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प्रश्न
निम्नलिखित मुहावरे के सही अर्थ का चयन कीजिए।
पाँचो अंगुलियाँ घी में होना
विकल्प
बहुत लाभ होना
बहुत भूख लगना
बहुत प्रिय होना
बहुत खुश होना
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उत्तर
बहुत लाभ होना
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संबंधित प्रश्न
सूचना के अनुसार शब्द में परिवर्तन कीजिए:

निम्न विरमचिन्ह का नाम लिखकर उनका वाक्य में प्रयोग करो :
‘ ’
पाठों में आए सभी प्रकार के सर्वनाम ढूँढ़कर उनका अपने वाक्यों में प्रयोग करो।
कविता (सौहार्द-सौमनस्य) में प्रयुक्त विलोम शब्दों की जोड़ियाँ लिखो।
नीचे दिए गए चिह्नों के सामने उनके नाम लिखिए तथा वाक्यों में उचित विरामचिह्न लगाइए :
| क्र. | चिह्न | नाम | वाक्य |
| १. | - | १. स्त्री शिक्षा को लेकर लेखक के क्या विचार थे | |
| २. | . | २. श्याम तुम आ गए | |
| ३. | __ | ३. मोहन बोला तुमने जो कुछ कहा ठीक है | |
| ४. | [ ] | ४. जीवन संग्राम में सब लड़ रहे हैं कुछ जीतेंगे कुछ हारेंगे | |
| ५. | "......." | ५. भरत भैया ऐसा ना कहो | |
| ६. | , | ६. अरे क्या मैं झूठ बोल रहा हूँ | |
| ७. | ! | ७. जी धन्यवाद | |
| ८. | ; | ८. इसके अलावा तुमने तीन छुट्टियाँ और ली है ठीक है न | |
| ९. | ( ) | ९. अच्छा और इतनी बड़ी बात तुम्हारी मालकिन ने मुझे बताई तक नहीं | |
| १०. | । | १०. आप कह रहे हैं तो आप ने दिए ही होंगे |
प्रेरणार्थक क्रिया का रूप पहचानकर उसका वाक्य में प्रयोग कीजिए:
महाराजा उम्मेद सिंह द्वारा निर्मित होने से ‘उम्मेद भवन’ कहलवाया जाता है।
सहायक क्रिया पहचानिए:
हम मेहरान गढ़ किले की ओर बढ़ने लगे।
निम्नलिखित शब्द का वचन बदलकर वाक्य में प्रयोग करके लिखो:
रोटी →
निम्नलिखित शब्द के युग्म शब्द बताओ और वाक्य में उचित शब्दयुग्म लिखो:
______ - फूल
बाजार से बहुत सारे ______ खरीदकर लाए।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो तथा मोटे और अधोरेखित किये गए शब्दों पर ध्यान दो :
नागपुर से रायगढ़ की ओर गए।
निम्नलिखित वाक्य पढ़ो और मोटे और अधोरेखित किये गए शब्द पर ध्यान दो :
छिः! तुम झूठ बोलते हो।
दिए गए शब्द कार्ड देखो पढ़ो और उनकी सहायता से सरल, मिश्र तथा संयुक्त वाक्य बनाकर कक्षा में सुनाओ। ( एक शब्द कार्ड का प्रयोग अनेक बार कर सकते हैं।)
| रहा | घर | यह | सड़क | पानी | और | |||||
| राष्ट्रीय | बाईं | उदाहरण | का | बरसना | के | |||||
| ओर | वहीं | दाईं | भारत | जी | है | |||||
| एकात्मता | हैं | कुआँ | उत्तम | देश | की |
विरामचिह्न रहित अनुच्छेद में विरामचिह्न लगाओ।
(,, !, ।, ?, -, – , ‘ ’ , ‘‘ ’’)
काबुलीवाले ने पूछा बिटिया अब कौन सी चूड़ियॉं चाहिए मैंने अपनी गुड़िया दिखाकर कहा मेरी गुड़िया के लिए अच्छी सी चूड़ियॉं दे दो जैसे लाल नीली पीली (यह अनुच्छेद काबुलीवाला कहानी से है।)
अशुद्ध शब्द को रेखांकित कर वाक्य शुद्ध करके लिखिए:-
मैं लिखना-पढ़ना करने लगा हूँ।
उचित विरामचिह्न लगाइए:-
अनुवादित अनूदित ग्रंथ कुटीर
