हिंदी

हरिहर काका को जबरन उठा ले जाने वाले कौन थे? उन्होंने उनके साथ कैसा व्यवहार किया?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

हरिहर काका को जबरन उठा ले जाने वाले कौन थे? उन्होंने उनके साथ कैसा व्यवहार किया?

टिप्पणी लिखिए
Advertisements

उत्तर

मंहत ने हरिहर काका को बहुत प्रलोभन दिए जिससे वह अपनी ज़मीन जायदाद ठाकुर बाड़ी के नाम कर दे परन्तु काका इस बात के लिए तैयार नहीं थे। वे सोच रहे थे कि क्या भगवान के लिए अपने भाइयों से धोखा करूँ? यह उन्हें सही भी नहीं लग रहा था। मंहत को यह बात पता लगी तो उसने छल और बल से रात के समय अकेले दालान में सोते हुए हरिहर काका को उठवा लिया। मंहत ने अपने चेले साधुसंतो के साथ मिलकर उनके हाथ पैर बांध दिए, मुहँ में कपड़ा ठूँस दिया और जबरदस्ती अँगूठे के निशान लिए, उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया। जब पुलिस आई तो स्वयं गुप्त दरवाज़े से भाग गए।

shaalaa.com
हरिहर काका
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 1: हरिहर काका - बोध-प्रश्न [पृष्ठ १९]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi Sanchayan Bhag 2 Class 10
अध्याय 1 हरिहर काका
बोध-प्रश्न | Q 5 | पृष्ठ १९

संबंधित प्रश्न

कथावाचक और हरिहर काका के बीच क्या संबंध है और इसके क्या कारण हैं?


हरिहर काका के मामले में गाँव वालों की क्या राय थी और उसके क्या कारण थे?


कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए कि लेखक ने यह क्यों कहा, "अज्ञान की स्थिति में ही मनुष्य मृत्यु से डरते हैं। ज्ञान होने के बाद तो आदमी आवश्यकता पड़ने पर मृत्यु को वरण करने के लिए तैयार हो जाता है।"


लेखक ने कैसे जाना कि हरिहर काका उसे बचपन में बहुत प्यार करते थे?


लेखक के गाँव का संक्षिप्त परिचय दीजिए।


ठाकुरबारी की प्रबंध समिति और इसके कार्यों का वर्णन कीजिए।

अपने भाइयों के परिवार के प्रति हरिहर काका के मोहभंग की शुरुआत कैसे हुई?


स्वादिष्ट पकवान की आस लगाए बैठे हरिहर काका के सामने जब रूखा-सूखा खाना परोसा गया तो उनकी क्या प्रतिक्रिया हुई ?


परिवार वालों से हरिहर काका के असंतुष्ट होने की बात महंत को कैसे पता चली? यह सुनकर महंत ने क्या किया?


महंत जी ने हरिहर काका का अपहरण किस तरह करवाया?


हरिहर काका को छुड़ाने में असफल रहने पर उनके भाई क्या सोचकर पुलिस के पास गए?


ठाकुरबारी से छुड़ाकर लाए गए हरिहर काका अपने घर के किस वातावरण से अनजान थे?


हरिहर काका के भाइयों और ठाकुरवारी के साधु-संतों के व्यवहार में कोई अंतर नहीं था। स्पष्ट कीजिए।


‘हरिहर काका के गाँव के लोग ठाकुरबारी और ठाकुर जी के प्रति अगाध भक्ति-भावना रखते हैं।’ हरिहर काका पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


आप हरिहर काका के भाई की जगह होते तो क्या करते?


कल भी उनके यहाँ गया था, लेकिन न तो वह कल ही कुछ कह सके और न आज ही। दोनों दिन उनके पास मैं देर तक बैठा रहा, लेकिन उन्होंने कोई बातचीत नहीं की। जब उनकी तबीयत के बारे में पूछा तब उन्होंने सिर उठाकर एक बार मुझे देखा फिर सिर झुकाया तो दुबारा मेरी ओर नहीं देखा। हालाँकि उनकी एक ही नज़र बहुत कुछ कह गई। जिन यंत्रणाओं के बीच वह घिरे थे और जिस मनःस्थिति में जी रहे थे, उसमें आँखें ही बहुत कुछ कह देती हैं, मँहु खोलने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

हरिहर काका की पंद्रह बीघे ज़मीन उनके लिए जी का जंजाल बन गई। कथन के आलोक में अपने विचार व्यक्त कीजिए।


‘इफ़्फ़न के पिता के तबादले के बाद टोपी शुक्ला का अकेलापन और महंत और भाईयों के दुर्व्यवहार के कारण ‘हरिहर काका’ का मौन धारण वर्तमान समाज की ऐसी सच्चाई है, जिससे आज बहुत से लोग पीड़ित हैं।’ इस स्थिति से निकलने में आप ऐसे लोगों को क्या सुझाव देंगे?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×