भाइयों और ठाकुरवारी के साधु-संतों के व्यवहार में कोई अंतर नहीं था। स्पष्ट कीजिए।
हरिहर काका की मृत्यु के बाद उनकी जमीन-जायदाद पर कब्जा करने के लिए उनके भाइयों ने क्या योजना बना रखी थी?
‘हरिहर काका के गाँव के लोग ठाकुरबारी और ठाकुर जी के प्रति अगाध भक्ति-भावना रखते हैं।’ हरिहर काका पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
महंत जी ने हरिहर काका की ज़मीन हड़पने के लिए धर्म, मोह और माया का सहारा किस तरह लिया? उनका ऐसा करना आप कितना उचित मानते हैं?
लोभी महंत एक ओर हरिहर काका को यश और बैकुंठ का लोभ दिखा रहा था तो दूसरी ओर पूर्व जन्म के उदाहरण द्वारा भय भी दिखा रहा था। स्पष्ट कीजिए।
ठाकुरबारी के साधु-संतों के व्यवहार से काका को किस वास्तविकता का ज्ञान हुआ? साधु-संतों का ऐसा व्यवहार कितना उचित था?
आप हरिहर काका के भाई की जगह होते तो क्या करते?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
उनकी इस स्थिति में मुझे चिंतित कर दिया है। जैसे कोई नाव बीच मझधार में फँसी हो और उस पर सवार लोग चिल्ला कर भी अपनी रक्षा ना कर सकते हो क्योंकि उनकी चिल्लाहट दूर तक फैले सागर के बीच उठती गिरती लहरों में विलीन हो जाने की अतिरिक्त कर ही क्या सकती है। 'हरिहर काका' पाठ से उद्धृत लेखक के इस कथन की संदर्भ सहित विवेचना कीजिए।
