Advertisements
Advertisements
प्रश्न
राजप्पा अलबम के जलाए जाने की बात नागराजन को क्यों नहीं कह पाता है? अगर वह कह देता तो क्या कहानी के अंत पर कुछ फ़र्क पड़ता? कैसे?
Advertisements
उत्तर
राजप्पा पुलिस द्वारा पकड़ लिए जाने के डर से नागराजन को नहीं बता पाता है कि उसको अलबम उसने जला दिया है। अगर वह बता देता तो कहानी का अंत कुछ और होता। संभव है नागराजन उससे लड़ पड़ता। उसके माता-पिता से इसकी शिकायत करता। राजप्पा को डाँट सुननी पड़ती। हो सकता है, नागराजन स्कूल में भी सबको बता देता और राजप्पो को शर्मिंदगी झेलनी पड़ती।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
क्या अपने माता-पिता के लिए तुम्हें कुछ करने का मौका मिला है?
राम कथा का कौन-सा प्रसंग तुम्हें सबसे रोचक लगा? उसे अपने शब्दों में लिखिए।
हमारे देश में तरह-तरह के भोजन, तरह-तरह की पोशाकें प्रचलित हैं। कक्षा के बच्चे और शिक्षक इनके विविध रूपों के बारे में बातचीत करें। उत्तर-छात्र स्वयं करें।
श्यामा माँ से बोली, “मैंने आपकी बातचीत सुन ली है।”
ऊपर दिए उदाहरण में मैंने का प्रयोग ‘श्यामा’ के लिए और आपकी का प्रयोग ‘माँ’ के लिए हो रहा है। जब सर्वनाम का प्रयोग कहने वाले, सुनने वाले या किसी तीसरे के लिए हो, तो उसे पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। नीचे दिए गए वाक्यों में तीनों प्रकार के पुरुषवाचक सर्वनामों के नीचे रेखा खींचो-
बहुविकल्पीय प्रश्न:
पहले गीत-संगीत सुनने के क्या साधन थे?
बहुविकल्पीय प्रश्न
अक्षर ज्ञाने से पहले मनुष्य किस प्रकार संदेश भेजता था?
अब तक दुनिया में कितनी पुस्तकें छप चुकी हैं?
छोटू को सुरंग में जाने की इजाज़त क्यों नहीं थी? पाठ के आधार पर लिखो।
छोटू ने चारों तरफ़ नज़र दौड़ाई।
छोटू ने चारों तरफ़ देखा।
- उपर्युक्त वाक्यों में समानता होते हुए भी अंतर है। मुहावरे वाक्यों को विशिष्ट अर्थ देते हैं। ऐसा ही मुहावरा पहली पंक्ति में दिखाई देता है। नीचे दिए गए वाक्यांशों में नज़र के साथ अलग-अलग क्रियाओं का प्रयोग हुआ है, जिनसे मुहावरे बने हैं। इनके प्रयोग से वाक्य बनाओ
| नज़र पड़ना | नज़र रखना |
| नज़र आना | नज़रें नीची होना |
‘साथी हाथ बढ़ाना’ वाक्य किस ओर संकेत करता है?
माँ मोहन के 'ऐसे-ऐसे' कहने पर क्यों घबरा रही थी?
'प्रकृति का जादू' किसे कहा गया है?
तुम्हें किसी ऐसे व्यक्ति से मिलने का मौका मिले जिसे दिखाई न देता हो तो तुम उससे सुनकर, सूँधकर, चखकर, छूकर अनुभव की जानेवाली चीज़ों के संसार के विषय में क्या-क्या प्रश्न कर सकते हो? लिखो।
पत्थर अपनी कहानी हमें कैसे बताते हैं?
- मैं अब इस तरह के उत्तरों की आदी हो चुकी हूँ।
- उस बगीचे में आम, अमलतास, सेमल आदि तरह-तरह के पेड़ थे।
ऊपर दिए गए दोनों वाक्यों में रेखांकित शब्द देखने में मिलते-जुलते हैं, पर उनके अर्थ भिन्न हैं। नीचे ऐसे कुछ और शब्द दिए गए हैं। वाक्य बनाकर उनका अर्थ स्पष्ट करो
|
अवधि |
- |
अवधी |
ओर |
- |
और |
|
में |
- |
मैं |
दिन |
- |
दीन |
|
मेल |
- |
मैल |
सिल |
- |
सील |
‘जब तुम मेरे साथ रहती हो, तो अकसर मुझसे बहुत-सी बातें पूछा करती हो।’
यह वाक्य दो वाक्यों को मिलाकर बना है। इन दोनों वाक्यों को जोड़ने का काम जब-तो (तब) कर रहे हैं, इसलिए | इन्हें योजक कहते हैं। योजक के रूप में कभी कोई बदलाव नहीं आता, इसलिए ये अव्यय का एक प्रकार होते हैं। नीचे वाक्यों को जोड़ने वाले कुछ और अव्यय दिए गए हैं। उन्हें रिक्त स्थानों में लिखो। इन शब्दों से तुम भी एक-एक वाक्य बनाओ-
बल्कि / इसलिए / परंतु / कि / यदि / तो / न कि / या / ताकि।
- कृष्णन फ़िल्म देखना चाहता है ___________ मैं मेले में जाना चाहती हूँ।
- मुनिया ने सपना देखा ____________ वह चंद्रमा पर बैठी है।
- छुट्टियों में हम सब ___________ दुर्गापुर जाएँगे _________ जालंधर।
- सब्ज़ी कटवा कर रखना ___________ घर आते ही मैं खाना बना लें।
- _________ मुझे पता होता कि शमीना बुरा मान जाएगी _______ मैं यह बात न कहती।
- इस वर्ष फ़सल अच्छी नहीं हुई है _________ अनाज महँगा है।
- विमल जर्मन सीख रहा है _________ फ्रेंच।
आश्रम में किसी सहायक को रखते समय गांधी जी का क्या-क्या आग्रह रहता था? क्यों?
हमारे यहाँ स्त्रियों के खास गीत कौन-कौन से हैं?
‘बारहमासा’ गीत में साल के बारह महीनों का वर्णन होता है। नीचे विभिन्न अंकों से जुड़े कुछ शब्द दिए गए हैं। इन्हें पढ़ो और अनुमान लगाओ कि इनका क्या अर्थ है और वह अर्थ क्यों है? इसी सूची में तुम अपने मन से सोचकर भी कुछ शब्द जोड़ सकते हो-
- इकतारा
- सरपंच
- चारपाई
- सप्तर्षि
- अठन्नी
- तिराहा
- दोपहर
- छमाही
- नवरात्र
- चौराहा
तुमने कपड़ों को सिलते हुए देखा होगा। नीचे इस काम से जुड़े हुए कुछ शब्द दिए गए हैं। आसपास के बड़ों से या दरजी से इन शब्दों के बारे में पूछो और इन शब्दों को कुछ वाक्यों में समझाओ।
- तुरपाई
- बखिया
- कच्ची सिलाई
- चोर सिलाई