शब्द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-
| विग्रह | शब्द | विलोम |
| + | प्रत्यक्ष | × |
शब्द बनाइए, विग्रह कीजिए तथा विलोम शब्द लिखिए:-
| विग्रह | शब्द | विलोम |
| दुः + भाग्य | × |
निर्देशानुसार संधि विच्छेद, संधि तथा उनका नामोल्लेख कीजिए:
| संधि | संधि विच्छेद | संधि का प्रकार |
| ______ | निः + संतान |
पाठ्यपुस्तक की दूसरी इकाई के ७ से १३ के पाठों से भेदों सहित क्रियाओं को ढूँढ़कर उनका वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
परिच्छेद से समुच्च्यबोधक अव्यय ढूँढकर लिखिए।
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भारत में आकर हालात फिर वही थे। एवरेस्ट के लिए जितने पैसे आवश्यक थे उतने मेरे पास नहीं थे। आखिर मेरे पिता जी ने अपना घर गिरवी रखा। माँ और बहनों ने अपने गहने बेच दिए और जीजा जी ने ऋण ले लिया। सब कुछ दाँव पर लगाकर मैं एवरेस्ट चढ़ाई के लिए निकल पड़ा। काठमांडू से एवरेस्ट जाते समय ‘नामचे बाजार’ से एवरेस्ट शिखर का प्रथम दर्शन हुए। मैंने पुणे की टीम ‘सागरमाथा गिर्यारोहण संस्था’ के साथ इस मुहीम पर था। बहुत जल्द हमने १९००० फीट पर स्थित माउंट आयलैड शिखर पर चढ़ाई की। इसके बाद हम एवरेस्ट बेसकैंप में पहुँचे। चढ़ाई के पहले पड़ाव पर सागरमाथा संस्था के अध्यक्ष रमेश गुळवे जी को पक्षाघात का दौरा पड़ा। उन्हें वैद्यकीय उपचार के लिए काठमांडू से पूना ले गए किंतु उनका देहांत हो गया। मैं और मेरे सााथियों पर मानो दुख का एवरेस्ट ही टूट पड़ा। फिर भी हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया। |
पाठ (चेतना) में आए अव्ययों को ढूँढ़िए और उनके भेद बताकर वाक्य में प्रयोग कीजिए।
इस निबंध के अंश पढ़कर विदेशी, तत्सम, तद्भव शब्द समझिए। इसी प्रकार के अन्य पाँच-पाँच शब्द ढूँढ़िए।
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कुछ भाषाओं के शब्द किसी भी अन्य भाषा से मित्रता कर लेते हैं और उन्हीं में से एक बन जाते हैं। अंग्रेजी भाषा के कई शब्द जिस किसी प्रदेश में गए, वहॉं की भाषाओं में घुलमिल गए। जैसे- ‘बस, रेल, कार, रेडियो, स्टेशन’ आदि। कहा जाता है कि तमिळ भाषा के शब्द केवल अपने परिवार द्रविड़ परिवार तक ही सीमित रहते हैं। वे किसी से घुलना, मिलना नहीं चाहते। अलबत्ता हिंदी के शब्द मिलनसार हैं परंतु सब नहीं; कुछ शब्द तो अंत तक अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखते हैं। अपने मूल रूप में ही वे अन्य स्थानों पर जाते हैं। कुछ शब्द अन्य भाषा के साथ इस प्रकार जुड़ जाते हैं कि उनका स्वतंत्र रूप खत्म-सा हो जाता है। हिंदी में कुछ शब्द ऐसे भी पाए जाते हैं जो दो भिन्न भाषाओं के शब्दों के मेल से बने हैं। अब वे शब्द हिंदी के ही बन गए हैं। जैसे- हिंदी-संस्कृत से वर्षगाँठ, माँगपत्र; हिंदी-अरबी/फारसी से थानेदार, किताबघर; अंग्रेजी-संस्कृत से रेलयात्री, रेडियोतरंग; अरबी/फारसी-अंग्रेजी से बीमा पाॅलिसी आदि। इन शब्दों से हिंदी का भी शब्द संसार समृद्ध हुआ है। कुछ शब्द अपनी मॉं के