Advertisements
Advertisements
प्रश्न
रेखांकित शब्द के विलोम शब्द लिखकर नए वाक्य बनाइए।
पूर्व दिशा में सूर्योदय होता है।
Advertisements
उत्तर
सूर्योदय × सूर्यास्त
वाक्य:
सूर्यास्त पश्चिम दिशा में होता है।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
पाठों में आए अलग-अलग काल के वाक्य ढूँढ़कर उनका अन्य कालों में परिवर्तन करो।
निम्नलिखित शब्द का समानार्थी शब्द लिखो तथा उनका वाक्य में प्रयोग करो :
शरीर
निम्नलिखित शब्द के आधार पर मुहावरे लिखकर उनका अपने वाक्य में प्रयोग करो।
जान
निम्न शब्द के पर्यायवाची शब्द लिखिए:

शब्द कोश की सहायता से रेखांकित शब्द का विलोम खोजिए तथा उससे नया वाक्य लिखिए:
पुरानी विचार धारा और परंपरा एकदम घपले में पड़ गई है।
निम्न वाक्य में कारक रेखांकित कर उनके नाम और चिह्न लिखकर पाठ से अन्य वाक्य खोजकर लिखिए:
यहाँ भी लोगों ने रहने के लिए घर बना रखे हैं।
निम्न संधि का विग्रह कर उसका प्रकार लिखिए:
सब कुछ इतना सुंदर सजीव और मनोहर था।
रेखांकित वाक्यांश के स्थान पर उचित मुहावरा लिखिए:
रुग्ण शय्या पर पड़ी माता जी को देखकर मोहन का धीरज धीर-धीरे समाप्त हो रहा था।
निम्नलिखित शब्द का वचन बदलकर वाक्य में प्रयोग करके लिखो:
रोटी →
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :
मेरा गाँव यहॉं बसा है।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :
ताकत के लिए संतुलित आहार आवश्यक है।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
शाबाश! इसी तरह साफ-सुथरा आया करो।
अर्थ के आधार पर वाक्य पढ़ो, समझो और उचित स्थान पर लिखो :
खूब पढ़ो खूब बढ़ो।
किन्हीं पॉंच मुहावरों/कहावतों के सांकेतिक चित्र बनाओ:
जैसे -
= घर की मुर्गी दाल बराबर।
= नौ दो ग्यारह होना।
सूचना, निर्देश, आदेश, अनुरोध, विनती के वाक्य विरामचिह्न सहित पढ़ो और समझो :
‘चंदामामा’ बालपत्रिका पढ़ो।
पढ़ो :
पाई हटाकर जुड़ें हम
| ग्वाला | पुष्प |
| गुच्छा | डिब्बा |
| चप्पल | पत्थर |
मुखर वाचन करो और अनुलेखन करो :
सोआ, मेथी, पालक, चौलाई; हरी सब्जियाँ मन को भाएँ |
बैंगन, कुम्हड़ा, लहसुन, प्याज; गाजर, मूली बहुत लुभाएँ |
ककड़ी, मटर, आलू लाओ; लाल टमाटर को मित्र बनाओ |
चुकंदर, भुट्टा, कददू खाओ; हर बीमारी को दूर भगाओ |

नीचे दिए वाक्यांशों में हुए भाषा के विशिष्ट प्रयोगों को पाठ के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।
- सीमाओं से खिलवाड़ करना
- समाज से दुरदुराया जाना
- सुदूर रूमानी संभावना
- सारी गरिमा सुई-चुभे गुब्बारे जैसे फुस्स हो उठेगी।
- जिसमें रोमांस हमेशा पंक्चर होते रहते हैं।
‘मैं सेवाग्राम में ............... माँ जैसी लगती’ गद्यांश में क्रिया पर ध्यान दीजिए।
निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| अन्य | भिन्न | |||
निम्न शब्द के तीन पर्यायवाची शब्द रिक्त स्थान में लिखिए:-
| शब्द | पर्यायवाची शब्द | |||
| पवन | ||||
शब्द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-
| विग्रह | शब्द | विलोम |
| दुः + भाग्य | × |
निम्न संवाद को पढ़िए, समझिए तथा कारक रेखांकित करके उनके चिह्नों के नाम लिखिए:-
|
जंगल के राजा शेरसिंह टेलीविजन पर समाचार देख रहे थे, कई समाचार बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के बारे में थे, वे इसके समाधान के लिए कुछ करना चाहते थे- |
|
| शेरसिंह - | जंबो हाथी को बुलाया जाए। |
| सेवक - | जो आज्ञा महाराज। |
| जंबाे - | प्रणाम महाराज, आपने मुझे याद किया। |
| शेरसिंह - | जंगल में सड़क दुर्घटनाएँ बहुत बढ़ गई हैं। लोग नियमों से दूर जा रहे हैं। इससे मैं बहुत दुखी हूँ। |
| जंबो - | चिंता न करें, मैं इस मामले में आपकी सहायता करूँगा। मुझे रिपोर्ट बनाने के लिए समय दें। |
| शेरसिंह - | जंबो ! तुम पूरा समय लो। (कुछ दिनों बाद रिपोर्ट लेकर जंबो पहुँचा।) |
| जंबो - | महाराज, जंगल निवासी ट्रैफिक के नियमों का पालन नहीं करते हैं। |
| शेरसिंह - | ठीक है, हम नागरिकों से ट्रैफिक के नियमों का सख्ती से पालन करवाएँगे। |
| जंबो - | दोपहिया चलाने वालों को हेल्मेट पहनना और कार चलाने वालों को सीट बेल्ट बांधना अनिवार्य कर सकते हैं। |
| शेरसिंह - | विद्यालयों, अस्पतालों और पार्किंगवाले स्थानों के पास गति सीमा को बताने वाले चिह्नों को क्यों न लगा दिया जाए? |
| जंबो - | महाराज, साइकिल चलाने वालों और पैदल चलने वालों के लिए आप एक अलग से रास्ता बनवा सकते हैं। |
| शेरसिंह - | तुम्हारी सलाह के लिए तुम्हें धन्यवाद। |
| क्र. | कारक | कारक चिह्न |
प्रत्यययुक्त शब्द लिखिए।
इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्सम, तद्भव शब्द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्द ढूँढ़िए।
|
कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है। हिंदी में कुछ शब्द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं। शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है। हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा। तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे। |
पाठ्यपुस्तक के पाठ (सच का सौदा) से बीस विशेष शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
‘निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल’ इस कथन की सार्थकता स्पष्ट कीजिए ।
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
______ किसी ने ______ के हिंडोले से पुकारा।
शब्द संपदा -
शब्दों के लिंग, वचन, विलोमार्थक, समानार्थी, पर्यायवाची, शब्दयुग्म, अनेक शब्दों के लिए एक शब्द, भिन्नार्थक शब्द, कठिन शब्दों के अर्थ, विरामचिह्न, उपसर्ग-प्रत्यय पहचानना/अलग करना, लय-ताल युक्त शब्द ।
निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित शब्द के लिए सही शब्द का चयन कीजिए:
संकट की घड़ी में ऋण प्रदान करने के लिए श्रीलंका, विश्वबैंक का कृतघ्न है।