इतने लाड़ले होते हैं कि वे मॉं-मातृभाषा को छोड़कर औरों के साथ जाते ही नहीं। कुछ शब्द बड़े बिंदास होते हैं, वे किसी भी भाषा में जाकर अपने लिए जगह बना ही लेते हैं। शब्दों के इस प्रकार बाहर जाने और अन्य अनेक भाषाओं के शब्दों के आने से हमारी भाषा समृद्ध होती है। विशेषतः वे शब्द जिनके लिए हमारे पास प्रतिशब्द नहीं होते। ऐसे हजारों शब्द जो अंग्रेजी, पुर्तगाली, अरबी, फारसी से आए हैं; उन्हें आने दीजिए। जैसे- ब्रश, रेल, पेंसिल, रेडियो, कार, स्कूटर, स्टेशन आदि परंतु जिन शब्दों के लिए हमारे पास सुंदर शब्द हैं, उनके लिए अन्य भाषाओं के शब्दों का उपयोग नहीं होना चाहिए। हमारे पास ‘मॉं’ के लिए, पिता के लिए सुंदर शब्द हैं, जैसे- माई, अम्मा, बाबा, अक्का, अण्णा, दादा, बापू आदि। अब उन्हें छोड़ मम्मी-डैडी कहना अपनी भाषा के सुंदर शब्दों को अपमानित करना है। हमारे मुख से उच्चरित शब्द हमारे चरित्र, बुद्धिमत्ता, समझ और संस्कारों को दर्शाते हैं इसलिए शब्दों के उच्चारण के पूर्व हमें सोचना चाहिए। कम-से-कम शब्दों में अर्थपूर्ण बोलना और लिखना एक कला है। यह कला विविध पुस्तकों के वाचन से, परिश्रम से साध्य हो सकती है। मात्र एक गलत शब्द के उच्चारण से वर्षों की दोस्ती में दरार पड़ सकती हैं। अब किस समय, किसके सामने, किस प्रकार के शब्दों का प्रयोग करना चाहिए इसे अनुभव, मार्गदर्शन, वाचन और संस्कारों द्वारा ही सीखा जा सकता है। सुंदर, उपयुक्त और अर्थमय शब्दों से जो वाक्य परीक्षा में लिखे जाते हैं उस कारण ही अच्छी श्रेणी प्राप्त होती है। अनाप-शनाप शब्दों का प्रयोग हमेशा हानिकारक होता है। प्रत्येक व्यक्ति के पास स्वयं की शब्द संपदा होती है। इस शब्द संपदा को बढ़ाने के लिए साहित्य के वाचन की जरूरत होती है। शब्दों के विभिन्न अर्थों को जानने के लिए शब्दकोश की भी जरूरत होती है। शब्दकोश का एक पन्ना रोज एकाग्रता से पढ़ोगे तो शब्द संपदा की शक्ति का पता चल जाएगा। तो अब तय करो कि अपनी शब्द संपदा बढ़ानी है। इसके लिए वाचन-संस्कृति को बढ़ाओ। पढ़ना शुरू करो। तुम भी शब्द संपदा के मालिक हो जाओगे। |
पाठ्यपुस्तक के पाठ (सच का सौदा) से बीस विशेष शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
रेखांकित शब्द के विलोम शब्द लिखकर नए वाक्य बनाइए।
हमें सदैव अपने लिए किए गए कामों के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए ।
रिक्त स्थान की पूर्ति अव्यय शब्द से कीजिए और नया वाक्य बनाइए:
______ किसी ने ______ के हिंडोले से पुकारा।
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
| चिह्न | नाम | वाक्य |
| “.......” |
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
| चिह्न | नाम | वाक्य |
| ! |
नीचे दिए गए विरामचिह्न के सामने उनके नाम लिखकर इनका उपयोग करते हुए वाक्य बनाइए:
| चिह्न | नाम | वाक्य |
| ; |
निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित शब्द के लिए सही शब्द का चयन कीजिए:
संकट की घड़ी में ऋण प्रदान करने के लिए श्रीलंका, विश्वबैंक का कृतघ्न है।
